Fertilizer License: बिना ई-टोकन खाद बिक्री पर सख्ती: 24 फर्मों के लाइसेंस सस्पेंड, 3 समिति प्रबंधक निलंबित
Fertilizer License: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। प्रदेश में खाद विक्रय के दौरान खाद की कालाबाजारी, लंबी लाइन से किसानों को बचाने कृषि विभाग द्वारा 1 अप्रैल से ई टोकन के माध्यम से ही खाद बेचना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बावजूद 3 अप्रैल को तीन सहकारी समितियों सहित 21 निजी खाद विक्रेताओं ने 94.359 मेट्रिक टन खाद अन्य माध्यम से बेच दी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उपसंचालक द्वारा इनके खिलाफ कड़ा रूख अपनाते हुए सभी 24 विक्रेताओं के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं जिससे यह विक्रेता अब किसी भी प्रकार की खाद नहीं बेच पाएंगे। जिन विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं उनमें तीन सहकारी समितियों के साथ ही 21 निजी फर्म शामिल है।
बिना ई टोकन के बेची खाद
म.प्र. शासन कृषि विभाग के निर्देशानुसार प्रदेश के समस्त जिलों में अप्रैल 2026 से ई-विकास प्रणाली के तहत ई-टोकन के माध्यम से ही खाद का वितरण प्रारंभ किया गया है। बैतूल कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा लगातार ई विकास प्रणाली से खाद वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। ई विकास प्रणाली से ही खाद वितरण के सख्त निर्देश के बावजूद भी 01 अप्रैल 2026 के बाद कतिपय समितियों द्वारा बिना ई-टोकन से खाद वितरण किया जाना पाया गया है। जिस पर कलेक्टर श्री सूर्यवंशी द्वारा तत्काल विषय को संज्ञान में लिया जाकर ऐसी समितियों के कर्मचारियों/ अधिकारियों पर तत्काल दंडात्मक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गए।
यहां के समिति प्रबंधक किए सस्पेंड
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने 03 समितियों अंधारिया, सोनेगांव एवं डंगारिया के प्रबंधकों को निलंबित किया गया तथा 01 प्रभारी कर्मचारी को सेवा से पृथक करने का नोटिस दिया गया। साथ ही जिले के सभी कृषकों से आग्रह किया गया हुआ शत प्रतिशत ई-विकास पोर्टल पर ई-टोकन के माध्यम से ही खाद प्राप्त करें , ताकि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में किसानों को लाभान्वित किया जा सके।
24 फर्मों ने भी किया उल्लंघन
किसान कल्याण तथा कृषि विकास उप संचालक डॉ. आनंद कुमार बडोनिया ने बताया कि 3 अप्रैल को आईएफएमएस पोर्टल से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में कुल 24 खुदरा विक्रेताओं द्वारा उक्त निर्देशों का उल्लंघन कर कुल 94.359 मीट्रिक उर्वरक विक्रय किये जाने पर उक्त फर्मों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किये गये है। उप संचालक कृषि डॉ. बडोनिया ने बताया कि शासन के आदेश की अवहेलना किये जाने के फलस्वरूप कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 (1) तथा उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 35 के तहत उक्त कार्यवाही की गई है। उर्वरक वितरण, विक्रय पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
इन फर्मों के लाइसेंस किए निलंबित
निर्देशों का उल्लंघन करते पाए जाने पर प्राथमिक सहकारी समिति अंधारिया, सोनेगांव, डंगरिया निजी विक्रेता में परमानंद चंद्र गोपाल खंडेलवाल बडोरा, पीसी खंडेलवाल बैतूल गंज, हरीदास किराना स्टोर चोपना, विक्की ट्रडर्स डोढरामउ,अन्नपूर्णा ट्रेडर्स आमडोह चोपना, रावत कृषि सेवा केन्द्र ढूमुर, कमलप्रसाद दिनानाथ साहू खेड़ली बाजार, वासु खाद भंडार बोरदेही, गोपी साहू कृषि सेवा केन्द्र रतेडाकला, सुमित खाद विक्रय केन्द्र मालेगांव, सूर्यवंशी कृषि सेवा केन्द्र जमदेही कला, वैष्णवी कृषि सेवा केन्द्र मुलताई, दिव्यांशु खाद भंडार बोरदेही, पंकज कृषि सेवा केंद्र चिचोली, गायत्री कृषि सेवा केंद्र चिचोली, तेजस कृषि सेवा केन्द्र खेड़ीकोर्ट, दीक्षा कृषि सेवा केन्द्र गोहाची, जयगुरूदेव कृषि सेवा केन्द्र सोहागपुर, मार्का एफपीसी लिमि. शीतलझिरी, कृषि सेवा केंद्र खेड़ली बाजार, मां यमुना कृषि सेवा केन्द्र मोही के लाइसेंस में लंबित किए गए है।

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