Betul News Today: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शहर के विभिन्न वार्डों में रास्ते इस कदर संकरे हैं पुलिस, एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहन भी मौके तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसे देखते हुए पिछले दिनों कलेक्टर-एसपी द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर इन अवरोधों को हटाने के लिए प्लान बनाने के निर्देश दिए थे। इस पर नगर पालिका द्वारा डीपीआर बना ली गई है। नपा द्वारा बनाई गई इस डीपीआर पर करीब 44 लाख रुपये का खर्च आएगा। अन्य विभागों का प्लान भी बन जाने पर इस पर कार्यवाही शुरू हो जाएगी। 

शहर के कई ऐसे इलाके हैं जहां लोगों ने जमकर अतिक्रमण कर लिया है। कुछ ने जहां सड़क की जमीन पर बाउंड्रीवाल बना ली है तो कुछ ने अन्य निर्माण कार्य कर लिए हैं। इससे सड़कें और गलियां इतनी संकरी हो गई हैं कि जरुरत पड़ने पर पुलिस वाहन, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस भी मौके पर नहीं पहुंच पाती। इससे स्थिति पर नियंत्रण नहीं हो पाता और समस्या और बढ़ जाती है। आग आदि लगने की स्थिति में आग पर काबू पाने में बड़ी मुश्किल होती है। आग बुझने में जितनी अधिक देरी होती है, उससे नुकसान उतना ही ज्यादा होता है। कई बार हालात यह बनते हैं कि आग लगी होने के बावजूद रास्ता ही नहीं होने से फायर ब्रिगेड को बगैर आग बुझाए ही वापस लौटना पड़ता है। यह स्थितियां उत्पन्न करने में केवल अतिक्रमण करने वाले लोग ही नहीं कई सरकारी विभाग भी जिम्मेदार हैं। कहीं बिजली कंपनी ने बीच सड़क पर पोल गाड़ दिए हैं तो कहीं नगर पालिका ने बीच सड़क पर हैंडपंप लगा दिए हैं। 

आए दिन आते हैं ऐसे मामले सामने

सड़कों और गलियों के संकरे होने के कारण आपातकालीन वाहनों के नहीं या देरी से पहुंचने के मामले सामने आते रहते हैं। आग लगने पर अक्सर यह शिकायत सामने आती है कि सड़क और गलियां संकरी होने के कारण मौके तक पहुंचने में परेशानी होती है। फायर ब्रिगेड ही नहीं बल्कि एंबुलेंस और पुलिस वाहन जैसे वाहनों को तक यह परेशानी झेलना पड़ता है। जबकि इन वाहनों को जल्द से जल्द मौके तक पहुंचना बेहद जरुरी होता है। 

बैठक में उठा था यह गंभीर मामला

लगातार शिकायतें मिलने पर पिछले दिनों जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक में यह मुद्दा उठा था। इस पर जनप्रतिनिधियों द्वारा ऐसे स्थानों को चिन्हित कर इमरजेंसी वाहनों का रास्ता रोकने वाले अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए थे, ताकि इससे आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। 

कलेक्टर-एसपी ने किया था निरीक्षण 

इसके बाद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी एवं पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने शहर के तिलक, आजाद तथा आर्यपुरा वार्ड का संयुक्त निरीक्षण किया था। इस दौरान कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने राजस्व, पुलिस एवं नगर पालिका के अमले के साथ वार्डों का पैदल भ्रमण कर मार्गों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। भ्रमण में आपातकालीन वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले अवैध निर्माण, मार्ग पर स्थापित हैंडपंप, बिजली के पोल, खुली नालियां एवं अतिक्रमण का मौके पर अवलोकन किया गया।

अधिकारियों को दिए थे यह निर्देश 

कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने नगर पालिका के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क की चौड़ाई को प्रभावित करने वाले सभी अवैध निर्माण शीघ्र हटाए जाएं। उन्होंने कहा कि मार्गों पर लगे हैंडपंप एवं बिजली पोल को व्यवस्थित करते हुए आवश्यकतानुसार शिफ्ट किया जाए, ताकि किसी भी स्थिति में आपातकालीन सेवाओं को विलंब न हो। साथ ही खुली नालियों को सुरक्षित रूप से मजबूती से ढंकने के निर्देश दिए गए, जिससे वाहनों का आवागमन बाधित न हो।

नगर पालिका ने तैयार की डीपीआर 

कलेक्टर के निर्देश पर नगर पालिका ने उन कार्यों के लिए डीपीआर तैयार कर ली है, जो कार्य नगर पालिका को करने हैं। इसमें सड़कों का चौड़ीकरण, खुली नालियों को कवर्ड करना, अवैध निर्माण हटाना सहित अन्य कार्य शामिल हैं। नगर पालिका के इन कार्यों पर लगभग 44 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। नगर पालिका द्वारा यह डीपीआर कलेक्टर कार्यालय को भिजवा दी गई है। इस कार्य के लिए अन्य विभागों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी विभागों को मिलकर ऐसी व्यवस्था करना है कि आपातकालीन वाहनों के लिए कोई भी अवरोध न रहे। 

पुलिया का भी किया जाएगा निर्माण 

इस कार्य के लिए बिजली कंपनी को चिन्हित किए गए बिजली के पोल हटाने और झूलते तारों को हटाने या व्यवस्थित करना है। इसी तरह लोक निर्माण विभाग को एक पुलिया का निर्माण करना है। यह पुलिस टिकारी क्षेत्र में बनेगी। यह सभी कार्य हो जाने पर आपातकालीन वाहन हर जगह पहुंच सकेंगे और लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना होगा। यही कारण है कि लोग भी इन कार्यों के जल्द शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।