MP Board Copy Checking Delay: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। माध्यमिक शिक्षा मंडल मप्र भोपाल द्वारा आयोजित कक्षा १०वीं और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य निर्धारित समय ३० मार्च तक जिले के साथ ही प्रदेश में होना असंभव है। मूल्यांकन केन्द्रों में रामनवमी, रविवार जैसे अवकाश के दिनों में भी मूल्यांकन कार्य किए जाने के बावजूद मूल्यांकनकर्ताओं की कमी और चौथे चरण की उत्तर पुस्तिकाओं के लेट आने से मूल्यांकन कार्य समय पर पूरा नहीं होगा। जिससे दसवीं-बारहवीं का रिजल्ट लेट हो सकता है। जिले के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में बनाए गए मूल्यांकन केन्द्र में भी बारहवीं की लगभग ८ हजार और दसवीं की लगभग २८ हजार कुल ३६ हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य होना बाकी हैं। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों स्थिति इससे भी बदतर है।

बारहवीं में दो विषयों की ८२८० कॉपी शेष

मूल्यांकन केन्द्र प्रभारी एवं उत्कृष्ट स्कूल बैतूल के प्राचार्य सत्येन्द्र उदयपुरे ने बताया मूल्यांकन केन्द्र में शासकीय अवकाश और रविवार को भी मूल्यांकन कार्य जारी है। बैतूल मूल्यांकन केन्द्र में कक्षा बाहरवीं के २४ विषयों की ८२ हजार ५८३ उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए आई थीं। २७ मार्च तक २१ विषयों की ७४ हजार ३०३ कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। अभी भी हिन्दी की ६३०० और बुक कीपिंग की १९८० कॉपियों का मूल्यांकन होना बाकी हैं। वहीं आईपी के जिले में कोई मूल्यांकनकर्ता नहीं होने से इसकी कॉपियां बोर्ड को वापस भेज दी गई है। श्री उदयपुरे ने बताया हिंदी के लिए ४६ और बुक कीपिंग के १२ मूल्यांकनकर्ता आ रहे है जिससे मूल्यांकन कार्य लगभग ५-६ दिन और चलेगा। बारहवीं का मूल्यांकन कार्य ३ से ४ मार्च तक होने की संभावना हैं।

दसवीं के ३ विषयों की २८२६० कॉपियां बाकी

कक्षा दसवीं के १२ विषयों की कुल १ लाख ३० हजार ७९३ कॉपियां मूल्यांकन के लिए आई थीं। तीसरे चरण तक आई सभी कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। चौथे चरण में विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और हिंदी विषय की ६५,८८० कॉपियां २२ मार्च को आई थीं। श्री उदयपुरे ने बताया कि हमने २२ मार्च से ही मूल्यांकन कार्य शुरू कर दिया, इसके बावजूद २७ मार्च तक तीनों विषयों की २८ हजार २६० कॉपियों का मूल्यांकन होना बाकी है। अभी भी विज्ञान की ५४००, सामाजिक विज्ञान की ७९२० और हिन्दी की १४ हजार ९४० कॉपियों का मूल्यांकन होना बाकी है। हिन्दी विषय में सबसे कम ६१ मूल्यांकनकर्ता ही आ रहे हंै जिससे हिंदी का मूल्यांकन ५ अप्रैल तक भी होने की संभावना नहीं है।

प्रदेश में स्थिति और भी बदतर 

बैतूल जिला मूल्यांकन में सर्वाधिक कॉपियां जांचने में प्रदेश की टॉप टेन सूची में शामिल है। बैतूल में बारहवीं की लगभग ८२ प्रतिशत और दसवीं की लगभग ६५ फीसदी कॉपियों का मूल्यांकन हो गया है। बाकी जिलों की स्थिति और भी बदतर है। कुछ जिलों में ५० फीसदी कॉपियों का ही मूल्यांकन हो पाया है, जहां १० अप्रैल तक भी मूल्यांकन होना नामुमकिन नजर आ रहा है। ऐसे में बोर्ड द्वारा १५ अप्रैल को दसवीं-बारहवीं का रिजल्ट घोषित करने की मंशा पर पानी फिर सकता है।