अंबिकापुर में 15 हिरणों की मौत के बाद वन विभाग सख्त
अंबिकापुर|छत्तीसगढ़ में अब वन विभाग जंगली जानवरों की सुरक्षा करने के लिए आवारा और पालतू कुत्तों पर निगरानी करेगा. इतना ही नहीं इसके लिए वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी. वहीं टाईगर रिजर्व में रहने वाले कुत्तों के गले में पहचान के लिए विशेष कलर का पट्टा भी पहनाया जाएगा|सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने यह फैसला अंबिकापुर में 15 हिरण की मौत के बाद लिया है, हालांकि इसका कितना बड़ा असर आने वाले दिनों में जानवरों को सुरक्षित रखने में होगा यह बड़ा सवाल है|
अंबिकापुर में 15 हिरण की मौत के बाद एक्शन
प्रदेश के सभी जिलों के वन विभाग के अधिकारियों और वन विभाग के वन्य जीव, अभ्यारण, टाइगर रिजर्व के अफसरों को प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने आदेश जारी किया है. जिसमें लिखा गया है कि अलग-अलग वन क्षेत्रों के आसपास रहवासी क्षेत्रों के आवारा पशु सहित आवारा कुत्तों का भी वन क्षेत्रों में प्रवेश हो सकता है, जिससे वन्यप्राणियों में बीमारी फैलने तथा उनके शिकार मृत्यु की स्थिति निर्मित हो सकती है, क्योंकि इसी तरह की घटना 20 एवं 21 मार्च 2026 की रात अंबिकापुर स्थित संजय वाटिका में हुई, जहां आवारा कुत्तों के पार्क में प्रवेश करने तथा शाकाहारी वन्यजीव के बाड़े में घुसने के कारण 15 वन्यप्राणियों की मौत हो गई. घटना की विस्तृत जांच इस कार्यालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जा रही है.
आवारा कुत्तों की होगी निगरानी
आदेश में कहा गया है कि पूर्व में भी एनटीसीए द्वारा आवारा कुत्तों के वन क्षेत्रों विशेष तौर से टाइगर रिजर्व में घुसने की स्थिति में किये जाने वाले कार्यों संबंधी एसओपी से अवगत कराया गया है, जिसका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें. टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने एवं प्रवेश की स्थिति में इससे निपटने के संबंध में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा जारी एसओपी का पालन किया जाए|राज्य के टाइगर रिजर्व के समस्त उप निदेशक एवं क्षेत्र संचालक टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस एसओपी से अवगत कराते हुये आगामी दो सप्ताह के अंदर प्रशिक्षण करावें तथा एसओपी का पालन सुनिश्चित कराया जाए. यही कार्यवाही राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभ्यारण्यों के लिए भी की जाया|
वन विभाग ने जारी किया आदेश
राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभ्यारण्यों के समीप के ग्राम जहाँ कुत्तों का प्रवेश वन्यप्राणी बाहुल्य क्षेत्रों में हो सकता है, वहां ग्रामवासियों को सचेत करें कि उनके पालतू कुत्ते वन क्षेत्रों में प्रवेश न करें। इस बाबत समस्त आवश्यक सावधानियों उनके द्वारा रखी जावे। यह कार्यवाही अन्य वन्यप्राणी बाहुल्य क्षेत्रीय वन क्षेत्रों के समीप के ग्रामों में भी की जाए। आवारा कुत्तों के वन्यप्राणी बाहुल्य क्षेत्रों में प्रवेश करने की स्थिति में उन्हें पकड़ने हेतु एनीमल वेलफेयर बोर्ड इंडिया के प्रावधानों का पालन करने का आदेश जारी किया गया है|
आदेश में इस बात का जिक्र है कि राज्य के वन क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के प्रवेश तथा उनके द्वारा दौड़ाए जाने, आक्रमण किये जाने से वन्यप्राणी विशेष रूप से चीतल की मृत्यु की घटनाएँ पूर्व में भी घटित हुई है, ऐसे में इन घटनाओं पर सख्ती से नियंत्रण हेतु वन क्षेत्रों के समीप के ग्रामों हेतु समयबद्ध कार्यक्रम ग्रामवार तैयार किया जाए

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