हाई कोर्ट में प्लास्टिक की गुड़िया बनी गवाह
रायपुर|छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मुक बधिर से रेप के आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस संवेदनशील मामले में मूक-बधिर दुष्कर्म पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट में प्लास्टिक की गुड़िया और इशारों के माध्यम से अपनी आपबीती बताई. पीड़िता न तो बोल सकती थी और न ही सुन सकती थी, इसके बावजूद अदालत ने उसकी गवाही को गंभीरता से लिया|
प्लास्टिक की गुड़िया बनी गवाह, मूक-बधिर पीड़िता ने बताई आपबीती
वहीं इस सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट ने दुभाषिए की मदद ली और पीड़िता की गवाही को समझने के लिए प्लास्टिक की गुड़िया का सहारा लिया. पीड़िता ने एक-एक कर घटना का विवरण दिया. गवाही, दुभाषिए की पुष्टि और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 450 और 376 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई|
हाई कोर्ट ने बरकरार रखी सजा
आरोपी ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी और पीड़िता की गवाही की वैधता पर सवाल उठाए. इस पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई. डिवीजन बेंच ने अपील खारिज करते हुए सजा को बरकरार रखा और स्पष्ट किया कि मूक-बधिर गवाह की गवाही भी वैध होती है|
क्या है पूरा मामला?
ये पूरा मामला साल 2020 का है. जहां बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र में एक जन्म से मूक-बधिर युवती से जुड़ा है, जिसके साथ उसके ही रिश्तेदार ने उस समय दुष्कर्म किया, जब वह घर में अकेली थी. आरोपी ने उसकी असहायता का फायदा उठाया. घटना के बाद जब परिजन घर लौटे, तो पीड़िता ने इशारों में पूरी घटना बताई और आरोपी की पहचान की. इसके बाद मां की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया|

Madhya Pradesh Bus Strike: 7 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम, नहीं मानी मांगें तो थम जाएंगे बसों के पहिए
Betul Land Encroachment: सरकारी जमीन पर कब्जे का बड़ा खेल, जांच में सामने आए 27 अतिक्रमण
Outsource Employees Salary: सीएमएचओ कार्यालय पर गंभीर आरोप, सफाईकर्मियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नहीं मिल रहा पूरा वेतन
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत