Betul Mandi Farmers Protest: मंडी की अव्यवस्थाओं के खिलाफ किसान संघ का बेमुद्दत धरना, 40 हजार बोरे हटाने की मांग पर गेट बंद
Betul Mandi Farmers Protest: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। कृषि उपज मंडी बडोरा में किसानों की परेशानी नजरअंदाज कर व्यापारियों की सहूलियत के हिसाब से मंडी का संचालन करने के रवैये से परेशान होकर आखिरकार भारतीय किसान संघ सड़क पर उतर ही गया है। विगत 6 मार्च को किसान संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन के दौरान मंडी के भारसाधक अधिकारी एवं बैतूल एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह द्वारा 3 दिनों में मंडी परिसर से व्यापारियों के बोरे उठाने का आश्वासन देने के 11 दिन बाद भी जब व्यापारियों के बोरे नहीं उठे तो मंगलवार शाम 4 बजे से भारतीय किसान संघ ने मेन गेट बंद कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
मंगलवार को भी मंडी में व्यापारियों के लगभग 40 हजार बोरे रखे हुए थे। किसान संघ ने ऐलान किया है कि जब तक व्यापारियों के पूरे बोरे नहीं उठ जाते, वे धरना जारी रखेंगे। किसान संघ के धरना शुरू करने के 3 घंटे बाद तक भी मंडी सचिव उनसे बात करने तक नहीं पहुंचे और ऑफिस में बैठकर धरने पर नजर रख रहे हैं। जिससे बुधवार को मंडी में नीलामी होने की संभावना कम ही नजर आ रही है।
व्यापारियों के आगे नतमस्तक है मंडी प्रबंधन
कृषि उपज मंडी वैसे तो किसानों की सुविधा के लिए बनी है, लेकिन बैतूल कृषि उपज मंडी में किसानों की नहीं बल्कि व्यापारियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। व्यापारियों के हितों के लिए प्रभारी मंत्री तक के निर्देशों को ताक पर रखने वाले मंडी प्रबंधन ने मंडी में खरीदी करने वाले व्यापारियों को मंडी में उपज रखने की खुली छूट दे दी है। मंडी में 24 घंटे में उपज उठाने का प्रावधान होने के बावजूद मंडी से व्यापारियों के बोरे नहीं उठवाए जा रहे हैं। एसडीएम द्वारा व्यापारियों पर किया गया जुर्माना तक मंडी प्रबंधन ने वसूल नहीं किया है। मंगलवार को भी मंडी में व्यापारियों के लगभग 40 हजार बोरे रखे हुए थे।
किसान संघ को दिया था 3 दिन में बोरे उठवाने का आश्वासन
किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने विगत 6 मार्च को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा था। इसमें भी मंडी हम्मालों द्वारा किसानों से तुलाई के लिए की जा रही अवैध वसूली पर रोक लगाने, मंडी शेड से व्यापारियों के बोरे उठवाने और प्रतिदिन खरीदे गए अनाज के बोरे उसी दिन उठवाने की मांग की थी। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष मनोज नावंगे ने बताया कि उस दिन मंडी के भारसाधक अधिकारी बैतूल एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने 3 दिनों में मंडी परिसर से व्यापारियों के बोरे हटवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन, 11 दिन बीत जाने के बाद भी मंडी परिसर से व्यापारियों के बोरे नहीं हटे, जिससे किसानों को मंडी परिसर के बाहर वाहनों में उपज रखने को मजबूर होना पड़ रहा है।
शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी मंगलवार को हालात जानने मंडी पहुंचे तो मंडी परिसर में व्यापारियों के लगभग 40 हजार बोरे रखे थे। किसानों के वाहनों की कतार मंडी के बाहर तक लगी थी। व्यापारियों के बोरे नहीं उठने और किसानों की परेशानी देखते हुए भारतीय किसान संघ ने धरना शुरू कर दिया। किसान संघ के पदाधिकारियों ने शाम लगभग 4 बजे मंडी का मेन गेट बंद कर धरना शुरू कर दिया। भारतीय किसान संघ के प्रांतीय कार्यसमिति सदस्य पुरूषोत्तम सरले, संभागीय उपाध्यक्ष अशोक मलैया, संभागीय कार्यालय मंत्री नकुलसिंह चौहान, जिला अध्यक्ष मनोज नावंगे, सह मंत्री घनश्याम वामनकर, तहसील अध्यक्ष नकुल भुसारे, सहित दर्जनों किसान धरने पर बैठ गए। किसान संघ पदाधिकारियों को किसानों का भी पूर्ण समर्थन मिल रहा है।
व्यापारियों के बोरे उठने तक जारी रहेगा धरना
भारतीय किसान संघ पदाधिकारियों का कहना था कि बैतूल मंडी प्रबंधन व्यापारियों के हित में उनकी सहूलियत के हिसाब से कार्य कर रहा है। किसान संघ ने मंडी गेट बंद कर शाम 4 बजे से धरना शुरू किया है। मंडी सचिव परिसर में मौजूद रहने के बाद भी उनसे बात करने तक नहीं आए हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक व्यापारियों के पूरे बोरे मंडी परिसर से नहीं उठ जाते, तब तक धरना जारी रखेंगे। भले ही तीन-चार दिन मंडी में खरीदी बंद रहे, अब व्यापारियों के पूरे बोरे उठने के बाद ही मंडी में धरना समाप्त किया जाएगा। किसान संघ के इस ऐलान से अब मंडी में बुधवार को नीलामी होना मुश्किल लग रहा है। मंडी गेट के बाहर किसानों के वाहनों की कतार लगी है, वहीं गेट के अंदर व्यापारियों के भरे हुए वाहन खड़े हैं, लेकिन मंडी सचिव इन्हें बाहर निकालने का कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।

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