14Betul Police Honesty: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। पुलिस यदि थोड़ी भी संजीदगी और कर्त्तव्य परायणता दिखा दें तो न कुछ असंभव है और न कोई मायूस और नाउम्मीद लौटने को मजबूर हो सकता है। बैतूल बाजार थाना पुलिस ने इसी बात को साबित करके दिखाया है। अपने परिवार का पालन-पोषण करने एक बुजुर्ग 3 महीने तक महाराष्ट्र में कठोर परिश्रम कर 17 हजार रुपये लेकर लौटता है, लेकिन घर पहुंचने के पहले ही उसके रुपये कहीं गिर जाते हैं। मायूस होकर वह बैतूल बाजार थाना पहुंचता है। उसकी फरियाद सुनकर बैतूल बाजार पुलिस ने वह दरियादिली दिखाई कि न केवल पैसे वापस मिले बल्कि बुजुर्ग की उम्मीदें और मुस्कान भी वापस लौट आईं। 

पुलिस ने बताया कि 11 मार्च की शाम करीब 6 बजे ग्राम चारसी निवासी ओझा उईके, उम्र 55 वर्ष ने सूचना दी कि वह पिछले 3 माह से महाराष्ट्र में मजदूरी कर वापस आया था, जहां उसे मजदूरी के रूप में 17000 रुपये प्राप्त हुए थे। उक्त राशि बडोरा चौक आठनेर रोड के पास कहीं जेब से गिर गई। सूचना प्राप्त होते ही थाना प्रभारी अंजना धुर्वे द्वारा तत्काल पुलिस बल मौके पर भेजकर आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखने हेतु निर्देश किए गए। 

पूरे रूट के सीसीटीवी कैमरे खंगाले 

सीसीटीवी फुटेज जांच के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति रुपये उठाते हुए दिखाई दिया। पुलिस टीम द्वारा उस व्यक्ति की पहचान के लिए उसके आने-जाने के पूरे रूट का पता लगाकर लगभग 13 स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई।

अज्ञात की पहचान कर थाना बुलाया 

पुलिस द्वारा लगातार प्रयासों के बाद अज्ञात व्यक्ति की पहचान कर उसे थाना बैतूल बाजार बुलाया गया। जिसने रुपये उठाने की बात स्वीकार की। उक्त व्यक्ति से  बुजुर्ग व्यक्ति के जेब से गिरे हुए 17000 रुपये बुजुर्ग के परिजनों की उपस्थिति में वापस दिलाए गए।

कार्यवाही में इनकी रही मुख्य भूमिका

इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी बैतूल बाजार निरीक्षक अंजना धुर्वे, प्रधान आरक्षक मुकेश पवार, आरक्षक नितिन चौहान, आरक्षक अनिरुद्ध यादव एवं थाना बैतूल बाजार पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।