Betul Mandi Meeting Issue: मंडी बैठक में अव्यवस्था की जड़ ‘चौकड़े’ मुद्दा बना ही नहीं, व्यापारियों ने ही उठाए अधिक सवाल
Betul Mandi Meeting Issue: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। मंडी में होने वाली अव्यवस्था की मुख्य वजह मंडी के शेडों व परिसर में लगे व्यापारियों के बोरों के चौकड़े हैं। इसी मुद्दे पर भारतीय किसान संघ ने हाल ही में मंडी गेट पर धरना प्रदर्शन भी किया था। इसके बावजूद आज मंडी में व्यवस्था बनाने के नाम पर जो बैठक हुई, उसमें किसी ने इन चौकड़ों का जिक्र तक नहीं किया। हैरानी की बात तो यह रही कि भारतीय किसान संघ और किसान मोर्चा के पदाधिकारियों से ज्यादा मुद्दे व्यापारी प्रतिनिधि प्रमोद अग्रवाल ने उठाए।
व्यापारियों द्वारा मंडी से बोरों का उठाव नहीं करने से हो रही अव्यवस्था को लेकर भारतीय किसान संघ ने हाल ही में धरना दिया था। यह धरना इस आश्वासन पर समाप्त हुआ था कि 21 मार्च को बैठक कर मंडी में व्यवस्था बनाने की रणनीति बनाई जाएगी। एसडीएम और मंडी के भारसाधक अधिकारी डॉ. अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आज जब बैठक हुई तो समस्या की मूल वजह का न तो किसान संघ ने जिक्र किया और न ही किसान मोर्चा ने किया। करीब 2 घंटे तक चली इस बैठक में अन्य मुद्दों पर ही चर्चा चलती रही।
बैठक खत्म होने पर जब पत्रकारों ने इस बारे में सवाल किए तो मंडी सचिव ने कहा कि रविवार शाम तक सारे बोरे उठवा लिए जाएंगे। यदि नहीं उठाए जाते हैं तो व्यापारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। खास बात यह भी रही कि भारतीय किसान संघ और किसान मोर्चा के पदाधिकारी अधिकांश समय चुप रहे, वहीं व्यापारी प्रतिनिधि प्रमोद अग्रवाल लगातार मुद्दे उठाते रहे और विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए उपाय भी बताते रहे।
बार-बार खराब हो रहे तौल कांटे
व्यापारी प्रतिनिधि श्री अग्रवाल ने मंडी में अलग-अलग फसलों के लिए अलग-अलग शेड तय करने, मंडी के कुछ कांटों में गलत तौल होने, कांटे रोजाना चेक किए जाने, एकल व्यापारियों द्वारा चिल्लर माल की खरीदी बंद किए जाने, हम्मालों द्वारा ज्यादा रुपये लिए जाने, बड़े कांटे को दुरूस्त किए जाने, ट्रॉली में नीलामी शुरू करवाए जाने जैसे मुद्दे उठाए। किसान मोर्चा के महेश्वर सिंह चंदेल ने सब्जी मंडी में आवंटित से अधिक जगह पर कारोबार करने और सब्जी मंडी को अन्यंत्र शिफ्ट करने के मुद्दे उठाए। उन्होंने मंडी के अधिकारियों में काम करने की इच्छाशक्ति नहीं होने के आरोप भी लगाए।
किसानों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं
किसान संघ के पुरूषोत्तम सरले ने आरोप लगाया कि किसानों से जुड़ी शिकायतों पर आज तक मंडी प्रबंधन ने एक भी कार्रवाई नहीं की है। हम्मालों द्वारा किसानों से पैसे लिए जा रहे हैं, इसकी शिकायत भी की है पर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने मंडी प्रबंधन पर एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि किसान विरोध करते हैं तो मंडी बंद कर दी जाती है, जबकि किसानों की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद कई व्यवस्थाएं भी बनाई गईं।
एकल व्यापारी से लें बैंक गारंटी
भारसाधक अधिकारी डॉ. सिंह ने यह व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए कि सिंगल या एकल व्यापारियों से बैंक गारंटी लें या 2 व्यापारियों के जरिए उनकी गारंटी दिलवाई जाएं ताकि किसानों का भुगतान न रोक सके। किसानों को होने वाले भुगतान की गूगल शीट पर रोजाना जानकारी दी जाएं। मंडी परिसर में लगातार एनाउंसमेंट कराया जाएं कि आज ही पेमेंट प्राप्त कर लें। विभिन्न फसलों के लिए अलग-अलग शेड तय किए जाएंगे। एक अप्रैल से नीलामी 9.30 बजे शुरू होगी। नीलामी अपने तय समय पर होगी, इसके लिए किसी का इंतजार नहीं किया जाएगा।
ट्रॉली में लाने पर होगी पहले तौल
ट्रॉली में उपज की तौल व्यवस्था लागू करने पर भी सहमति बनी। ट्रॉली में लाने वाले किसान की उपज पहले तौली जाएगी। ट्राली में बारदाने में उपज लाने पर भी यही व्यवस्था लागू होगी। व्यापारी बारदाने के बदले बारदाने किसान को देंगे। ट्रॉली का माल लेने पर जिन व्यापारियों के गोदाम पास में हैं, वे वहां खाली कराएंगे और जिनके नहीं है, उन्हें मंडी में जगह उपलब्ध कराई जाएगी। मंडी सचिव को यह निर्देश भी दिए गए कि वे भी किसानों को ट्रॉली में उपज लाने के लिए प्रोत्साहित करें।
तौल कांटों की जांच करने दल बनेगा
तौल कांटों की जांच के लिए एक दल बनाने के निर्देश भी दिए गए। यह दल रोजाना तौल कांटों की जांच करेगा। व्यापारियों के निजी तौल कांटे भी मंडी में जमा होंगे। यदि किसी ने तौल कांटों की जांच नहीं कराई तो धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बड़े तौल कांटे की गड़बड़ी 2 दिन में ठीक कराने के निर्देश दिए गए।
हम्मालों का होगा रजिस्ट्रेशन, बिल्ले देंगे
बैठक में किसानों से हम्मालों द्वारा पैसे लेने और इसके बगैर पर्ची नहीं देने का मुद्दा भी उठा। इस पर 10 गार्डों और 3 मंडी निरीक्षकों की टीम बनाने के निर्देश दिए गए। यह टीम किसानों से फीडबैक लेगी कि उनसे पैसे तो नहीं लिए गए, उनका भुगतान प्राप्त हो गया या नहीं। इसके अलावा हम्मालों का 5 दिनों में रजिस्ट्रेशन करने, कार्ड बनाने, बिल्ला देने के निर्देश दिए गए, जिन पर सभी नियम-शर्तों का उल्लेख होगा।
ट्रांसपोर्टर पर की जाएगी कार्रवाई
मंडी परिसर में कई वाहन अनाज भरकर खड़े रखे जाते हैं। भारसाधक अधिकारी द्वारा इन ट्रांसपोर्टरों पर जल्द कार्रवाई की बात कही गई। इसके अलावा अब मंडी बंद रखना है तो 3 दिन पहले प्रबंधन को सूचना देना होगा, अचानक इस बारे में निर्णय नहीं लिया जा सकेगा। भारसाधक अधिकारी द्वारा मंडी सचिव और स्टाफ को भी सख्त हिदायत दी गई कि गंभीरता से काम करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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