Anjani Mishra UPSC Rank 274: बैतूल की बेटी अंजनी मिश्रा ने पहले ही प्रयास में क्रैक की UPSC, हासिल की 274वीं रैंक
►लंबे समय तक बैतूल में पदस्थ रहे हैं पिता अजय मिश्रा, अभी हैं लोकायुक्त डीएसपी
Anjani Mishra UPSC Rank 274: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। बैतूल में जन्मी, यहीं पली-बढ़ी और 9वीं तक पढ़ी बिटिया अंजनी मिश्रा ने मानो आसमान ही छू लिया है। अंजनी ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में कामयाबी हासिल करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर 274वीं रैंक प्राप्त की है। अंजनी की यह सफलता इसलिए भी गगनचुंबी है क्योंकि इसके लिए उन्हें न किसी आरक्षण का सहारा मिला और न ही उन्होंने तैयारी के लिए किसी कोचिंग में दाखिला लिया। अपने दम पर तैयारी करके अंजनी ने बैतूल का नाम भी प्रदेश और देश में रोशन कर दिया है।
होनहार अंजनी वर्तमान में लोकायुक्त भोपाल में पदस्थ डीएसपी अजय मिश्रा की बेटी हैं। उनके परिवार में मां रागिनी मिश्रा, बड़े भाई मनु मिश्रा (मैकेनिकल इंजीनियर) हैं। डीएसपी अजय मिश्रा बताते हैं कि अंजनी का जन्म बैतूल में ही हुआ। अंजनी ने बैतूल के विनायकम स्कूल से नर्सरी, सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल में 5वीं तक और केंद्रीय विद्यालय बैतूल में 6वीं से 9वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद अंजनी भोपाल चली गईं और वहां केंद्रीय विद्यालय-3 भोपाल से 10 वीं कक्षा से पढ़ाई शुरू की। अंजनी ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से बीकॉम किया और फिर चार्टर्ड एकाउंटेंट बन गईं। चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने के बाद अंजनी ने मुंबई में स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी पीडब्ल्यूसी में सीए के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
इसलिए लिया सिविल सेवा में जाने का फैसला
कुछ समय तक यहां नौकरी करने पर अंजनी ने पाया कि कॉर्पोरेट कल्चर में व्यक्तित्व और जिम्मेदारियां बेहद सीमित हो जाती हैं। इसमें न तो जनता से जुड़ाव हो पाता है और न ही जनता के लिए कुछ कर पाने के लिए पॉवर्स ही होते हैं। लिहाजा, अंजनी ने सिविल सर्विस में जाने का फैसला लिया। अंजनी का मानना है कि सिविल सर्विस में जनता के साथ सीधा जुड़ाव रहता है, जनता के लिए बहुत कुछ करने के अधिकार हासिल होते हैं। इसलिए अब वे सिविल सर्विस में ही जाएंगी। यह फैसला लेते ही उन्होंने मई 2024 में अपनी जॉब छोड़ दी और भोपाल लौटकर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।
महज 11 महीने की ऑनलाइन कोचिंग
अंजनी ने यूपीएससी क्रैक करने के लिए किसी कोचिंग में स्थाई रूप से एडमिशन लेने के बजाय खुद तैयारी करने का निर्णय लिया। हालांकि 11 महीने के लिए एक कोचिंग से वे ऑनलाइन जरुर जुड़ीं ताकि अपडेट रह सके। इसके अलावा अपने गुरुजनों और प्रशासनिक अधिकारियों से भी लगातार मार्गदर्शन प्राप्त करती रहीं। भाई मनु मिश्रा से भी निरंतर सहायता मिली। अंजनी की इस सफलता के बारे में सुनकर बैतूल वासी भी फूले नहीं समा रहे हैं।
तीन बार रहे बैतूल जिले में पदस्थ
गौरतलब है कि श्री मिश्रा बैतूल जिले में 3 बार पदस्थ रह चुके हैं। वहीं उनका ससुराल भी यहीं बैतूल में ही है। श्री मिश्रा बैतूल में सबसे पहले 1990 से 1993 तक सब इंस्पेक्टर के रूप में पदस्थ रहे। इसके बाद वे दूसरी बार 2003 से 2006 तक भी सब इंस्पेक्टर के रूप में पदस्थ रहे। तीसरी बार वे 2009 से 2011 तक यहां पदस्थ रहे और यहीं से इंस्पेक्टर के रूप में प्रमोट होकर छिंदवाड़ा जिले गए। इसके बाद विभिन्न स्थानों पर पदस्थ रहने के बाद फिलहाल लोकायुक्त भोपाल में डीएसपी के रूप में पदस्थ हैं। बिटिया की इस सफलता के बाद पूरे परिवार को बधाइयों का तांता लगा है। राष्ट्रीय जनादेश परिवार की ओर से भी बेटी अंजनी और मिश्रा परिवार को ढेर सारी शुभकामनाएं!

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