कलेक्टर से मिलने के लिए पूरे दिन बैठी रही जिला पंचायत अध्यक्ष
रतलाम। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में अफसरो ने अब सीधे-सीधे जनप्रतिनिधियों का अपमान करना शुरू कर दिया है। सीधी के बाद मामला रतलाम का है जहां कलेक्टर मीशा सिंह की दादागिरी के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष को धरना देना पड़ा। मध्यप्रदेश में युवा आईएएस अधिकारी जनप्रतिनिधियों पर इतने भारी हैं कि सामने देखकर भी उनसे मिले बिना चले जाते हैं। मामला रतलाम का है जहां कलेक्टर मीशा सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष लालबाई चंद्रवंशी से पूरे दिन इंतज़ार कराया पर मुलाकात नहीं की। जब कलेक्टर अपने कार्यालय से निकल रही थी तब जिला पंचायत अध्यक्ष सामने खड़ी थी। लेकिन कलेक्टर उनसे मिले बिना ही निकल गए। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष कलेक्टर कार्यालय में ही धरने पर बैठ गई। मध्य प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष को राज्य मंत्री के समक्ष माना गया है। जनप्रतिनिधियों से समन्वय नहीं होने के चलते ही सीधी कलेक्टर को मुख्यमंत्री ने हटाया था। आक्रोश को देखते हुए लगता है कि अगला नंबर रतलाम जिले का हो सकता है।कलेक्टर मिशा सिंह ने लोकल मीडिया को बताया कि सोमवार को समय-सीमा में होने वाले कार्य की समीक्षा बैठक सहित अन्य कई बैठक लगातार चली। जिसके चलते व्यस्तता अधिक थी।

Gas Shortage Betul Impact: गैस संकट से भट्टी-सिगड़ी युग की वापसी, दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट
Betul Trenching Ground Cleaning: सीएमओ की सख्ती: 10 दिन में साफ होगा ट्रेंचिंग ग्राउंड, नई जगह शिफ्ट की तैयारी
Betul Traffic Jam Over Bridge: अंडर ब्रिज बंद होते ही ओवर ब्रिज पर दिनभर जाम, पहले ही दिन बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था, अब भारी वाहन प्रतिबंधित
Betul BJP Leaders State Posts: बैतूल के भाजपाइयों पर प्रादेशिक पदों की बरसात, संगठन में बढ़ा जिले का कद
राशिफल 4 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
बाघ गणना का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न