पश्चिम एशिया तनाव: ईरान की अमेरिका को पीछे हटने की चेतावनी, सैन्य कार्रवाई के संकेत
तेहरान | पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसके खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई की गई, तो उसका जवाब पहले से कहीं ज्यादा करारा और विनाशकारी होगा।ईरानी सशस्त्र बलों के केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फाघारी ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि अमेरिका के हालिया बयानों और धमकियों को हल्के में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों पर निशाना
ईरान ने सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों ही नहीं, बल्कि उन देशों को भी चेतावनी दी है जो अपने यहां अमेरिकी सैन्य बेस की अनुमति देते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे देशों को अमेरिका को अपने क्षेत्र से बाहर करने के लिए कदम उठाने चाहिए, अन्यथा उन्हें भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
ऊर्जा और आर्थिक ढांचे पर हमले की चेतावनी
ईरानी सेना ने संकेत दिए हैं कि जवाबी कार्रवाई केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं होगी। इसमें ऊर्जा संयंत्र, ईंधन केंद्र और आर्थिक ढांचे भी निशाने पर हो सकते हैं। बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा व्यापक और कठोर होगी।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बढ़ा विवाद
यह पूरा विवाद उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बुनियादी ढांचे जैसे पुल, बिजली संयंत्र और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाने की बात कही थी। ईरान ने इसे उकसाने वाला और खतरनाक बयान बताया है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि जो देश अमेरिकी सेना को अपने यहां पनाह दे रहे हैं, वे तुरंत उन्हें हटाएं। अन्यथा, संभावित संघर्ष में वे भी निशाने पर आ सकते हैं।

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