♦खरी-खरी♦

मयूर भार्गव (Betul Corruption Allegations)। जिले में इन दिनों डबल इंजन की सरकार में चौतरफा भ्रष्टाचार फैला हुआ है। पैसे की भूख के चलते जिले में नए-नए कीर्तिमान बन रहे हैं। अभी तक ब्यूरोक्रेसी पर भ्रष्टाचार के आरोप आम बात थी। जिले में पार्षद, पार्षद पति, सरपंच, सरपंच पति, जनपद सदस्य, जनपद सदस्य पति, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य पति सहित जिला भाजपा संगठन के पदाधिकारियों द्वारा सरकारी विभागों में ठेकेदारी और सप्लाई की चर्चा आम थी। इन मामलों में भी आए दिन अलग-अलग तरह के किस्से सुनने में आते रहते हैं।

हद तो तब हो गई जब भ्रष्टाचार की अमरबेल ने घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के पाढर भाजपा मंडल के अध्यक्ष का मजदूरी करने का मामला सामने आया। इतना ही नहीं मंडल अध्यक्ष और उनकी पत्नी दोनों की हाजरी बकायदा मस्टर रोल में भी भरी गई। सबसे रोचक बात यह रही कि जो मंडल अध्यक्ष की कर्मठता को साबित कर रही है कि उन्होंने राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के दिन भी मजदूरी की है। 

पाढर भाजपा के मंडल अध्यक्ष नंदन यादव को करीब से जानने वालों का कहना है कि श्री यादव आर्थिक रूप से सक्षम है और इनके पास ट्रैक्टर, कार और डेयरी का व्यवसाय भी है। बावजूद इसके इन्होंने पाढर मंडल की मेंढापानी ग्राम पंचायत में अपनी पत्नी के साथ मनरेगा योजना में बनने वाले तालाब में मजदूरी की और पुलिया निर्माण में राजमिस्त्री का काम भी किया। रोचक बात यह है कि 10 से 20 जनवरी के बीच इन्होंने राजमिस्त्री का काम भी किया और मजदूरी भी की। क्षेत्र में इनके टेलेंट के दाद दी जा रही है। 

जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे और भी मामले हैं जहां संगठन पदाधिकारियों, पंचायत पदाधिकारियों और नगरीय निकाय के पदाधिकारियों के प्रभाव और दबाव के किस्से आए दिन चर्चा में रहते हैं। पाढर मंडल के मामले ने तो पूरी पोल ही खोलकर रख दी है। आए दिन सिद्धांतों और आदर्शों की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी के राज में डबल इंजन की सरकार में पैसे की भूख बेतहाशा बढ़ी है।

इस दौरान साइकिल से चलने वाले महंगी-महंगी फोर व्हीलर से चलने लगे हैं। इनको पद पर बैठाने वाली जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है। लेकिन जनता को आपस में ऐसा उलझाकर रखा है कि उसे धर्म संप्रदाय के अलावा कुछ नजर ही नहीं आ रहा है। बची-कुची कसर मुफ्त की रेवडिय़ां बांटने वाली योजनाओं ने पूरी करके रखी है। 

बैतूल जिला इस समय भाजपा की राजनीति में हाईप्रोफाइल जिले की श्रेणी में आ गया है इसलिए शायद भ्रष्टाचार और मनमानी की खुली छूट भी मिली हुई है। देखना यह है कि चाल, चरित्र और चेहरे की बात करने वाली भाजपा का इस मामले में क्या नजरिया रहता है?