Betul SP Office Incident: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। हिन्दू नववर्ष के पहले दिन गुरूवार शाम को अपने साथ संदिग्ध तरल पदार्थ लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची एक महिला ने जमकर हंगामा मचाया। महिला ने दो मंजिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय की छत पर पहुंचकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और छत की बाउंड्री पर एक पैर बाहर लटका कर बैठ गई। महिला छत से कूदने की धमकी दे रही थी। इस बीच किसी पुलिस कर्मी ने लोहे का सरिया डालकर किसी तरह दरवाजा खोला, तब तक महिला ने अपने साथ लाया संदिग्ध तरल पदार्थ पी लिया, जिससे वह बेहोश हो गई। पुलिस ने तुरंत ही महिला को नीचे उतारा और पुलिस वाहन से जिला अस्पताल ले गई, जहां आईसीयू में उसका उपचार चल रहा है। इस घटना के पूर्व महिला की सगी बड़ी बहन और सौतन ने शाम को घर पर ही जहरीला पदार्थ खा लिया था। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती किया है। दोनों बहनों के पति लखन सोलंकी ने पारधीढाना के अलस्या पारधी द्वारा उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन एसपी ऑफिस की छत पर चढ़कर महिला द्वारा हंगामा मचाने और संदिग्ध पदार्थ पीने से पुलिस महकने में हड़कंप मच गया।

एक ही युवक से हुई है दो बहनों की शादी

पारधीढाना सोनाघाटी में रह रहे लखन सोलंकी की दो पत्नियां नीरम (३१), नगमा (३०) आपस में सगी बहनें हंै। नीरम और नगमा की मां इंदिरा पारधी ने बताया दोनों की शादी लखन सोलंकी से हुई है और वे आपस में प्यार से रहते हैं। उनके बीच कोई मनमुटाव नहीं है। चक्कर रोड निवासी अलस्या पारधी सोनाघाटी आकर उनके परिवार में झगड़ा लगाता है। मारपीट करता है, गंदे आरोप लगाता है ताकि लखन सोनाघाटी छोड़कर चले जाए।

बड़ी बहन ने खाया जहर

गुरूवार शाम लगभग ५ बजे लखन की पत्नी और नीरम ने घर में रखी चूहा मार दवा खा ली। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया। जिला अस्पताल में भर्ती नीरम ने बताया कि हम दोनों बहनें नीरम और नगमा पति लखन सोलंकी के साथ प्रेम से रहती हैं, लेकिन अलस्या पारधी हमारे ऊपर गलत आरोप लगाकर हमें भड़काता है। इसके लिए हमने घर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं फिर भी वह किसी तरह हमारे परिवार को सोनाघाटी से निकालना चाहता है। उससे परेशान होकर मैंने जहरीला पदार्थ खा लिया है।

एसपी ऑफिस पहुंचकर नगमा ने किया हंगामा

बड़ी बहन नीरम द्वारा जहर खाने के कुछ देर बाद छोटी बहन और लखन की दूसरी पत्नी नगमा अपने साथ बॉटल में संदिग्ध तरल पदार्थ (पेट्रोल या जहर) लेकर एसपी ऑफिस पहुंची। एसपी ऑफिस में नगमा दूसरी मंजिल की छत पर पहुंच गई और बाउंड्री का दरवाजा बंद कर लिया। नगमा छत पर एक पैर लटकाकर बैठ गई और कूदने की धमकी देने लगी। एसपी ऑफिस की छत पर महिला के पहुंचने से हड़कंप मच गया। इस दौरान भारी पुलिस बल जमा हो गया। पुलिस ने किसी तरह सरिए से छत का दरवाजा खोला। महिला टीआई कविता नागवंशी और प्रधान आरक्षक सविता ने उसे पकड़ा, लेकिन इसके पूर्व ही नगमा ने अपने साथ लाया संदिग्ध तरह पदार्थ पी लिया। आनन-फानन में पुलिसकर्मी उसे पुलिस वाहन से ही जिला अस्पताल ले गए। तब तक नगमा बेहोश हो चुकी थी। उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। पुलिस मामले की जांच और नगमा के होश में आने का इंतजार कर रही है।

पति बोला पारधीढाना से निकालने कर रहे परेशान

दोनों बहनें नीरम और नगमा के पति लखन सोलंकी ने आरोप लगाया कि अलस्या पारधी सोनाघाटी पारधीढाना में अवैध गतिविधियां करता है जिसमें मैं सहयोग नहीं करता हूं। इसलिए वह हमारे परिवार को भड़काकर मारपीट भी करता है। मुझे प्रशासन ने पट्टा दिया है, लेकिन अलस्या हमें वहां से भगाना चाहता है ताकि उसके अवैध काम चलते रहे। लखन ने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि हम शिकायत करने थाना जाते हैं तो पुलिस हमें ही थाने में बिठा लेती है। लखन ने अलस्या पारधी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

दबाव बनाने किया छत से कूदने का दिखावा: एसपी

इस पूरे घटनाक्रम में एसपी वीरेंद्र जैन का कहना है कि आज नगमा पत्नी लखन पारदी एसपी ऑफिस आई थी। इन्होंने दबाव  बनाने का प्रयास किया। घटनाक्रम यह था कि आज उनके गांव सोनाघाटी के पारदीढाना में नरेश की पत्नी राम प्यारी से इनका विवाद हुआ था। जिसमें दोनों को ही चोट आई थी। साथ ही लखन पारदी जिसकी दो शादियां हुई हैं, उसकी दूसरी पत्नी को भी चोट आई। इस मामले में रामप्यारी पहले एसपी ऑफिस आ गई, जिससे नगमा को ये लगा कि इसके और इसके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो जाएगी। ये पहले एफआईआर ना करने और इसकी तरफ से एफआईआर करने का दबाव बना रही थी। इसीलिए एसपी ऑफिस में ये कूदने का दिखावा और प्रयास करने का घटनाक्रम हुआ। 2 मार्च को भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, जिसमे क्रॉस केस दर्ज किया गया था। दोनों ही पक्षों पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और दोनों में वर्चस्व और आपसी रंजिश की लड़ाई लंबे समय से चली आ रही है। दोनों ही पक्षों के बयान लिए गए हैं और वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। महिला ने बताया है कि उसने चूहा मारने की दवाई का सेवन किया है और इसकी रिपोर्ट अभी डॉक्टर से नहीं आई है। महिला ने ये भी बताया की लंबे समय से ये इस तैयारी में थी क्योंकि अलस्या पारदी का गुट उसके पति लखन को बाहर निकालने के लिए प्रयास कर रहा है।

पुलिस की गंभीर लापरवाही 

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पूरे समय गेट पर गार्ड तैनात रहते हैं, ऑफिस में पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के साथ ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी महिला का संदिग्ध तरल पदार्थ लेकर छत पर पहुंचना ही गंभीर लापरवाही है। कहीं न कहीं एसपी ऑफिस में तैनात पुलिसकर्मी की चूक से ही महिला ऑफिस की छत तक पहुंच गई और बाउंड्री का दरवाजा तक अंदर से बंद कर दिया। महिला का ऊपर चढ़ने से किसी ने रोका क्यों नहीं या फिर महिला सभी को चकमा देकर छत पर पहुंच गई यह तो जांच का विषय है, लेकिन यदि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी कोई इस प्रकार की हरकत कर दे तो थाना और चौकी में क्या होता होगा, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। वह तो गनीमत रही कि महिला कूदी नहीं, अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी। भले ही पुलिस ने उसे उतार लिया, लेकिन महिला के दूसरी मंजिल की छत पर पहुंचना भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय की सुरक्षा में बड़ी चूक है।