Betul Ki Khabar: बैतूल में पुलिस पेट्रोल पंप से जुड़ा एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है, जहां टैंकर से पेट्रोल निकालकर अवैध तरीके से बेचने का खेल चल रहा था। इस मामले का खुलासा होते ही पुलिस हरकत में आई और कुछ ही समय में पूरे गिरोह को पकड़ लिया। जांच में जो बातें सामने आईं, उन्होंने सिस्टम की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे सामने आई घटना 

17 मार्च 2026 को पुलिस पेट्रोल पंप बैतूल में पदस्थ प्रधान आरक्षक सुखलाल उइके ने थाना गंज में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि इटारसी स्थित इंडियन ऑयल डिपो से पेट्रोल और डीजल लेकर आने वाला टैंकर क्रमांक MP 13 H 1032 पूरी मात्रा में पेट्रोल पंप के टैंक में खाली नहीं कर रहा था।

शिकायत के अनुसार, टैंकर चालक रामपाल पन्द्राम और उसके सहयोगी राकेश पन्द्राम ने पेट्रोल पंप में पेट्रोल डालते समय 2560 लीटर पेट्रोल टैंकर में ही रोक लिया और बाद में उसे अपने पास रख लिया। इस तरह पेट्रोल की हेराफेरी कर उसे निजी उपयोग या बिक्री के लिए रखा गया।

मामला दर्ज होते ही शुरू हुई जांच

शिकायत मिलने के बाद गंज थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(3) के तहत अपराध दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जांच शुरू की गई और थाना प्रभारी को आरोपियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने मामले को प्राथमिकता देते हुए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और संदिग्धों की तलाश शुरू की।

गांव में दबिश देकर किया गिरफ्तार 

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि टैंकर चालक और उसका साथी अपने गांव में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने ग्राम धार में दबिश देकर दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पूरा घटनाक्रम स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि चोरी किया गया पेट्रोल वे आगे बेचने के लिए दूसरे लोगों को देते थे।

पेट्रोल को इस तरह लगाया जाता था ठिकाने 

आरोपियों ने खुलासा किया कि टैंकर से निकाला गया पेट्रोल मोटर और पाइप की मदद से प्लास्टिक टंकियों में भरा जाता था। इसके लिए एक पिकअप वाहन का इस्तेमाल किया जाता था, जिसमें आठ बड़ी टंकियां रखी गई थीं। प्रत्येक टंकी की क्षमता करीब 250 लीटर थी। यह पेट्रोल ग्राम खाखरापुरा के रहने वाले कमलेश बेलवंशी और पप्पू उर्फ विजय उइके को बेचा जाना था, जो इस अवैध काम में शामिल थे।

पुलिस ने बरामद किया बड़ा माल

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम खाखरापुरा पहुंची और वहां से पिकअप वाहन के साथ प्लास्टिक टंकियों में भरा हुआ पेट्रोल जब्त किया। कुल 2005 लीटर पेट्रोल बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया गया है, जिसका उपयोग पेट्रोल के परिवहन में किया जा रहा था।

कौन-कौन आरोपी गिरफ्तार हुए

इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें टैंकर चालक रामपाल पन्द्राम, उसका सहयोगी राकेश पन्द्राम, तथा खाखरापुरा निवासी कमलेश बेलवंशी और पप्पू उर्फ विजय उइके शामिल हैं। सभी को 18 मार्च 2026 को न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस अधीक्षक ने की अपील

पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई के बाद आम लोगों से अपील की है कि पेट्रोल और डीजल जैसे जरूरी संसाधनों की चोरी या अवैध बिक्री की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि आम नागरिकों की सतर्कता से ही ऐसे संगठित अपराधों पर रोक लगाई जा सकती है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर काम किया, जिसकी वजह से यह बड़ा खुलासा संभव हो सका।