Rashmi Sahu Alderman Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। प्रदेश सरकार द्वारा रविवार को घोषित नगरीय निकायों के एल्डरमैन में बैतूल नगर पालिका में भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रश्मि साहू को भी एल्डरमैन बनाकर नगरीय निकाय की राजनीति में सक्रिय कर दिया है। ऐसे बहुत कम नेता होते हैं जिन्हें पंचायत प्रतिनिधि रहकर ग्रामीण क्षेत्रों की राजनीति करने के बाद नगरीय निकाय की राजनीति करने का भी मौका मिले लेकिन भाजपा नेत्री श्रीमती रश्मि साहू की पार्टी के प्रति निष्ठा, उनकी कर्मठता और पार्टी द्वारा संगठन में दी गई जिम्मेदारियों को पूर्ण लगन, निष्ठा और ईमानदारी से निभाने के उनके जज्बे से वे अल्प समय में ही संगठन में लोकप्रिय हो गई। 

इसी का परिणाम है कि 2005 में उनके जिला पंचायत सदस्य चुने जाने के बाद से ही उन्हें संगठन में महिला मोर्चा जिला महामंत्री, दो बार महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष, 2019 से लगातार भाजपा जिला उपाध्यक्ष और अब बैतूल नपा में एल्डरमैन नियुक्त किया गया है। श्रीमती साहू को सरल और शिक्षित महिला होने से संगठन उन्हें भविष्य में होने वाले महिला आरक्षण के दौरान बनने वाली स्थिति के लिए भी तैयार कर रहा है। 

सरकार द्वारा रविवार को की गई एल्डरमैन की नियुक्ति में श्रीमती साहू को नगर पालिका बैतूल में एल्डरमैन नियुक्त किया गया है। एमए, एलएलबी तक शिक्षित श्रीमती साहू ने 2005 में आमला विकासखंड से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद ही उनके व्यवहार, सादगी, कार्य के प्रति निष्ठा, संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए संगठन ने उन्हें 2005 में ही भाजपा महिला मोर्चा में जिला महामंत्री का दायित्व सौंप दिया। 2009 तक जिला महामंत्री रहने के बाद पार्टी ने 2011 में उन्हें महिला मोर्चा का जिला अध्यक्ष बनाया। इस पद पर उन्होंने लगातार दो कार्यकाल पूर्ण किए। इसके बाद 2019 से लगातार वे जिला भाजपा उपाध्यक्ष के पद पर काबिज हैं। इस बीच उन्हें अब बैतूल नगर पालिका का एल्डरमैन बनाकर निकाय की राजनीति में सक्रिय होने का मौका दिया है। श्रीमती साहू जिले की संभवत: पहली ऐसी महिला नेत्री होगी जिन्हें पंचायत प्रतिनिधि रहने के बाद अब निकाय की राजनीति करने का भी मौका मिलेगा। 

सरकार द्वारा 2027 में नगरीय निकाय अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से करवाया जाएगा। हालांकि वर्तमान में बैतूल नपा अध्यक्ष महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में अगला अध्यक्ष अनारक्षित हो सकता है जिसमें महिला-पुरूष कोई भी हो सकता है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी महिला आरक्षण करने की भी प्रबल संभावना है। ऐसे में जिले की कम से कम दो विधानसभा के साथ ही लोकसभा सीट भी महिला के लिए आरक्षित हो सकती है। शायद संगठन इसी के चलते राजनीति में महिला नेत्रियों को सक्रिय रखना चाह रहा हो ताकि कहीं से महिला को टिकट देने की जरूरत पड़े तो हाऊस वाइफ महिला को उतारने की नौबत न आए। उच्च शिक्षित ह ोने के साथ ही उनकी निष्ठा और संगठन के उन पर विश्वास से श्रीमती साहू वर्तमान में भाजपा की राजनीति में सर्वोच्च श्रेष्ठ महिला नेत्रीके रूप में जगह बना चुकी है।