Betul Water Crisis: अप्रैल में खत्म होगा इमरजेंसी पानी का स्टॉक, माचना एनीकट में सिर्फ 5 फीट पानी शेष
Betul Water Crisis: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। ऐसा लगता नहीं कि नगर पालिका द्वारा पूरी गर्मी भर शहरवासियों को पर्याप्त पानी मुहैया कराए जाने को लेकर कोई ठोस प्लानिंग बनाई है। शहर की अन्य व्यवस्थाओं की तरह पानी जैसी मूलभूत व्यवस्था भी भगवान भरोसे ही चल रही है। यही कारण है कि अप्रैल महीने में शहर के लिए इमरजेंसी स्टॉक की तरह काम करने वाले माचना एनीकट का पानी समाप्त हो जाएगा। इसके बाद कभी ताप्ती बैराज से पानी लेने में थोड़ी भी दिक्कत हुई तो शहर में पानी सप्लाई करने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था ही नहीं रह जाएगी। इन हालातों में शहर में पानी के लिए हाहाकार मचने की स्थिति बन जाएगी।
पहले विवेकानंद वार्ड में माचना नदी पर स्थित एनीकट ही शहर में सप्लाई का मुख्य स्रोत था। हालांकि यहां से शहर की जरुरतों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पाता था। इसके बाद खेड़ी में ताप्ती नदी पर नपा ने करीब 7 करोड़ की लागत से बैराज बनवाया। अब इस बैराज से शहर तक पानी लाकर इसकी सप्लाई की जा रही है। हालांकि ऐसा नहीं है कि माचना एनीकट का उपयोग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब माचना एनीकट का उपयोग इमरजेंसी स्टॉक के रूप में करती है। यदि ताप्ती बैराज से पानी लेने में कोई परेशानी होती है तो नपा एनीकट से पानी लेना शुरू कर देती है ताकि जलापूर्ति पर कोई असर न पड़े।
पूरे साल भर चला लेती थी नपा
ताप्ती से पानी लेने में कभी भी कोई तकनीकी समस्या हो सकती है। इसलिए नगर पालिका माचना एनीकट में पूरे साल भर तक पानी उपलब्ध रखती थी, जिससे यहां से तत्काल पानी लिया जा सके। अभी भी नगर पालिका लाखापुर डैम में पहले की तरह पानी रिजर्व रखवाती है। इस साल भी लाखापुर में पानी रिजर्व रखवाया था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन रही हंै कि इस बार अप्रैल महीने में ही एनीकट का पानी खत्म हो जाएगा। इन हालातों में यदि ताप्ती से पानी लेने में कोई भी समस्या आई तो फिर कहीं और से पानी लेने की व्यवस्था ही नहीं रहेगी।
अब एक बार ही मिल पाता है पानी
पहले लाखापुर में रिजर्व करवाया गया पानी नपा 2 बार ले लेती थी। बताया जा रहा है कि लगातार भराव होने के कारण डैम की क्षमता बेहद कम हो गई है। इसके अलावा सिंचाई के लिए भी इसका पानी इस्तेमाल कर लिया जाता है। इससे अब यहां से एक बार ही पानी मिल पा रहा है। यह पानी भी इस बार नगर पालिका ले चुकी है। अब वहां से भी पानी मिलने की कोई संभावना नहीं है।
महज पांच फीट पानी ही शेष बचा
इस साल माचना एनीकट में मात्र 5 फीट पानी ही बचा है। कहा जा रहा है कि यह पानी अप्रैल के आखरी तक ही चल सकेगा। नपा के अधिकारियों का कहना है कि अभी भी लाखापुर से पानी आ रहा है। हालांकि उसका बहाव भी काफी कम हो गया है और यह सब मिलाकर भी अप्रैल के बाद एनीकट में पानी उपलब्ध रह पाना संभव नहीं होगा। यही कारण है कि यदि कभी ताप्ती से पानी मिलने में दिक्कत हुई तो कोई और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से कभी भी शहर में पानी के लिए हाहाकार मचने की नौबत आ सकती है। इसे लेकर नगर पालिका द्वारा अभी तक कोई प्लानिंग नहीं बनाई गई है।
चोरी रोकने के भी नहीं हो रहे प्रयास
अन्य वर्षों में नगर पालिका द्वारा इस बात के विशेष प्रयास किए जाते थे कि शहर में सप्लाई करने के लिए भंडारित किए गए पानी का सिंचाई के लिए उपयोग न हो। यही कारण है कि ज्यादा पानी बचा रहता था। इस साल नपा द्वारा ऐसे कोई प्रयास ही नहीं किए जा रहे हैं। यही कारण है कि आसपास के खेत मालिकों द्वारा नदी और डैम से पानी लेकर सिंचाई किए जाने के आरोप भी लगातार लग रहे हैं। इससे भी पानी तेजी से कम हो रहा है।

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