Shastri Stadium Betul: लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम का कमर्शियल उपयोग: बिना अनुमति कोचिंग, सुरक्षा इंतजाम नदारद
Shastri Stadium Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। नगर पालिका परिषद के स्वामित्व वाले शहर के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम का इन दिनों कमर्शियल उपयोग हो रहा है। बच्चों को क्रिकेट की कोचिंग देने के नाम पर यहां कुछ लोगों द्वारा क्रिकेट एकेडमी का संचालन किया जा रहा हैं, जो क्रिकेट सीखने आने वाले बच्चों से मोटी फीस भी वसूल रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ भी मुहैया नहीं करवा रहे हैं। हालत यह है कि खिलाड़ियों द्वारा बैटिंग करने के दौरान कई बार बाल स्टेडियम के बाहर भी आ जाती है, जिससे बाहर खड़े वाहनों के कांच तक टूट जा रहे हैं वहीं कई बार राहगीरों या दोपहिया वाहन चालकों को भी लग जाती है। स्टेडियम की बाहरी दीवार की ऊंचाई लगभग १० फीट है। जिससे दिन में कई बार बॉल बाहर आकर सड़क पर या वाहनों पर गिरती है। वह तो गनीमत है कि टेनिस बाल से क्रिकेट खेल रहे हैं। यदि कार्क की बॉल रहे तो गंभीर हादसा हो सकता है। बच्चों से क्रिकेट कोचिंग के नाम पर मोटी फीस वसूलने वाले क्रिकेट कोच बाहरी दीवार पर यदि ऊंचा नेट लगा दें तो बाल बाहर आने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएंगी, लेकिन नेट लगाने के लिए भी वे नगर पालिका की राह तक रहे हैं।
शहर के सबसे पुराने स्टेडियम लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में खेलों के साथ अनेक शासकीय, धार्मिक एवं अन्य आयोजन होते रहते हैं, लेकिन आयोजकों द्वारा इसके लिए नगर पालिका से परमिशन ली जाती है। पिछले कुछ समय से लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में कुछ लोगों द्वारा नगर पालिका की अनुमति लिए बिना क्रिकेट की कोचिंग शुरू कर दी गई है। इनके द्वारा कोचिंग के नाम पर बच्चों से मोटी फीस वसूल की जा रही है। स्टेडियम में इनके द्वारा तीन-चार स्थानों पर नेट भी लगा दिए गए हैं। जिसमें बच्चों को बैटिंग एवं बालिंग का अभ्यास करवाया जाता है। इसके साथ ही ग्राउंड में मैच प्रैक्टिस भी करवाई जा रही है।
नीची दीवार होने से बाहर आती है बाल
स्टेडियम में चारों ओर बाहरी दीवारों की ऊंचाई लगभग १० फीट है। स्टेडियम के बाहर तीन साइड सड़कें हैं, जिससे दिन भर आवाजाही होती रहती है। अभिनंदन सरोवर के साईड तो मुख्य सड़क होने से यात्री बसों के साथ लगातार वाहनों की आवाजाही बनी रहती है वहीं सरोवर के सामने अघोषित रूप से टैक्सी स्टैंड भी बना है जहां दिन भर लाईन से कारें खड़ी रहती हैं। मैच के दौरान बल्लेबाज द्वारा ऊंचा शॉट मारने पर कई बार बॉल स्टेडियम से बाहर आ जाती है, जो कभी राहगीर को लगती है तो कभी वाहन चालकों को लग जाती है, जिससे आए दिन हादसे होते है। पिछले दिनों तो एक टवेरा वाहन का कांच भी टूट गया था। जिसके बाद सड़क पर विवाद भी हुआ था।
नेट लगाने से बाहर नहीं आएंगी बॉल
स्टेडियम में दर्शकों के बैठने के लिए बनाई गई गैलरी के ऊपर यदि लगभग दस फीट ऊंचाई तक नेट लगा दिया जाए तो बाल के बाहर आने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएंगी, लेकिन नेट कौन लगवाएं, इसको लेकर यहां विवाद है। मोटी रकम लेकर क्रिकेट कोचिंग देने वाले नेट लगाने के लिए भी नगर पालिका की राह तक रहे हैं। उनका मानना है कि स्टेडियम नगर पालिका का है तो नेट भी नगर पालिका ही लगाएंगी। इसके चलते यहां नेट नहीं लग पा रहा है।
जिम्मेदार बोले...
लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में क्रिकेट की प्रायवेट कोचिंग दिए जाने की मुझे जानकारी नहीं है। मैं इसकी जांच करवाता हूं। वैसे नपा ने यहां किसी को किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं दी है।
- नवनीत पांडे, सीएमओ
नगर पालिका परिषद, बैतूल

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