Wheat Registration: गेहूं पंजीयन की तारीख 10 मार्च तक बढ़ी, किसानों को मिलेगा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
Wheat Registration: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले के किसानों के लिए 2 अच्छी खबरें हैं। पहली तो यह कि किसानों के पंजीयन की आखरी तारीख बढ़ा दी गई है। अब पंजीयन 10 मार्च तक होंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गेहूं खरीदी पर समर्थन मूल्य पर ४० रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिए जाने का भी ऐलान कर दिया है। अब किसानों को गेहूं बेचने पर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल के दाम मिलेंगे।
समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए विगत 7 फरवरी से पंजीयन चल रहे हैं। शुरूआती दिनों में गिरदावरी नहीं होने के कारण बेहद कम पंजीयन हो सके थे। फरवरी माह के आखरी में गिरदावरी होने पर पंजीयन में कुछ तेजी आई, लेकिन इसके बाद सर्वर डाउन होने से पंजीयन में दिक्कतें आ रही थी। इसके चलते कई किसान अपना पंजीयन नहीं करवा पाए थे।
इधर पंजीयन की आखरी तारीख 7 मार्च थी। जिससे किसानों को यह चिंता थी कि पता नहीं उनका पंजीयन हो पाता या नहीं और वे अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेच पाते या नहीं, लेकिन आज उनकी सभी चिंताओं का समाधान हो गया है। शासन द्वारा पंजीयन की आखरी तारीख बढ़ा दी गई है। अब 10 मार्च तक गेहूं की बिक्री के लिए पंजीयन करवाए जा सकेंगे। इससे उन किसानों को राहत मिली है जो कि अभी तक किन्हीं कारणों से पंजीयन नहीं करवा पाए थे। जिला आपूर्ति अधिकारी केके टेकाम ने बताया कि पंजीयन की आखरी तारीख बढ़ा दी गई है। अब 10 मार्च तक किसान पंजीयन करवा सकेंगे।
बोनस दिए जाने की भी घोषणा
किसानों के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि उन्हें गेहूं के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा बोनस भी दिया जाएगा। अभी तक बोनस की घोषणा नहीं होने से किसानों में असमंजस की स्थिति थी। आज मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों को बोनस दिए जाने का ऐलान कर दिया गया है। अब किसानों को प्रति क्विंटल 2585 रुपये समर्थन मूल्य और 40 रुपये बोनस इस तरह कुल 2625 रुपये दिए जाएंगे।
जिले में पंजीयन की यह स्थिति
जिले में शुक्रवार शाम तक गेहूं के लिए 9979 किसानों के पंजीयन ही हो पाए हैं। बीते साल 12 हजार से ज्यादा किसानों के पंजीयन हुए थे। कई किसानों के पंजीयन अभी तक नहीं हो पाने से ही वे अंतिम तिथि बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। अब संभावना जताई जा रही है कि पंजीयन का यह आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा। अभी तक बैतूल तहसील में 2226, प्रभातपट्टन में 1208, मुलताई में 1258, घोड़ाडोंगरी में 1104, शाहपुर में 1016, आठनेर में 963, भैंसदेही में 890, चिचोली में 635, भीमपुर में 400, आमला तहसील में 266 और बैतूल नगर में 13 किसानों के पंजीयन हुए हैं। यह पंजीयन कुल 26311.22 हेक्टेयर रकबे के लिए हुए हैं।
चना और सरसो में ज्यादा रजिस्ट्रेशन
गेहूं के मुकाबले चना और सरसो की बिक्री के लिए ज्यादा तेजी से पंजीयन हो रहे हैं। इनका पंजीयन शुरू हुआ अभी कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन इनके किसान पंजीयन तेजी से बढ़ रहे हैं। अभी तक चना के लिए 2331 और सरसो के लिए 999 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। चना के लिए सबसे ज्यादा 711 पंजीयन बैतूल में और सरसो के लिए सबसे ज्यादा 340 पंजीयन घोड़ाडोंगरी में हुए हैं। मसूर के लिए 50 पंजीयन हुए हैं।

भारत का तेजस प्रोजेक्ट पर पड़ा महायुद्ध का असर, इंजन और रडार की आपूर्ति में आई कमी
ईरान में नया शासन? अमेरिका के रक्षा मंत्री हेगसेथ का बड़ा बयान
पश्चिम बंगाल चुनाव: बीजेपी ने जारी की चौथी सूची, दूसरी सूची में किया एक बदलाव
पुरातत्व विभाग की नीतियों के खिलाफ बढ़ा विरोध, दिल्ली तक गूंज
अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा- ‘नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद बन गए’
देश का सबसे बड़ा नक्सल डंप रिकवर, करोड़ों रुपये, सोना-चांदी बरामद