delimitation betul assembly seat: चिचोली बनेगी नई विधानसभा, लोकसभा सीट महिला के लिए हो सकती है आरक्षित
♦ मयूर भार्गव ♦
delimitation betul assembly seat: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। केंद्र सरकार के 2029 लोकसभा चुनाव के पहले महिला आरक्षण लागू करने और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कराए जाने के उठाए जाने वाले कदम की आहट से देश की राजनीति अचानक गर्मा गई है। पहले उम्मीद की जा रही थी कि 2027 में पूरी होने वाली जनगणना के बाद परिसीमन किया जाएगा। अचानक केंद्र सरकार की तरफ से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर दिए गए बयान ने खलबली मचाकर रख दी है। परिसीमन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्षी दलों के साथ लगातार बैठक भी कर रहे हैं। नया लोकसभा भवन बनने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि देश में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 816 तक पहुंच सकती है। महिला आरक्षण 33 प्रतिशत होने के बाद महिला सांसदों की संख्या भी 273 तक पहुंचने की संभावना है। 2011 की जनसंख्या के आधार पर होने वाली इस परिसीमन से स्वाभाविक तौर बैतूल भी प्रभावित होगा। राजनीति के जानकारों का मानना है कि बैतूल में 5 के स्थान छटवीं विधानसभा चिचोली हो सकती है। वहीं बैतूल लोकसभा क्षेत्र में से हरदा-टिमरनी और हरसूद कट जाएगा। यह सब होने से जिले का राजनैतिक भूगोल भी बदल जाएगा। इसके साथ ही 2028 और 2029 में क्रमश: विधानसभा और लोकसभा चुनाव में समीकरण भी बदल जाएंगे।
2023 से तैयारी कर ही है सरकार
केंद्र सरकार द्वारा 20 सितम्बर 2023 को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियमÓ पास होने के बाद अब केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए संसद के मौजूदा सत्र में दो बिल लाए जा सकते हैं। वहीं सरकार 20211 के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन भी लागू करने का विचार बना रही है जिसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्षी दलों से लगातार संवाद कर रहे है। नया परिसीमन लागू होने के बाद लोकसभा में सदस्यों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है। इनमें महिला सांसदों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 273 हो जाएगी। इस मामले में सहमति बनने पर इसी सप्ताह लोकसभा और राज्यसभा में बिल पेश किए जा सकते हैं।
2011 की जनगणना के आधार पर होगा काम
अब सरकार का प्रस्ताव है कि नई जनगणना का इंतजार करने की बजाय 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही परिसीमन किया जाए। इससे प्रोसेस तय समय पर पूरी हो सकेगी और आरक्षण लागू किया जा सकेगा। आरक्षण प्रस्ताव के मुताबिक 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। आरक्षण का ढांचा ऐसा होगा, जिसमें एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं को उनके कोटे के भीतर हिस्सा मिलेगा। ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से प्रावधान फिलहाल शामिल नहीं है। इसी फॉर्मूले पर राज्यों की विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाने और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की योजना है, ताकि पूरे देश में एक जैसा ढांचा रहे।
मध्यप्रदेश में होगी 44 लोकसभा सीट
नया परिसीमन लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में वर्तमान में 29 लोकसभा के स्थान पर लगभग 44 या 45 लोकसभा सीट हो जाएगी। इसमें 33 प्रतिशत महिला आरक्षण होने से लगभग 15 लोकसभा सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएगी।
बैतूल में होगी 6 विधानसभा
2011 की जनगणना के आधार पर होने वाले परिसीमन के बाद बैतूल लोकसभा क्षेत्र भी छोटा हो जाएगा। जानकारों का कहना है कि नए परिसीमन के बाद बैतूल लोकसभा क्षेत्र में से हरदा, टिमरनी और हरसूद अलग हो जाएंगे। वहीं बैतूल की 5 विधानसभाएं 6 हो जाएंगी और उनका स्वरूप बदल जाएगा। नई विधानसभाओं के संभावित स्वरूप को लेकर राजनीति के जानकारों का कहना है कि 5 विधानसभा यथावत रहकर चिचोली के रूप में एक नई विधानसभा बनाई जा सकती है। नई बनने वाली छटवीं विधानसभा में चिचोली ब्लाक के साथ ही शाहपुर का आधा भाग, घोड़ाडोंगरी का कुछ भाग और भीमपुर का कुछ भाग मिलाकर चिचोली विधानसभा बनेगी। घोड़ाडोंगरी विधानसभा में शाहपुर का बचा हिस्सा एवं सारनी नगरीय क्षेत्र को शामिल किया जा सकता है। भैंसदेही विधानसभा में भीमपुर का बचा हिस्सा और भैंसदेही ब्लाक मिलाकर विधानसभा बन सकती है। बैतूल विधानसभा में आठनेर का आधा हिस्सा यथावत रहने के साथ ही पूरा बैतूल ब्लाक शामिल किया जा सकता है। मुलताई विधानसभा में मुलताई का कुछ हिस्सा और पट्टन ब्लाक मिलाकर विधानसभा बन सकती है। वहीं आमला विधानसभा में मुलताई का बचा हिस्सा जोड़कर आमला विधानसभा बनाई जा सकती है।
विधानसभाओं का स्वरूप बदलने के बाद वहां की राजनैतिक परिस्थितियां भी पूरी तरह से बदल जाएंगी। यदि ऐसा हुआ तो जिले में तीन सीट ओपन और तीन सीट आरक्षित रहेंगी। जिनमें से 2 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती है। वहीं लोकसभा सीट जो अभी आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है वह आरक्षण से मुक्त अथवा महिला आरक्षित हो सकती है।

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