बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शहर के लोहिया वार्ड की निवासी श्रीमती सुनीता कटियार आज न केवल स्वयं आर्थिक रूप से काफी सक्षम है, बल्कि वे 5 अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं। अपना घर वे स्वयं चला सकती है, बल्कि कई बार परिवार को जरुरत पड़ने पर खुद आर्थिक सहयोग करने में भी सक्षम हैं। यही नहीं उनका खुद का घर भी है।  
लेकिन, आज से 25 साल पहले उनकी यह स्थिति नहीं थी। पति मनोहरलाल कटियार दूसरे की दुकान पर काम करते थे, जिससे उन्हें वेतन भी बहुत ज्यादा नहीं मिल पाता था। ऐसे में घर चलाने और 2 बच्चों का पालन-पोषण करने में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्थिति यहां तक बनती थी कि छोटी-छोटी जरुरतों को पूरा करने के लिए भी उन्हें सौ बार सोचना पड़ता था तो कभी मन मसोस कर रह जाना पड़ता था। ऐसे में घर बस जैसे-तैसे चल ही पा रहा था। इससे वे खुश और संतुष्ट नहीं थीं। वे भी चाहती थीं कि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो और छोटी-मोटी जरुरतों को पूरा करने के लिए उन्हें सोचना न पड़े। इसके लिए उन्होंने खुद ही कुछ करने का निर्णय लिया। 

हुनर को ही बनाया अपना जरिया 

सुनीता कटियार बताती हैं कि वे मम्मी के यहां पापड़ बनाती थी, इसलिए वर्ष 2000 में इस काम के जरिए ही अपने आप को सशक्त बनाने का फैसला किया। शुरूआत में उन्होंने अकेले ही पापड़ बनाने का गृह उद्योग शुरू किया और धीरे-धीरे इस काम को आगे बढ़ाया। वे सभी प्रकार के पापड़ बनाती हैं और लोगों को उनके द्वारा बनाए पापड़ पसंद भी आने लगे। जिससे उनके पापड़ की डिमांड भी बढ़ती गई। 

अन्य महिलाओं को भी रोजगार 

उन्होंने गुरुनानक स्व सहायता समूह भी बनाया। धीरे-धीरे उनका काम भी बढ़ता गया। आज वे 5 अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं। उन्होंने बताया कि नवंबर से उनका काम शुरू हो जाता है और जून तक चलता है। बारिश में काम नहीं हो पाता। हालांकि इस बीच उनके पास इतना स्टॉक हो जाता है कि साल भर बिक्री चलती रहती है। लोग उनके घर आकर ही पापड़ ले कर जाते हैं। वे बताती हैं कि काम ज्यादा रहने पर पति भी सहयोग करते हैं। 

अब खासी सुधर गई आर्थिक स्थिति 

सुनीता बताती हैं कि उनके द्वारा गृह उद्योग शुरू करने के बाद से उनकी आर्थिक स्थिति खासी सुधर गई है। वे खुद अब घर चला लेती हैं। इसके अलावा खुद का घर भी उन्होंने ले लिया है। वहीं पति ने भी अपनी स्वयं की दुकान शुरू कर ली है। वे कहती हैं कि अब उन्हें किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ते हैं। 

लोन लेकर बढ़ाया अपना कारोबार 

सुनीता के मुताबिक उन्होंने बीच में 40 हजार का लोन भी लिया। यह लोन भी वे अदा कर चुकी हैं। लोन की राशि से उन्होंने अपना कारोबार और बढ़ाया। भविष्य में इसे और बड़ा आकार देने का उनका इरादा है ताकि आय में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ और भी ज्यादा महिलाओं को भी रोजगार दे सके।