HPV Vaccine Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। सर्वाइकल कैंसर से बचने सरकार द्वारा नि:शुल्क लगाई जा रही एचपीवी वैक्सीन लगाने में जिले की किशोरियों में रूचि नहीं है। सरकार द्वारा नि:शुल्क वैक्सीनेशन करने के पूर्व इस वैक्सीन के दो डोज प्रायवेट अस्पतालों में लगभग ८ हजार रूपए में लगते थे। लगभग ४ हजार ५०० रूपए कीमत वाले एचपीवी वैक्सीन की सिंगल डोज लगाई जा रही है।

जिले में २८ फरवरी से वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद जिले में मात्र १३४१ किशोरियों ने ही वैक्सीन लगाए है जबकि जिले में १४ वर्ष से अधिक और १५ वर्ष से कम आयू वर्ग की लगभग १८ हजार किशोरियों को वैक्सीन लगाना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू में १० सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शुरू किया गया वैक्सीनेशन अब चुनिदा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी शुरू कर दिया है। बुधवार को २१ सेंटरों में एचपीवी वैक्सीन लगाई गई इसके बावजूद वैक्सीनेशन की गति नहीं बढ़ पा रही है। 

देश में पहली बार लग रही है नि:शुल्क वैक्सीन 

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को होने वाले ब्रेस्ट कैंसर के बाद दूसरा सर्वाधिक होने वाला कैंसर है। यह कैंसर मुख्यत: ह्युमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण के कारण होता है। जिसकी रोकथाम एचपीवी वैक्सीन से संभव है। जिन किशोरी बालिकाओं की उम्र १४ वर्ष पूर्ण हो गई है और १५ वर्ष से कम हैं उन्हें इस अवधि में एचपीवी वैक्सीन लग जाए तो उनमें सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना ९० प्रतिशत तक कम हो सकती है। देश में अभी तक यह वैक्सीन प्रायवेट अस्पतालों में लगभग ८ हजार रूपए में लगता था। समझदार और जागरूक परिवार ८ हजार रूपए खर्च करके उक्त वैक्सीन लगाते थे, लेकिन देश में पहली बार केन्द्र सरकार द्वारा १४ वर्ष से अधिक और १५ वर्ष से कम आयू की किशोरी बालिकाओं को यह वैक्सीन नि:शुल्क लगाया जा रहा है। सरकार को एक वैक्सीन लगभग ४५०० रूपए में आ रहा है, उसके बावजूद नि:शुल्क वैक्सीनेशन किया जा रहा है ताकि बालिकाओं को आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा न रहे।

जिले में १८ हजार किशोरियां चिन्हित 

एचपीवी वैक्सीन लगाने जिले में १४ वर्ष से अधिक एवं १५ वर्ष से कम आयू की लगभग १८ हजार बालिकाएं चिन्हित की गई है। जिन्हें २८ फरवरी से वैक्सीन लगाना शुरू किया गया है। वैक्सीन लगाने के लिए बालिकाओं के माता-पिता या अभिभावक की लिखित अनुमति अनिवार्य है। वैक्सीनेशन ३ माह तक चलेगा। इस दौरान सभी १८ हजार बालिकाओं को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

घोड़ाडोंगरी में लगे सर्वाधिक ३३० वैक्सीन

जिले में वैक्सीनेशन २८ फरवरी से शुरू हुआ है। शुरूवाती १२ दिन में जिले में ११८ वैक्सीनेशन सेशन हुए है जिसमें १३४१ किशोरी बालिकाओं ने वैक्सीन लगवाएं है। जिले में आदिवासी बाहुल्य घोड़ाडोंगरी विकासखंड में सर्वाधिक ३३० और भीमपुर ब्लॉक में २३६ बालिकाओं ने वैक्सीन लगवाएं है। इसके अतिरिक्त आमला में १८९, बैतूल में १५१, चिचोली में ९९, बैतूल शहर में ८९, प्रभातपट्टन में ७४, भैंसदेही में ६१, मुलताई में ४७, आठनेर में ४२ और शाहपुर ब्लॉक में सबसे कम २३ किशोरी बालिकाओं ने वैक्सीन लगवाया है। वर्त्तमान में स्कूलों में चल रही परीक्षाओं के कारण भी वैक्सीनेशन कार्य गति नहीं पकड़ रहा है।

चुनिंदा पीएचसी में भी शुरू हुआ वैक्सीनेशन

स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व जिले के दस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में वैक्सीनेशन शुरू किया था, लेकिन वैक्सीनेशन में गति नहीं आने से अब ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जहां मेडिकल ऑफिसर है एवं कोल्ड चैन उपलब्ध है वहां भी वैक्सीनेशन शुरू कर दिया है। बुधवार को सभी दस पीएचसी के साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बोरदेही, मोरखा, बैतूल बाजार लापाझिरी डेयरी आमढाना, पाढर पाटाखेड़ा, रानीपुर, सारनी, मासोद में भी वैक्सीनेशन किया गया। आगे भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जहां मेडिकल ऑफिसर उपलब्ध है वहां भी वैक्सीनेशन शुरू किया जाएगा। 

पूर्णत: सुरक्षित है वैक्सीनेशन

एचपीवी वैक्सीन को लेकर सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने कहा कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। सोशल मीडिया में चल रही अपवाहों पर ध्यान न दे। डॉ. हुरमाड़े ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन पूर्व में भी प्रायवेट अस्पतालों में लगता था, लेकिन सरकार द्वारा नि:शुल्क वैक्सीन लगाए जा रहे है तब से झूठी अपवाहे फैल रही है इस पर ध्यान न दे और वैक्सीन अवश्य लगाए।