Betul Mining Revenue Decline: खनिज विभाग की आय में गिरावट: लोनिवि की कम रॉयल्टी से खजाने को बड़ा झटका, लक्ष्य से आधा ही राजस्व
Betul Mining Revenue Decline: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। लोक निर्माण विभाग के इस साल भी अन्य सालों की तरह थोक में काम चल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद रायल्टी अदा करने में विभाग द्वारा खासी कंजूसी बरती जा रही है। इस साल विभाग की ओर से खनिज विभाग को बतौर रायल्टी मात्र 46.54 लाख रुपये ही मिल सके हैं। इसके विपरीत बीते सालों में लोक निर्माण विभाग द्वारा करोड़ों में रायल्टी अदा की जाती थी। कोयला खदानें बंद होने से वेस्टर्न कोल फिल्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) से मिलने वाले राजस्व में भी खासी कमी आई है। इसके चलते खनिज विभाग इस साल अपने लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है।
खनिज विभाग को इस साल शासन से 113 करोड़ रुपये का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। वित्त वर्ष का यह आखरी सप्ताह चल रहा है और अभी तक विभाग मात्र 45 करोड़, 46 लाख, 23 हजार, 045 रुपये का राजस्व ही संग्रहण कर पाया है। विभाग का राजस्व घटने में मुख्य भूमिका वेकोलि की रही। वेकोलि से खनिज विभाग को सबसे ज्यादा रायल्टी मिलती है। लेकिन, वेकोलि की खदानें एक-एक कर बंद होने से इस रायल्टी में भारी गिरावट आई है। वर्ष 2023-24 में वेकोलि से 56 करोड़, 34 लाख, 91 हजार, 292 रुपये और वर्ष 2024-25 में 57 करोड़, 72 लाख, 07 हजार, 374 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस साल वेकोलि से महज 33 करोड़, 21 लाख, 01 हजार, 008 रुपये का राजस्व ही 26 मार्च तक प्राप्त हो सका है।
लोनिवि से भी कम मिली रायल्टी
दूसरी सबसे चौंकाने वाली भूमिका लोक निर्माण विभाग की नजर आ रही है। इस साल शासकीय विभागों (जिसमें मुख्य रूप से लोक निर्माण विभाग शामिल है) से बेहद कम रायल्टी मिली है। लोक निर्माण विभाग से 2023-24 में 5 करोड़, 27 लाख, 63 हजार, 203 रुपये और 2024-25 में 4 करोड़, 55 लाख, 79 हजार, 070 रुपये मिले थे। इसके विपरीत इस साल महज 46 लाख, 54 हजार, 006 रुपये की रायल्टी ही 26 मार्च तक मिल सकी है। जबकि जानकारों का कहना है कि अन्य सालों में जैसे विभाग के कार्य चलते हैं, वैसे ही इस साल भी चल रहे हैं। ऐसे में रायल्टी में इतना अंतर नहीं आना चाहिए।
गिट्टी-मुरम-बोल्डर से भी कम आमदनी
इसके अलावा गिट्टी, मुरम और बोल्डर से भी खनिज विभाग को इस साल कम आय हुई है। बीते साल गिट्टी से 8 करोड़, 72 लाख, 97 हजार, 192 रुपये, मुरम से 1 करोड़, 98 लाख, 49 हजार, 800 रुपये और बोल्डर से 1 करोड़, 85 लाख, 11 हजार, 850 रुपये की आय हुई थी। इस साल गिट्टी से 6 करोड़, 89 लाख, 48 हजार, 183 रुपये, मुरम से 1 करोड़, 52 लाख, 91 हजार, 887 रुपये और बोल्डर से 1 करोड़, 43 लाख, 03 हजार, 560 रुपये की रायल्टी ही मिल सकी है।
दो साल से कम भर रहा खजाना
खनिज विभाग का खजाना बीते 2 सालों से कम ही भर रहा है। वर्ष 2022-23 में 61 करोड़ के लक्ष्य के विपरीत 63.37 करोड़ और 2023-24 में 75 करोड़ के लक्ष्य के विपरीत 75.34 करोड़ का राजस्व संग्रहण विभाग ने किया था। इसके उलट वर्ष 2024-25 में 106 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 76.28 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया था। इस साल तो हालत और खराब है। इस साल 2025-26 में 113 करोड़ का लक्ष्य जिले को मिला था, लेकिन 26 मार्च तक मात्र 45.46 करोड़ का राजस्व ही हासिल हो सका है। यह लक्ष्य का आधा भी नहीं होकर मात्र 42.23 प्रतिशत ही है।
केवल विविध खनिज में बढ़ा राजस्व
मुख्य खनिजों के अलावा इस साल केवल विविध खनिज मद में राजस्व बढ़ा है। विविध खनिज के लिए बीते साल 1 करोड़, 43 लाख, 08 हजार, 533 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो कि इस साल बढ़कर 1 करोड़, 93 लाख, 24 हजार, 401 रुपये हो गया है। हालांकि 2023-24 के मुकाबले यह भी काफी कम है। उस वर्ष इस मद में 4 करोड़, 59 लाख, 32 हजार, 134 रुपये का राजस्व मिला था। इनके अतिरिक्त ग्रामीण के अंतर्गत मिलने वाला राजस्व भी घाटा है। इस मद में इस साल लक्ष्य 25.61 करोड़ का था पर 13.94 करोड़ ही मिल पाए हैं। 2023-24 में 16.58 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 16.06 करोड़ और 2024-25 में 18.31 करोड़ के मुकाबले 20.49 करोड़ प्राप्त हुए थे।
इनका कहना...
खनिज विभाग की आय का सबसे बड़ा स्रोत कोयला है। वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड पाथाखेड़ा की कई खदानें बंद होने के कारण राजस्व में बड़ी कमी आई है। इनके अलावा लोक निर्माण विभाग से मिलने वाली रायल्टी भी इस साल कम मिली है। इसके लिए संबंधित विभाग से चर्चा की जा रही है।
मनीष पालेवार, उप संचालक (खनिज), बैतूल

ईरान का अमेरिकी कंपनियों पर निशाना: प्रेशर पॉलिटिक्स या बदले की रणनीति?
जिंदा महिला को कागजों में मृत बताया, पौने दो बीघा जमीन हड़पने का आरोप; कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए