Betul District Hospital Doctor Assault: जिला अस्पताल में महिला डॉक्टर से अभद्रता, सीजर की सलाह पर भड़के परिजन, हाथ मरोड़कर कहे अपशब्द
Betul District Hospital Doctor Assault: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। प्रसव करवाने जिला अस्पताल आई एक प्रसूता को जब ३६ घंटे इंतजार के बाद भी प्रसव नहीं हुआ तो जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को देखते हुए महिला डॉक्टर द्वारा सीजर से प्रसव करने की सलाह दी गई। प्रसूता के साथ आए परिजनों को सीजर की सलाह देना इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने महिला डॉक्टर को अपशब्द कहना शुरू दिया। प्रसूता की सास ने महिला डॉक्टर का हाथ मरोड़ दिया वहीं पति और नंनद लगातार अपशब्द कहते रहे।
आक्रामक हुए परिजनों से बचने डॉक्टर और स्टॉफ को मेन गेट बंद कर जान बचानी पड़ी डॉक्टर द्वारा रात्रि में ही सिविल सर्जन, आरएमओ एवं अस्पताल पुलिस चौकी मे सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सिविल सर्जन, आरएमओ और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाईश दी। परिजन रात्रि में ही प्रसूता को लेकर प्रायवेट अस्पताल ले गए। खबर है कि प्रायवेट अस्पताल में भी शनिवार सुबह सीजर से ही प्रसव हुआ है। महिला डॉक्टर ने अस्पताल चौकी में परिजनों द्वारा मारपीट करने, अपशब्द कहने की शिकायत की है। कोतवाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सारणी से प्रसव करवाने आई थी महिला
सारनी के बगडोना निवसी प्रसूता नविता पति संदीप गोहे ५ मार्च सुबह लगभग ९ बजे प्रसव करवाने जिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। जिला असप्ताल में नार्मल प्रसव के लिए इंतजार किया जा रहा था, लेकिन लगभग ३६ घंटे बाद ६ मार्च रात्रि ९ बजे तक भी प्रसव नहीं हुआ। इस दौरान जिला अस्पताल में पदस्थ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रूपल श्रीवास्तव, नविता का उपचार कर रही थी।
सीजर की सलाह देते ही भड़के परिजन
नविता गोहे का उपचार कर रही डॉ. रूपल श्रीवास्तव ने बताया कि लगभग ३६ घंटे इंतजार करने के बाद भी नार्मल प्रसव नहीं हुआ था। ऐसे में प्रसूता और नवजात की सुरक्षा के लिए उन्होंने सीजर करने का निर्णय लिया। रात्रि में जैसे ही महिला के परिजनों को बताया कि सुरक्षित प्रसव करने सीजर करना पड़ेगा तो परिजन भड़क गए। प्रसूता के पति के साथ ही सास, ननद भी आक्रामक होकर अपशब्द कहने लगे थे।
वीडियो बनाने से मना किया तो मारपीट पर उतारू
डॉ. रूपल श्रीवास्तव ने बताया इस दौरान नविता का पति प्रसव वार्ड में मोबाईल से वीडियो बनाने लगा। उन्हें वार्ड में वीडियो बनाने से मना किया तो परिजन मारपीट पर उतारू हो गए। प्रसूता की सास ने मेरा हाथ मरोड़ दिया। उनसे हाथ छुड़ाया तो हाथ में नाखून की खरोंच आ गई। परिजनों के आक्रमक होते ही मेन गेट बंद कर स्टॉफ एवं स्वयं की जान बचाई। डॉक्टर का कहना था कि यदि वे गेट बंद नहीं करती तो स्टॉफ एवं उनके साथ गंभीर हादसा हो सकता था।
सिविल सर्जन-आरएमओ ने दी समझाईश
प्रसूता के परिजनों के आक्रामक होते ही डॉक्टर ने अस्पताल पुलिस चौकी, सिविल सर्जन और आरएमओ को सूचना दी। रात्रि में ही सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे, आरएमओ रानू वर्मा के साथ ही कोतवाली से पुलिस टीम जिला अस्पताल पहुंची। समझाईश के बाद परिजन प्रसूता को लेकर प्रायवेट अस्पताल चले गए। डॉ. रूपल श्रीवास्तव ने अस्पताल पुलिस चौकी में उनके साथ मारपीट करने अभद्र व्यवहार करने की शिकायत की है। रात्रि में ही जिला अस्पताल में डॉक्टर को लगी खरोच का उपचार किया गया। अस्पताल चौकी ने आवेदन कोतवाली पहुंचा दिया है। इस मामले में अब कोतवाली पुलिस जांच करेगी। खबर है कि जिस सीजर के लिए परिजनों ने हंगामा मचाया आखिर प्रायवेट अस्पताल में भी शनिवार सुबह सीजर से ही प्रसव हुआ है। इस घटना से जिला अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में आक्रोश और दहशत है।

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