तोता-कछुआ पालना पड़ेगा भारी: तुरंत करें सरेंडर, नहीं तो हो सकती है जेल
इंदौर। अगर आपको भी तोता और कछुआ पालने का शौक है तो सावधान हो जाए. दरअसल अब देशी तोते और स्टार कछुए को भी विलुप्त हो रही प्रजाति में शामिल कर लिया गया है. ऐसे में अगर आप कानूनी पचड़े में नहीं पड़ना चाहते है तो तुरंत देशी तोते और स्टार कछुए को वन विभाग के हवाले कर दें. अब इन्हें पिंजरे रखना अपराध की श्रेणी में आता है.
देशी तोते को भी किया गया शामिल
गौरतलब है कि स्टार कछुआ पहले से ही शेडयूल-1 में रखा गया है और अब देशी तोते को भी इस कैटेगिरी में जोड़ दिया गया है. हाल ही में वन विभाग ने घरों में तोते, कछुए पालने की सूचना पर कार्रवाई की थी. इन्हें जब्त किया और अपराध भी दर्ज किया गया।
चार तक की सजा और भारी जुर्माना
दरअसल, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत भारत में पाए जाने वाले सभी मूल पक्षी संरक्षित प्रजातियों की श्रेणी में आते हैं. इसलिए, उन्हें पकड़ना, बेचना, खरीदना या पिंजरे में कैद करके घर में पालना एक कानूनी अपराध है. इस अपराध के दोषी के चार तक की सजा और भारी जुर्माना भी हो सकता है।
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
इंदौर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई के चलते इंदौर नगर निगम के सामने विभिन्न पेट्स शॉप, मल्हारगंज, जिंसी हाट, सदर बाजार में पहले छोटे-छोटे पिंजरों में तोते रखकर बेचे जाने वालो को चार साल की सजा सुनाई गई थी।
क्यों पालते हैं लोग स्टार प्रजाति का कछुआ?
ऐसी भ्रांति है कि स्टार प्रजाति के कछुए को घर में रखने पर समृद्धि आती है, इसलिए लोग चोरी-छिपे इन्हें खरीदकर रख लेते हैं. सिर्फ कछुआ ही नहीं लोगों के अंधविश्वास का शिकार और भी कई पशु-पक्षी होते है. कुछ लोग दो मुंहे सांप और उल्लू को लेकर भी अंध विश्वास फैलाते हैं।

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