Colony Rest of Land Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। कॉलोनियों में मंदिर, पार्क आदि प्रयोजनों के लिए खाली जमीन छोड़ने के दावें तो किए जाते हैं, लेकिन कई कॉलोनाइजर बाद में इन जमीनों को अवैध रूप से प्लॉट के रूप में बेच देते हैं। इससे कॉलोनी के निवासियों को पूर्व में किए गए वादों के अनुसार सुविधाएं नहीं मिल पाती है। अब नगर पालिका ऐसी जमीनों को अपने नाम कराएगी, जिससे ऐसी जमीनें बेची ही नहीं जा सकेगी। 

नगर पालिका अधिनियम और सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी कॉलोनी का विकास करने पर वहां मंदिर, पार्क, खेल मैदान, क्लब सहित अन्य सार्वजनिक प्रायोजनों के लिए खाली जमीन छोड़ना जरुरी होता है। कॉलोनाइजरों द्वारा कॉलोनी विकास के लिए अनुमति लेते समय ऐसी जमीनें दर्शा तो दी जाती है, लेकिन बाद में इन जमीनों को प्लॉट के रूप में अवैध रूप से बेच दी जाती है। नगर पालिका को कॉलोनी हैंडओवर कर दिए जाने के बावजूद ऐसी जमीनों की रजिस्ट्री इसलिए हो जाती है क्योंकि राजस्व रिकॉर्ड में वह जमीन कॉलोनाइजर के नाम पर ही होती है।

ऐसे में इन जमीनों की बिक्री में कोई दिक्कत नहीं होती है। दूसरी ओर कॉलोनी के लोग भी इन सभी पर कोई नजर नहीं रखते और न विरोध करते हैं। जमीन बिकने के बाद जब उस पर निर्माण कार्य शुरू होता है तब लोगों को याद आता है कि यहां तो मंदिर, पार्क या खेल मैदान बनना था। चूंकि रजिस्ट्री हो चुकी होती है, इसलिए जिसने खरीदा है, वह अपना मकान बनाता ही है। इसका खामियाजा कॉलोनी के अन्य लोगों को होता है क्योंकि उन्हें यह सुविधाएं नहीं मिल पाती है। 

कई कॉलोनियों में हो चुका है ऐसा 

शहर और जिले की कई कॉलोनियों में ऐसा हो चुका है। लोग तमाम सुविधाओं के सब्जबाग में फंस कर महंगे प्लॉट तो ले लेते हैं, लेकिन बाद में पार्क या खेल मैदान तो दूर मंदिर तक बनाने के लिए जगह नहीं मिलती है। जबकि नगर पालिका को हस्तांतरित किए जाने के बाद ऐसी जमीनें नगर पालिका की संपत्ति हो जाती हैं, जिसे कॉलोनाइजर बेच ही नहीं सकते। दूसरी ओर नगर पालिका के अधिकारी इस ओर ध्यान ही नहीं देते, जिससे कॉलोनाइजर यह कारनामा करने में सफल हो जाते हैं। 

नपा सीएमओ दे रहे इस ओर ध्यान 

नवागत सीएमओ नवनीत पांडेय कॉलोनियों के मामले में विशेष ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कल ही शहर की सभी वैध कॉलोनियों को नोटिस जारी कर नियमानुसार सभी व्यवस्थाएं करने और मेंटेनेंस के नाम पर ली जाने वाली राशि का हिसाब-किताब हर 3 महीने में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अब जागरूक लोगों की ओर से यह सुझाव भी आए हैं कि यदि ऐसी जमीनों को नपा अपने नाम करवा लें तो यह समस्या ही नहीं आएगी। यही नियम भी है। 

नपा की जमीनों को करेंगे प्रोटेक्ट 

इस संबंध में नपा सीएमओ श्री पांडे ने कहा कि कॉलोनियों में सार्वजनिक प्रायोजनों के लिए छोड़ी जाने वाली जमीन नगर पालिका की होती है। जल्द ही नगर पालिका ऐसी जमीनों को अपने नाम करवाने की कार्रवाई करेगी। इसके अलावा ऐसी जमीनों को प्रोटेक्ट करने तथा उन पर प्लान के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य भी कराए जाएंगे। इन कॉलोनियों में जहां भी जिस कार्य की जरुरत होंगी, वे कार्य कराए जाएंगे। यदि इन जमीनों पर कोई अवैध कब्जा आदि पाया जाता है तो उसे हटाने की कार्रवाई भी नगर पालिका द्वारा की जाएगी।