Tapti Barrage Pipeline Project: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। बैतूल शहर तक ताप्ती बैराज से दोगुनी मात्रा में पानी लाने के लिए एक और पाइप लाइन बिछाने की योजना है। नगर पालिका ने इसके लिए ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। पाइप लाइन बिछाने और नया इंटकवेल बनाने पर करीब 32 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा बैराज के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरूस्त करने की कवायद भी जारी है। इसके लिए भोपाल से एक टीम ने आकर सर्वे किया है। 

शहर में अभी ताप्ती बैराज से केवल साढ़े 7 एमएलडी पानी आ रहा है। यह शहर की जरुरत के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। यही कारण है कि अभी शहर में एक दिन के अंतराल से पानी की सप्लाई हो रही है। नवागत सीएमओ नवनीत पांडेय ने पिछले दिनों ताप्ती बैराज का निरीक्षण कर ज्यादा पानी शहर तक लाने की संभावनाएं तलाशी थी। इसमें यह विकल्प सामने आया था कि यदि एक और पाइप लाइन बिछा दी जाए तो दोगुनी मात्रा में पानी लाया जा सकता है। इसी के चलते उन्होंने सहायक यंत्री नीरज धुर्वे को इस संबंध में 10 दिनों में प्लान बनाने के निर्देश दिए थे। 

इतना खर्च आने का है अनुमान 

इसे लेकर फिलहाल जो ड्राफ्ट तैयार हुआ है, उसमें ताप्ती बैराज से बैतूल तक 15 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने और नया इंटकवेल बनाने पर करीब 32 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इसमें बैतूल शहर में बिना पाइप लाइन नेटवर्क वाले क्षेत्रों में करीब 15 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाना भी शामिल है। अब इस ड्राफ्ट को मुख्यालय भिजवाया जाएगा। वहां से इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करवाई जाएगी। 

नया फिल्टर प्लांट बनाने का भी प्लान

नगर पालिका की योजना बढ़ती जरुरतों को देखते हुए भविष्य के लिए नया फिल्टर प्लांट बनाने की भी है। हालांकि अभी जो फिल्टर प्लांट है उसकी क्षमता रोजाना 23 एमएलडी पानी फिल्टर करने की है। अभी केवल साढ़े 7 एमएलडी पानी ही आ रहा है और क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो रहा है। दो पाइप लाइन होने पर भी 15-16 एमएलडी पानी आएगा। जिससे इस फिल्टर प्लांट से काम चल जाएगा, लेकिन भविष्य की जरुरतों और शहर को 2 जोन में बांट कर पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए नगर पालिका दूसरे फिल्टर प्लांट की योजना भी बना रही है। 

बैराज की मरम्मत के लिए निरीक्षण 

ताप्ती बैराज वर्तमान में क्षतिग्रस्त पड़ा है। जल संसाधन विभाग से नपा ने इसकी मरम्मत के लिए डीपीआर बुलवाई थी। विभाग ने इसकी मरम्मत के लिए ही 17-18 करोड़ रुपये का खर्च बता दिया था। इसे देखते हुए नगर पालिका ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ही टीम बुलवाई थी। भोपाल से आई इस टीम ने मंगलवार को बैराज का निरीक्षण किया है। इस टीम द्वारा अब रिपोर्ट तैयार कर नगर पालिका को जानकारी दी जाएगी कि इसकी मरम्मत कैसे की जा सकती है और इस पर खर्च कितना आएगा।