Betul Nagar Palika: क्या बिगड़ैल नगर पालिका पर कस पाएंगे नवनीत पांडे नकेल? बैतूल की व्यवस्था पर बड़ा सवाल
Betul Nagar Palika: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। काजल की कोठरी कहलाने वाली नगर पालिका परिषद बैतूल के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। बीते लगभग ढाई वर्षों से बैतूल नपा अपने बिगडैल रवैये के चलते बदनाम हो चुकी है। पूरे शहर की बदहाली हो गई है। सिर्फ वही काम चुन-चुन कर किए जा रहे हैं, जिसमें जमकर मलाई कट रही है और फीलगुड फैक्टर महसूस हो रहा है।
जनता की मूलभूत सुविधाओं से तो नगर पालिका परिषद के पार्षदों और अध्यक्ष का शायद दूर-दूर तक वास्ता ही नहीं रहा है। पार्षद भी सिर्फ दिखावे के लिए सक्रियता दिखाते हैं। पेननेम से ठेकेदारी का नगर पालिका में जो खेल चल रहा है उसका पूरे नगर में सार्वजनिक प्रदर्शन हो चुका है। लेकिन, फीलगुड के चक्कर में पक्ष और विपक्ष दूध और पानी की तरह मिला हुआ है। अध्यक्ष की परिषद पर कोई कमांड ही नहीं है। बची-कुची कसर बीते एक-डेढ़ वर्षों में सीएमओ सतीश मटसेनिया की घटिया कार्यप्रणाली ने पूरी कर दी है।
अब एक बार फिर नवनीत पांडे के रूप में एक नये-नवेले और कम अनुभवी सीएमओ के हाथ में नपा की कमान आ रही है। लगभग एक वर्ष बाद नगर पालिका के चुनाव होने हैं और फिर क्रमश: विधानसभा और लोकसभा चुनाव रहेंगे। जिला मुख्यालय की नगर पालिका के कार्यों से पूरे जिले में संदेश जाता है। उम्मीद कम ही है कि नवनीत पांडे बिगडैल नगर पालिका की लगाम कस पाएंगे। फिर भी कुछ समय उनको और उनकी कार्यप्रणाली को देखने-परखने के लिए दिया जाना चाहिए। बड़ा सवाल यह भी है कि क्या सीएमओ नवनीत पांडे अपने आपको नगर पालिका परिषद बैतूल में बने इंजीनियरों और ठेकेदारों के काकस से बचा पाएंगे?
आज प्रभार लेंगे नए सीएमओ नवनीत पांडे
लगभग एक माह तक बगैर सीएमओ के चली बैतूल नगर पालिका को गुरुवार को सीएमओ मिल जाएगा। घोड़ाडोंगरी के प्रभारी सीएमओ नवनीत पांडे को बैतूल नपा का प्रभार भी सौंप दिया गया है। वे गुरुवार को बैतूल पहुंच कर नपा की कमान संभालेंगे। विगत 26 फरवरी को नपा सीएमओ सतीश मटसेनिया को निलंबित किए जाने के बाद से बैतूल नपा बिना सीएमओ के चल रही थी। फिलहाल बैतूल एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह के पास सीएमओ का प्रभार है। श्री पांडे वर्तमान में संयुक्त संचालक कार्यालय नर्मदापुरम में सहायक संचालक पद पर पदस्थ हैं। उनके पास घोड़ाडोंगरी नगर परिषद के भी प्रभारी सीएमओ हैं। अब उन्हें बैतूल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया है। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि श्री पांडे उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ के निवासी हैं, लेकिन उनकी हायर सेकेंडरी तक की शिक्षा-दीक्षा बैतूल से ही हुई है। लंबे इंतजार के बाद बैतूल में सीएमओ तो पदस्थ हो गए हैं, लेकिन उन्हें अतिरिक्त प्रभार ही मिला है, वे फुलफ्लैश सीएमओ नहीं हैं।
नपाकर्मियों के वेतन में नहीं होगी देरी, अवकाश पर प्रतिबंध
नगर पालिका बैतूल के प्रभारी सीएमओ डॉ. अभिजीत सिंह ने नपा की वेतन की व्यवस्था बदल दी है। उन्होंने वेतन व्यवस्था में 2 बड़े बदलाव किए हैं। इनमें पहला बदलाव जहां वेतन की फाइल प्रस्तुत करने के तरीके का है वहीं दूसरा बदलाव वेतन की तारीख तय किए जाने का है। इसके अलावा अवकाश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस संबंध में उन्होंने आदेश भी जारी कर दिए हैं।
नगर पालिका की 7 शाखाएं हैं। इनमें से हर शाखा में अलग-अलग श्रेणी के कर्मचारियों की वेतन की 3-3 फाइलें बनती हैं। इस तरह वेतन की ही कुल 24 फाइलें बन जाती हैं। इन सभी फाइलों पर सीएमओ को और फिर लेखा अधिकारी को एक-एक कर साइन करना होता है। नई व्यवस्था में ऐसा नहीं होगा। एसडीएम और प्रभारी सीएमओ डॉ. अभिजीत सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब सभी शाखाओं के लिपिक फाइलें तैयार करके कार्यालय अधीक्षक के पास जमा करेंगे। कार्यालय अधीक्षक द्वारा इन सभी फाइलों को मिलाकर केवल एक फाइल तैयार करके सीएमओ के समक्ष पेश की जाएगी। इस तरह सीएमओ और लेखा अधिकारी को केवल एक ही फाइल पर हस्ताक्षर करने होंगे। इससे हस्ताक्षर करने में समय भी व्यर्थ नहीं जाएगा और सभी शाखाओं का वेतन एक साथ हो जाएगा।
वेतन की समय सीमा भी कर दी तय
इसके अलावा वेतन के लिए समय सीमा भी तय कर दी गई है। प्रभारी सीएमओ द्वारा जारी आदेश के अनुसार महीना खत्म होने के बाद अगले महीने के पहले ही वर्किंग डे पर वेतन की फाइल हर हाल में तैयार करना होगा। इसके बाद दूसरे वर्किंग डे पर कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाएगा। गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से वेतन को लेकर कर्मचारी खासे परेशान चल रहे हैं।
जिले भर के नपाकर्मियों के अवकाश पर लगा प्रतिबंध
बैतूल नगर पालिका के सीएमओ होने के नाते बैतूल एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह जिला शहरी विकास प्राधिकरण (डुडा) के परियोजना अधिकारी भी हैं। उन्होंने सभी नगर पालिकाओं और नगर परिषद के कर्मचारियों के आगामी आदेश तक अवकाश पर प्रतिबंध भी लगा दिया है। आने वाले दिनों में पड़ रहे कई प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर उन्होंने अवकाश पर रोक लगाई है।

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