मोगा में शाह की रैली में 1.58 लाख की भीड़, 15 किमी लंबा जाम, पंजाब में ठहराव
मोगा। पंजाब के मोगा में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित बदलाव रैली ने भीड़ के तमाम पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इस जनसभा में उमड़े जनसैलाब ने न केवल सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि राज्य में भाजपा के बढ़ते आधार की एक नई तस्वीर भी पेश की है। इस रैली की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोजन स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर करीब 15 किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम लग गया। भीड़ इतनी अनियंत्रित थी कि लगभग 800 बसें रास्ते में ही फंसी रह गईं और हजारों लोगों को रैली स्थल तक पहुँचने के लिए 4 से 5 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ा। रैली के लिए जुटाए गए संसाधनों में 1,484 बड़ी बसें, 2,309 मिनी बसें और 2,376 कारों सहित हजारों निजी वाहन शामिल थे। हालांकि, पार्टी ने एक लाख लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की थी, लेकिन उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ उमड़ने के कारण भोजन की व्यवस्था समय से पहले ही समाप्त हो गई।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री अनिल सरीन ने रैली की सफलता पर धन्यवाद पंजाब कहते हुए दावा किया कि इस विशाल आयोजन में कुल 1,58,131 लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। भाजपा का कहना है कि वह देश की संभवतः पहली ऐसी पार्टी है जो डिजिटल प्रमाणों के साथ रैली में शामिल लोगों की सटीक संख्या सार्वजनिक करने का साहस दिखा रही है। भाजपा ने इस मोबिलाइजेशन के लिए राज्य के 23 जिलों के 13,000 गांवों, 160 शहरों और करीब 24,500 पोलिंग बूथों तक अपनी पहुंच बनाई थी। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद आधुनिक और डिजिटल तरीके से अंजाम दिया गया। गांव-स्तर पर होने वाली बैठकों को क्यूआर कोड के माध्यम से मैप किया गया, जबकि प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने स्वयं प्राथमिक सदस्यों को तीन बार वॉइस कॉल के जरिए आमंत्रित किया। इसके अलावा, बस इंचार्जों और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार ब्रिज कॉल और वेक-अप कॉल के माध्यम से संपर्क साधा गया ताकि संगठन की शक्ति जमीन पर दिखे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह जनसैलाब पंजाब में बदलाव की उस प्रबल इच्छा का प्रतीक है, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।

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