Betul Traffic Jam Over Bridge: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शहर के बडोरा क्षेत्र में मंडी के कारण रोजाना जाम लगना तो आम हो ही चुका था, अब सदर ओवर ब्रिज पर भी यही मुसीबत झेलना होगा। शुक्रवार से अंडरब्रिज के विस्तार के लिए वहां से आवाजाही बंद कर दी गई है। इससे सारा ट्रैफिक ओवर ब्रिज पर डायवर्ट हो गया है। इससे आज दिन भर यहां थोड़ी-थोड़ी देर में जाम की स्थिति बनती रही। ठेकेदार ने बिना किसी तैयारी के आवाजाही बंद कर दी। जिससे पहले दिन यहां भारी अव्यवस्था का माहौल देखा गया। बाद में ट्रैफिक पुलिस ने पहुंच कर मोर्चा संभाला। 

तीसरी लाइन के लिए शहर के गंज क्षेत्र में स्थित अंडर ब्रिज का विस्तार किया जाना है। इसके लिए रेलवे द्वारा 45 दिनों के लिए अंडर ब्रिज से आवाजाही बंद की गई है। इसमें 30 दिनों तक निर्माण कार्य होगा और 15 दिनों तक तराई की जाएगी। पहले अंडर ब्रिज को 1 अप्रैल से बंद किया जाना था, लेकिन हनुमान जयंती पर शोभायात्रा आदि के आयोजन के कारण इसे 3 अप्रैल से बंद किया गया है। आज सुबह से अंडर ब्रिज से आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। 

नहीं किए गए कोई भी इंतजाम 

अंडर ब्रिज बंद कर ट्रैफिक को डायवर्ट करना था तो इसके लिए रेलवे और काम कर रहे ठेकेदार को पर्याप्त इंतजाम भी करने थे, लेकिन इसकी सुध न तो रेलवे ने ली और न ही ठेकेदार द्वारा। ठेकेदार द्वारा महज छोटे से फ्लेक्स पर सार्वजनिक सूचना अंकित करवा कर एक कोने में लगवा दिया गया, जिस पर शायद ही किसी की नजर जा रही थी। ऐसे में लोग काफी आगे तक जाते और फिर वापस लौटते। जबकि ठेकेदार को ओवरब्रिज के पास ही बैरिकेडिंग कर देना था ताकि वाहन वहां से आगे न जाएं। 

शुरूआत में ही हो रही थी अव्यवस्था

इन सबसे वाहन अंडरब्रिज की ओर जाते और फिर वापस आकर ओवर ब्रिज पर चढ़ते थे। दूसरी ओर ओवर ब्रिज से भी वाहन आ रहे थे। इससे माचना पुल और ओवर ब्रिज के बीच में भारी गहमागहमी वाली स्थिति बन रही थी। वाहनों का हुजूम एकत्रित हो जाने से ओवर ब्रिज पर थोड़ी-थोड़ी देर में जाम लग रहा था। सुबह से लेकर दोपहर तक यहां यही हाल रहे, जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

दोपहर में पहुंची ट्रैफिक पुलिस 

इसके बाद जब ट्रैफिक पुलिस को सूचना मिली तो इंचार्ज गजेंद्र केन और यातायात अमले ने मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाला। ट्रैफिक पुलिस ने माचना ब्रिज से लेकर ओवर ब्रिज की शुरूआत तक स्टॉपरों की कतार लगा कर आने-जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की। इससे शहर में आने वाले वाहन अंडर ब्रिज की ओर मुड़ ही नहीं पा रहे थे और सीधे ओवर ब्रिज पर चढ़ रहे थे। पुलिस कर्मियों ने भी खड़े रहकर व्यवस्था संभाली। इससे जाम की स्थिति से थोड़ी राहत मिली।

ओवर ब्रिज पर कई गुना बढ़ा यातायात

वैसे ही ओवर ब्रिज से रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। अब रामनगर और बडोरा सहित आसपास के गांवों के जो वाहन अंडरब्रिज होकर शहर में आते और शहर से वापस जाते थे, अब वे सभी वाहन भी ओवर ब्रिज से होकर जाने को मजबूर हैं। यही कारण है कि ओवर ब्रिज पर कई गुना यातायात बढ़ गया है। दूसरी ओर कोई इंतजाम नहीं किए जाने से यहां थोड़ी-थोड़ी देर में जाम की स्थिति बन रही थी। अब जब तक अंडर ब्रिज का काम चालू रहेगा, तब तक यही स्थिति यहां पर बनती रहेगी। 

निर्माण में लग सकता है ज्यादा समय

रेलवे द्वारा भले ही अभी डेढ़ माह में काम हो जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जानकारों का कहना है कि इससे ज्यादा समय भी लग सकता है। इससे लोगों को सुव्यवस्थित यातायात के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। अभी शादियों का सीजन फिर शुरू होने वाला है। इसके लिए आसपास के गांवों से भी लोग खरीदी सहित अन्य कार्यों के लिए बैतूल शहर आएंगे। इससे ट्रैफिक और बढ़ेगा और उतनी ही दिक्कतें भी बढ़ेगी। 

बडोरा में पहले से लगता रहा है जाम 

गौरतलब है कि कृषि उपज मंडी होने से बडोरा क्षेत्र में लंबा जाम लगने की समस्या आम हो चुकी है। अब बडोरा के साथ-साथ ओवर ब्रिज पर भी लोगों को जाम का सामना करना पड़ेगा। यदि इस जाम से बचना है तो फिर शहर के लोगों को लंबा फेरा काट कर चक्कर रोड से सोनाघाटी होते हुए फोरलेन से नागपुर की ओर जाना होगा और वापसी के लिए भी यही रूट अपनाना होगा। कई लोग यही तरीका अपनाना शुरू भी कर चुके हैं।  

ओवर ब्रिज पर मध्यम और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित 

ओवर ब्रिज पर यातायात के भारी दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस ने नई व्यवस्था बनाई है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु थाना यातायात बैतूल द्वारा ट्रैफिक डायवर्जन एवं मार्ग परिवर्तन योजना लागू की है। इसके तहत सभी प्रकार के मध्यम एवं भारी वाहनों का सदर ओवर ब्रिज पर आवागमन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। मुलताई की ओर से आने वाले मध्यम एवं भारी वाहन बडोरा चौक की ओर न आते हुए एलबी लॉन से सीधे एनएच-47 का उपयोग करेंगे। उक्त वाहन भारत भारती की ओर से सोनाघाटी फॉरेस्ट बैरियर मार्ग से शहर में प्रवेश करेंगे।

इसी तरह इंदौर-चिचोली मार्ग से आने वाले दो पहिया वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहन करबला क्षेत्र में प्रवेश नहीं करेंगे। वे तितली चौराहे से एनएच-47 का उपयोग करते हुए भारत भारती एवं फॉरेस्ट बैरियर मार्ग से शहर में प्रवेश करेंगे। शहर से बाहर जाने वाले मध्यम एवं भारी वाहनों के लिए भी नई व्यवस्था बनाई है। सभी प्रकार के मध्यम एवं भारी वाहन गेंदा चौक से इटारसी रोड होते हुए फॉरेस्ट बैरियर मार्ग से भारत भारती की ओर निकलेंगे।

बडोरा की ओर से आने दो पहिया वाहनों को छोड़कर सभी वाहन रामबोलो चौक (सदर ओवर ब्रिज चौराहा) से करबला होते हुए तितली चौराहे तक जाएंगे। इसके बाद एनएच-47 के माध्यम से भारत भारती एवं फॉरेस्ट बैरियर होते हुए अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगे। इसके अलावा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा भारी वाहनों के शहर में प्रवेश संबंधी पूर्व में जारी सभी आदेश यथावत प्रभावी रहेंगे। सभी वाहन चालकों को नो-एंट्री नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।