HPV Vaccination Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम करने नि:शुल्क लगाए जा रहे एचपीवी वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया में चल रही अफवाहों और भ्रामक समाचारों के बीच आदिवासी बहुल बैतूल जिले में 64.57 फीसदी वैक्सीनेशन पूर्ण हो गया है। वैक्सीनेशन को लेकर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रांजल उपाध्याय का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई भी मेटाएनालिसिस नहीं हुआ है कि एचपीवी वैक्सीन से बेटियों को भविष्य में प्रजनन क्षमता पर कोई असर नहीं होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा करवाए गए कई मेटाएनालिसिस और स्टडी में यह सामने आया है कि एचपीवी वैक्सीन लगवाने के बाद सर्वाइकल कैंसर से 85 से 90 फीसदी तक बचाव होता है। 

महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बाद दूसरा सर्वाधिक कैंसर सर्वाइकल कैंसर होता है। सर्वाइकल कैंसर से बचने 14 से 15 वर्ष के बीच की बालिकाओं को यदि एचपीवी वैक्सीन लग जाए तो वैक्सीन लगवाने वाली बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना 85 से 90 फीसदी तक कम हो जाती है। देश में अभी तक यह वैक्सीन प्राइवेट अस्पतालों में लगभग 8 हजार रुपये खर्च करने पर लगता था, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की बेटियां यह वैक्सीन नहीं लगवा पाती थी। केंद्र सरकार द्वारा इस साल नि:शुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाने की शुरूआत की गई और भविष्य में इसे रूटिन वैक्सीनेशन में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। देश भर में नि:शुल्क वैक्सीनेशन की शुरूआत 28 फरवरी से हो गई है। वैक्सीनेशन 28 मई तक चलेगा। वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद सोशल मीडिया पर रील और भ्रामक समाचारों के तेजी से अफवाह फैलने लगी कि एचपीवी वैक्सीन लगवाने से बालिकाओं में आगे चलकर प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। इसके बाद कई महानगरों और शहरों क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की गति होने लगी। बावजूद इसके आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले में 64.57 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है। 

घोड़ाडोंगरी ब्लॉक में सर्वाधिक वैक्सीनेशन

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रांजल उपाध्याय ने बताया कि जिले में 14 से अधिक और 15 वर्ष से कम 15 हजार, 827 बालिकाओं को वैक्सीन लगना है। मंगलवार तक जिले में 9 हजार 827 बालिकाओं (64.57 फीसदी) को वैक्सीन लग चुका है। ब्लॉकवार देखे तो आदिवासी बाहुल्य घोड़ाडोंगरी विकासखंड में सर्वाधिक 1561 बालिकाओं को वैक्सीन लग चुका है। इसी प्रकार आमला में 1277, बैतूल ग्रामीण में 1266, भीमपुर में 1099, मुलताई में 834, प्रभातपट्टन में 824, चिचोली में 744, आठनेर में 668, भैंसदेही में 655, शाहपुर में 592 और बैतूल शहर में 387 बालिकाओं को वैक्सीन लगाया जा चुका है। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि वैक्सीन लगाने के लिए बालिकाओं और उनके माता-पिता को समझाइश देने स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों में कैंप लगाए जा रहे हैं। वैक्सीनेशन मई माह के आखिर तक चलेगा। 

14 देशों में 6 करोड़ बालिकाओं पर की गई स्टडी 

सोशल मीडिया पर एचपीवी वैक्सीन को लेकर चल रही अफवाह पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रांजल उपाध्याय का कहना है कि ऐसी कोई भी स्टडी या मेटाएनालिसिस नहीं है कि एचपीवी वैक्स्ीन से भविष्य में बालिकाओं की प्रजनन क्षमता पर कोई असर पड़ता हो या बांझपन की समस्या आती है। इसके विपरीत डब्ल्यूएचओ द्वारा 2019 में करवाए गए ग्लोबल मेटाएनालिसिसि लॉन्सेट-2019 स्टडी के अनुसार 14 देशों में 6 करोड़ बालिकाओं पर की गई स्टडी, डब्ल्यूएचओ पूल स्टडी, कोक्रेन सिस्टेमिक रिव्यू, स्वीडन कोहॉर्ट स्टडी सहित अन्य कई स्टडी में साबित हुआ है कि एचपीवी वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर में 85 से 90 फीसदी बचाव होता है। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि यह टीका सुरक्षित और प्रभावी है। उन्होंने सभी पात्र बालिकाओं और उनके माता-पिता से एचपीवी वैक्सीन अनिवार्य रूप से लगवाने की अपील की है।