Sonaghati railway bridge: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। इटारसी-नागपुर के बीच बिछाई जा रही तीसरी लाइन का काम इन दिनों जोरों से चल रहा है। तीसरी लाइन के लिए बैतूल शहर में जहां अंडरब्रिज की लंबाई बढ़ाई जा रही है, वहीं जहां-जहां प्रस्तावित है, वहां पर पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है। 

अभी मरामझिरी से चिचोंडा स्टेशन के बीच तीसरी लाइन का काम चल रहा है। इसमें भी कई सेक्शनों में काम पूरा किया जा चुका है। अभी मुलताई-मरामझिरी सेक्शन में तीसरी लाइन का काम चालू है। इसमें तीसरी लाइन बिछाने के साथ ही पुल सहित अन्य स्ट्रक्चर भी बनाए जा रहे हैं। सोनाघाटी में रेलवे लाइन जहां बिछ रही है वहां से सड़क मार्ग भी गुजर रहा है। ऐसे में सड़क से गुजरने वाले वाहनों के लिए पुल बनाया जा रहा है। यह काम कर रही केईसी कंपनी ने इस पुल का ड्राइंग डिजाइन भी तैयार कर लिया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार जल्द ही इसका काम भी शुरू किया जाएगा। 

पिलर खड़े कर रखेंगे गर्डर 

बताया जाता है कि इस पुल का निर्माण ऐसी तकनीक से बनाया जाएगा, जिसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा और न ही यातायात प्रभावित होगा। पुल के लिए पिलर खड़े किए जाएंगे और फिर बड़ी क्रेन से कुछ ही देर में गर्डर रख दिए जाएंगे। इससे इसमें बहुत ज्यादा समय नहीं लगेगा। 

चिचोंडा से मुलताई तक हो चुका पूरा 

बताया जाता है कि अभी मरामझिरी से मुलताई के बीच काम चल रहा है। चिचोंडा से मुलताई तक का काम पूरा हो चुका है। उसके परीक्षण का काम भी हो गया है और बताया जाता है कि उस लाइन से यातायात भी शुरू किया जा चुका है। 

सोनाघाटी में हो जाएंगे दो पुल

यह नया पुल बनने से इस पुराने नेशनल हाईवे पर दो-दो पुल हो जाएंगे। इससे आवाजाही में खासी आसानी होगी। यहां अभी एक लाइन पर रेलवे गेट है और दूसरी पर पुल है। अब तीसरी लाइन के लिए एक और पुल बन जाने से यहां दो-दो पुलों की सुविधा मिल जाएगी। 

माचना नदी पर बन चुका पुल 

तीसरी लाइन के लिए माचना नदी पर रेलवे स्टेशन के पास मलकापुर की ओर एक पुल पहले ही बनाया जा चुका है। यह पुल भी पिलर खड़े करने के बाद गर्डर बिछा कर बनाया गया है। इसके लिए केवल 6 घंटों का ही ब्लॉक लिया गया था।