Sampada 2.0 Stamp Duty Error: बैतूल(राष्ट्रीय जनादेश)। सरकार के खजाने में राजस्व की बढ़ोत्तरी हो सके इसके लिए सरकार द्वारा प्रापर्टी (जमीन) की खरीदी-बिक्री पर स्टाम्प शुल्क लिया जाता है। लेकिन नजूल पट्टे के बंटवारे और न्यायालय से बंटवारे की मिलने वाली डिक्री जिला पंजीयक कार्यालय में रजिस्टर्ड नहीं हो पा रही है। इसकी मुख्य वजह यह है कि संपदा 2.0 पोर्टल में सबसे पहले तो बंटवारे का आप्शन ही नहीं है। वहीं दूसरी समस्या यह है कि प्रापर्टी का जो वैल्यूवेशन पोर्टल कर रहा है उसमें (बांटी गई प्रापर्टी जोड़कर) दोगुनी स्टाम्प ड्यूटी मांग रहा है जिससे जिला पंजीयक कार्यालय में नजूल पट्टे के बंटवारे और न्यायालय से बंटवारे की मिली डिक्री का पंजीयन ही नहीं हो पा रहा है। कुल मिलाकर वित्तीय वर्ष समाप्त होने को आ रहा है बावजूद इसके बंटवारे के दर्जनों प्रकरण सिर्फ इसलिए पंजीकृत नहीं हो पा रहे हैं क्योंकि संपदा 2.0 पोर्टल गलत गणना कर रहा है। 

गैर रक्त संबंध के बंटवारे का नहीं है आप्शन

संपदा 2.0 पोर्टल पर वैसे तो कई त्रुटियां है जिसकी वजह से सरकार को स्टाम्प ड्यूटी नहीं मिल पा रही है। सरकार इन त्रुटियों को जब तक दुरूस्त नहीं करती तब तक बंटवारे से संबंधित दस्तावेज जिला पंजीयक कार्यालय में पंजीकृत ही नहीं हो सकेंगे। संपदा 2.0 पोर्टल में सबसे बड़ी खामी यह भी सामने आई है कि यदि दो व्यक्ति जिनका आपस में रक्त संबंध नहीं है और उन्होंने यदि कोई प्रापर्टी पूर्व में शामिल में खरीदी थी जिसका वह अब बंटवारा करना चाहते हैं तो संपदा 2.0 पोर्टल में इसका आप्शन ही नहीं दिया गया है। इस स्थिति में भी बंटवारा नहीं हो पा रहा है और सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। 

दो गुनी कर रहा गणना 

संपदा 2.0 पोर्टल की एक खामी यह भी है कि यदि बंटवारा करने के लिए संपदा 2.0 के पोर्टल पर दिए गए कुटुम्ब पर अथवा न्यायालय की डिक्री वाले आप्शन पर जाएं तो वह किस तरह की गणना कर रहा है? इस उदाहरण से समझिए। जियो टैग से प्रापर्टी की कीमत का आंकलन कर बताता है कि यह प्रापर्टी 1 हजार रुपए की है। इसमें नियमानुसार 500 (आधी प्रापर्टी जो कि कम है) रुपए की प्रापर्टी पर 5 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी लेना चाहिए। लेकिन पोर्टल में जब भुगतान के लिए ऑप्शन क्लिक किया जाता है तो पोर्टल पूरी स्टॉप ड्यूटी को जोड़कर (500-500) प्रापर्टी का 5-5 प्रतिशत याने 10 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क बता रहा है जो कि न्याय संगत नहीं है। 

ऐसी होना चाहिए गणना 

संपदा 1.0 में इस तरह की कोई त्रुटि नहीं थी। संपदा 1.0 में नजूल पट्टा अथवा न्यायालय से मिली डिक्री के आधार पर बंटवारे के लिए  बकायदा अलग-अलग ऑप्शन दिए गए थे। इन ऑप्शनों के अलावा कुल प्रापर्टी जिस पर बंटवारा किया जाना है उसके सबसे कम हिस्से का वैल्यूवेशन निकालकर पोर्टल 5 प्रतिशत स्टॉप शुल्क लेता था। इस प्रक्रिया से आसानी से बंटवारे हो रहे थे लेकिन संपदा 2.0 में कई त्रुटियों के चलते नजूल के पट्टे, न्यायालय से मिली डिक्री के आधार पर बंटवारे नहीं हो पा रहे हैं। 

इनका कहना...

संपदा 2.0 पोर्टल में बंटवारे से संबंधित प्रापर्टी का वैल्यूवेशन (जोड़कर) डबल कर 5 प्रतिशत के बजाए 10 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क का आप्शन आ रहा है जो कि गलत है। इस विषय में हमने ऑनलाइन शिकायत की है, लेकिन अभी तक शिकायत का निराकरण नहीं हुआ है। 
- मुन्ना चौरे, सर्विस प्रोवाईडर, बैतूल
संपदा 2.0 पोर्टल में त्रुटि की शिकायत सर्विस प्रोवाईडर द्वारा की गई है। शिकायत का निराकरण जल्द कराया जाएगा। 
- दिनेश कौशले, जिला पंजीयक, बैतूल