Online Payment Security Rules 2026: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। लेन-देन जितना अधिक ऑनलाइन हो रहा है, ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसमें लोग चंद पलों में अपनी जीवन भर की कमाई गवां रहे हैं। हालांकि सरकार और बैंकों द्वारा लगातार यह प्रयास किए जा रहे हैं कि सिक्युरिटी फीचर इतने मजबूत किए जाए कि ऑनलाइन धोखाधड़ी की गुंजाइश ही न बचे। इसी कड़ी में ऑनलाइन लेन-देन को लेकर सुरक्षा और बढ़ गई है। एक अप्रैल से ऑनलाइन लेन-देन को लेकर कई नियम बदल दिए गए हैं। इस बदली व्यवस्था से ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर फ्रॉड की संभावनाएं और भी कम हो गई हैं। 

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला पहला नियम डायनामिक टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन है। इसका मतलब है कि अब आपका हर पेमेंट वहीं से चेक किया जाएगा जहां से वह किया जा रहा है। दूसरा नियम यह है कि आप बैंकिंग ऐप में स्क्रीनशॉट या स्क्रीन रिकॉर्डिंग नहीं ले पाएंगे। यह पूरी तरह से बैन हो जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि स्कैमर किसी भी डेस्क के जरिए आपकी स्क्रीन रिकॉर्ड कर लेते हैं और वहीं से वे ओटीपी पता कर लेते हैं, पासवर्ड पता कर लेते हैं और आपके मोबाइल को ऑपरेट करके आपके पैसे निकाल लेते हैं।

रात में होने वाला ट्रांजैक्शन लॉक 

तीसरा नियम यह है कि आप रात के समय होने वाले ट्रांजैक्शन को लॉक कर सकते हैं। इसका मतलब है कि बैंकों ने अपने एप्लीकेशन में यह नियम बनाया है कि अगर आप चाहें तो रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक अपने ट्रांजैक्शन को लॉक कर सकते हैं। इस दौरान कोई भी आपके अकाउंट से एक भी रुपया नहीं निकाल पाएगा। चौथा नियम यह है कि जैसे ही आप कोई फ्रॉड ऐप या मैलवेयर डाउनलोड करेंगे, आपको वॉर्निंग दी जाएगी।

ओटीपी सिस्टम में बड़ा बदलाव 

पांचवां नियम यह है कि ओटीपी सिस्टम में बड़ा बदलाव हो गया है। इसका मतलब है कि एसएमएस से ओटीपी बैन हो जाएगा। आप जिस एप्लीकेशन या बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल करेंगे, उसमें आपको ओटीपी मिलेगा।

हर ट्रांजैक्शन पर पूछे जाएंगे सवाल 

छठा नियम यह है कि आपसे हर ट्रांजैक्शन पर एक्स्ट्रा सवाल पूछे जा सकते हैं। उदाहरण के लिए अगर आप 2000 रुपये का ट्रांजैक्शन करते हैं और अचानक 2000 रुपये कट जाते हैं। अगर आपके अकाउंट से 50000, 100000 या इससे ज्यादा पैसे निकलते हैं, तो आपसे पूछा जाएगा कि आपकी मां का नाम क्या है, आपने किस स्कूल में पढ़ाई की है, या आपने जो भी सिक्योरिटी सवाल डाले हैं, वे पूछे जा सकते हैं। अगर आप सही जवाब देते हैं, तो समझ जाएगा कि आप ऐसा कर रहे हैं। नहीं तो, बैंक को नोटिफिकेशन मिल जाएगा कि स्कैमर हो सकते हैं।

आपका बिहेवियर भी देखा जाएगा 

सातवां नियम है बिहेवियर बायोमेट्रिक्स। इसका मतलब है कि आपका बैंकिंग ऐप आपके टाइप करने के तरीके, आपकी टाइपिंग की स्पीड और आप अपनी स्क्रीन को कैसे हैंडल कर रहे हैं, इससे कन्फर्म करेगा कि आप वहां हैं या नहीं।

आधार और बयोमेट्रिक्स वेरिफिकेशन

आठवां और आखिरी नियम है आधार और बायोमेट्रिक्स। इसके तहत अगर आप बैंकिंग ऐप से बड़ी रकम का ट्रांजैक्शन करते हैं। जैसे 500000, 800000, 1000000 रुपये तो आपका आधार लिंक, फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन पूछा जाएगा। इसके बिना आप कोई पेमेंट नहीं कर पाएंगे। इन सभी तरीकों से ऑनलाइन धोखाधड़ी की संभावनाएं काफी कम हो जाएंगी।