Betul blind murder case: अंधे कत्ल का राज खुला: दो साल बाद बुजुर्ग महिला की हत्या का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
Betul blind murder case: करीब दो साल पहले सड़क किनारे मिले एक अज्ञात महिला के शव ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। उस समय यह मामला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था, क्योंकि महिला की पहचान तक नहीं हो पा रही थी। लंबी जांच, तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के बाद अब इस रहस्यमयी हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है।
घटना की कैसे हुई शुरुआत
22 अक्टूबर 2024 को प्रभात पट्टन निवासी एजाज अंसारी ने पुलिस को सूचना दी कि नवोदय विद्यालय रोड किनारे एक बुजुर्ग महिला का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पट्टन चौकी और मुलताई पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृत महिला की उम्र लगभग 62 वर्ष आंकी गई। जांच के दौरान उसके शरीर पर चोट के गंभीर निशान पाए गए।
गले पर रस्सी के निशान भी मिले, जिससे यह साफ हो गया कि मामला सामान्य मौत का नहीं बल्कि हत्या का है। पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध दर्ज किया और जांच शुरू की। मौके पर सीन ऑफ क्राइम टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया, जिन्होंने साक्ष्य जुटाए और घटनास्थल की बारीकी से जांच की।

जाँच के दौरान महिला की पहचान
जांच के दौरान पुलिस ने मृत महिला की पहचान सरूबाई बोहरपी, निवासी ग्राम देवगांव, के रूप में की। पहचान होने के बाद पुलिस को जांच में नई दिशा मिली और गांव के लोगों से पूछताछ शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और संदिग्ध लोगों से लगातार पूछताछ की।
पूछताछ में खुला हत्या का राज
जांच के दौरान पुलिस को सुनील बोहरपी पर शक हुआ। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि इस घटना में उसका साथी अविनाश गाठे भी शामिल था। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
हत्या के पीछे यह थी पूरी कहानी
पुलिस जांच में सामने आया कि सुनील बोहरपी ने गांव में एक मकान खरीदा था, जिसे लेकर पैसों का विवाद चल रहा था। इसी दौरान सरूबाई भी उसी इलाके में रहने लगी थीं और दोनों के बीच पहले से तनाव था। 21 अक्टूबर 2024 को सुनील के घर एक पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें गांव के लोग शामिल हुए थे। सुनील की मां ने सरूबाई को खाने के लिए बुलाया, लेकिन इस दौरान विवाद हो गया।
सुनील खुद उन्हें बुलाने गया, जहां दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। गुस्से में सरूबाई ने उसका कॉलर पकड़ लिया, जिससे नाराज होकर सुनील ने उन्हें जोर से धक्का दे दिया। धक्का लगने से उनका सिर दीवार से टकराया और वे बेहोश हो गईं। इसके बाद सुनील ने गुस्से में आकर रस्सी से उनका गला घोंट दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
शव ठिकाने लगाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी ने अपने साथी अविनाश को बुलाया। दोनों ने मिलकर शव को काले कपड़े में लपेटा और मोटरसाइकिल से जंगल की ओर ले जाने लगे। रास्ते में सामने से वाहन की रोशनी देखकर अविनाश घबरा गया और बाइक से कूदकर भाग गया, जिससे शव सड़क पर गिर गया। इसके बाद सुनील ने शव को रस्सी से बांधकर घसीटने की कोशिश की। जब सामने से वाहन आता दिखा तो उसने शव को नवोदय विद्यालय रोड किनारे छोड़ दिया और मौके से फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। इसके अलावा अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं, जो मामले को मजबूत बनाते हैं। इस पूरे मामले के खुलासे में पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस अधीक्षक ने की यह अपील
पुलिस अधीक्षक ने इस मामले के खुलासे पर टीम की सराहना की और कहा कि ऐसे जटिल मामलों में लगातार प्रयास और तकनीकी जांच से ही सफलता मिलती है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और जांच में सहयोग करें।

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