Underground Parking Betul: गांधी चौक अंडरग्राउंड पार्किंग प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में, विरोध के बाद अब तक दोबारा शुरू नहीं हुआ काम
Underground Parking Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शहर के कोठीबाजार क्षेत्र में गांधी चौक पर बनने वाली अंडरग्राउंड पार्किंग का मामला ऐसा लगता है कि ठंडे बस्ते में चला गया है। बीते माह 18 फरवरी को विधायक हेमंत खंडेलवाल के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का काम शुरू कर दिया गया था, लेकिन कांग्रेसियों ने जय स्तंभ उखाड़ने के विरोध में चक्काजाम कर दिया। नतीजतन, पहले ही दिन काम बंद करना पड़ा। उसके बाद से आज तक दोबारा काम शुरू नहीं हो सका है।
विधायक श्री खंडेलवाल शहर के कोठीबाजार क्षेत्र की पार्किंग की समस्या का हल करने के लिए लंबे समय से एक पार्किंग बनाने के लिए प्रयासरत हैं। अपने इन्हीं प्रयासों की बदौलत उन्होंने गांधी चौक पर अंडरग्राउंड पार्किंग का प्रोजेक्ट स्वीकृत कराया है, जिसकी लागत करीब 2 करोड़ रुपये हैं। यह पार्किंग 4200 वर्गफीट क्षेत्र में बनना है।
इस कार्य के टेंडर भी हो चुके हैं और सिंगरौली के एक ठेकेदार ने यह कार्य लिया है। ठेकेदार द्वारा इसका कार्य भी 18 फरवरी को शुरू कर दिया गया था। हालांकि जय स्तंभ को उखाड़ने का कांग्रेसियों ने जमकर विरोध किया। उन्होंने चक्काजाम तक कर डाला था। इसके चलते एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह और तत्कालीन सीएमओ सतीश मटसेनिया को मौके पर पहुंच कर आश्वासन देना पड़ा था।
लोग यह लगा रहे थे उम्मीद
इसके बाद लोग यह उम्मीद लगा रहे थे कि नगर पालिका इस प्रोजेक्ट में कोई फेरबदल करेगी या फिर बीच का कोई रास्ता निकालकर जल्द काम शुरू करेगी। एक तरीका यह भी था कि नगर पालिका सुरक्षा व्यवस्था के साथ काम शुरू करेगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है। अभी तक न तो प्रोजेक्ट में किसी फेरबदल को लेकर कोई निर्देश दिया गया है और न ही मौजूदा ड्राइंग डिजाइन के साथ ही दोबारा काम शुरू करने की कोई पहल ही की गई है। इससे लोग भी यह कयास लगा रहे हैं कि विधायक का यह ड्रीम प्रोजेक्ट ही तो कहीं ठंडे बस्ते में नहीं चला गया।
निर्णय नहीं ले पा रहे इंजीनियर
अंडरग्राउंड पार्किंग का काम शुरू नहीं हो पाने के पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि वर्तमान में नगर पालिका में सीएमओ नहीं है। सीएमओ का प्रभार एसडीएम के पास है और वे पूरा-पूरा समय नगर पालिका में नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में इंजीनियर अपने स्तर पर कोई निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। यही कारण है कि इस प्रोजेक्ट का दोबारा काम शुरू नहीं हो पा रहा है। अब संभावना यही जताई जा रही है कि जब कोई सीएमओ पदस्थ किया जाएगा, उसके बाद ही यह मामला आगे बढ़ सकेगा।
एसडीएम कर सकते हैं शुरूआत
फिलहाल चूंकि सीएमओ का प्रभार स्वयं एसडीएम के पास है। पार्किंग का काम शुरू करने पर यदि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनती है तो भी नपा को एसडीएम की सहायता ही लेना होगा। ऐसे में यदि एसडीएम चाहे तो प्रभारी सीएमओ रहते हुए इस कार्य को शुरू करवा सकते हैं। इस संबंध में एसडीएम डॉ. सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के बारे में मुझे बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। मैं इस बारे में जानकारी लेता हूं और फिर जो भी उचित होगा, उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
अन्य कार्यों पर भी पड़ रहा असर
नपा में सीएमओ के नहीं होने से भुगतान भी अटक गए हैं। बताया जाता है कि सीएमओ को निलंबित करते ही उनकी आईडी ब्लॉक कर दी गई है। दूसरी ओर एसडीएम को प्रभार जरुर दिए गए हैं, लेकिन वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए हैं। इससे भुगतान भी नहीं हो रहे हैं। अन्य कई बड़े प्रोजेक्टों का काम भी फिलहाल अटका पड़ा है। दूसरी ओर पहले से चल रहे प्रोजेक्टों की गति भी भुगतान के अभाव में धीमी पड़ रही है।

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