Betul Crop Registration Data 2026: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। भावांतर भाव योजना और समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए चना, मसूर और सरसो के पंजीयन की आखरी तारीख आज समाप्त हो चुकी है। जिले में इस साल सरसो और मसूर के पंजीयन में कमी आई है वहीं दूसरी ओर चने के पंजीयन में इजाफा हुआ है। इसके बावजूद जिले में चने का जितना रकबा है, उसके मुकाबले इस पंजीयन को बेहद कम माना जा रहा है। 

सरकार द्वारा सरसो की खरीदी भावांतर भाव योजना के तहत की जाती है। वहीं चना और मसूर की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाती है। बीते कई दिनों से इसके लिए किसान पंजीयन का कार्य किया जा रहा था। चना और मसूर के पंजीयन की अंतिथि तिथि हालांकि 16 मार्च को थी, लेकिन सरसो के लिए आखरी तारीख आज 20 मार्च थी। इन तीनों फसलों में से जिले में सबसे ज्यादा पंजीयन चना के लिए लिए हुए हैं। इस साल चना बिक्री के लिए 5247 किसानों ने पंजीयन कराया है। बीते साल चना के लिए 4229 किसानों ने पंजीयन कराया था। जाहिर है इस साल 1000 से अधिक पंजीयन हुए हैं।

इसके बावजूद चना का जिले में जितना रकबा है, उसके मुकाबले यह पंजीयन बेहद कम माने जा रहे हैं। कृषि विभाग के एसडीओ आरएस राजपूत बताते हैं कि जिले में चना का रकबा 47000 हेक्टेयर हैं। इस साल सबसे ज्यादा  1474 किसानों के पंजीयन बैतूल तहसील में कराए गए हैं। वहीं बैतूल शहर से एक भी पंजीयन नहीं हुआ है। इनके अलावा घोड़ाडोंगरी से 425, मुलताई से 318, प्रभातपट्टन से 690, आठनेर से 408, शाहपुर से 581, भैंसदेही से 396, चिचोली से 288, भीमपुर से 548 और आमला से 119 किसानों ने पंजीयन कराए हैं। चना की खरीदी 30 मार्च से होगी। 

मसूर और सरसो की यह है स्थिति 

सरसो के लिए इस साल जिले में 2477 किसानों ने पंजीयन कराया है। यह पिछले साल के 3658 पंजीयन से काफी कम है। सरसो की खरीदी भावांतर भाव योजना के तहत की जाएगी। इसकी खरीदी 23 मार्च से शुरू हो जाएगी। इसके अलावा मसूर के लिए इस साल केवल 106 पंजीयन हुए हैं। यह भी पिछले साल से काफी कम है। बीते साल जिले में 234 किसानों ने मसूर की बिक्री के लिए पंजीयन कराया था। मसूर की खरीदी भी 30 मार्च से शुरू होगी।