Bus Strike Withdrawn: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। होली का त्योहार सबसे बड़े पर्वों में से एक है। इस त्योहार पर सभी अपने-अपने घर लौटते हैं। ऐसे में बस की हड़ताल के ऐलान ने सभी की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि बस ऑपरेटरों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद हड़ताल वापस ले लिए जाने से सभी ने राहत महसूस की है। 

नौकरी या रोजी रोटी चलाने या फिर पढ़ाई-लिखाई के सिलसिले में बच्चों से लेकर बड़े तक अपने परिवार से दूर बड़े शहरों में रहते हैं। होली-दीवाली जैसे त्योहार ही ऐसे होते हैं, जिसमें यह सभी अपने-अपने घर लौटते हैं और परिवार के साथ इन त्योहारों को मनाते हैं। इंदौर तो प्रदेश का एजुकेशन हब बन चुका है। जिले के सैकड़ों बच्चे वहां शिक्षा पाने के लिए हॉस्टलों में या किराए के मकान में रहते हैं।

इंदौर के अलावा अन्य शहरों में भी बड़ी संख्या में जिले के बच्चे और युवा रहते हैं। इंदौर से बैतूल के लिए बड़ी संख्या में रात्रिकालीन बसें चलती है। इनसे रात भर में सफर भी हो जाता है और नींद भी पूरी हो जाती है। इसी तरह अन्य शहरों से भी बसें चलने के कारण अपनी सुविधा के अनुसार लोग आवाजाही आसानी से कर लेते हैं। दूसरी ओर ट्रेनों में ज्यादा भीड़ और रिजर्वेशन मिलने में परेशानी होने के कारण सभी बसों से सफर को ही प्राथमिकता देते हैं। 

हड़ताल के ऐलान ने बढ़ाई थी चिंता 

होली के त्योहार पर नौकरीपेशा और पढ़ाई करने वाले बच्चों ने घर वापसी की योजना बना रखी थी। इस बीच बसों की हड़ताल हो जाने से सभी चिंतित हो उठे थे। कुछ तो अधिक छुट्टी लेकर हड़ताल शुरू होने से पहले ही वापस लौट आए। वहीं कुछ यह सोचकर रूक गए कि बस हड़ताल ज्यादा लंबी खींच गई तो उनकी वापसी मुश्किल हो जाएगी। यही कारण है कि उन्होंने घर वापसी की योजना पर दोबारा सोचना शुरू कर दिया था। 

हॉस्टल बंद होने से बढ़ जाती दिक्कत

इंदौर में रहकर पढ़ाई करने वाले कई बच्चों और युवाओं के सामने तो दोहरी समस्या आ गई थी। बसों की प्रस्तावित हड़ताल के कारण एक ओर जहां वे वापस नहीं आने की सोच रहे थे वहीं दूसरी ओर वे जिन हॉस्टलों में रह रहे थे, वे होली से पंचमी तक 5 दिनों के लिए बंद होने की सूचना हॉस्टल प्रबंधन द्वारा दे दी गई थी। ऐसे में उनकी चिंता और बढ़ गई थी कि वापस घर नहीं जाएंगे तो यहां कहां रहेंगे। अधिकांश की स्थिति ऐसी भी नहीं थी कि होटलों में रह सके। इधर उनके परिजन भी चिंतित थे। हालांकि बस हड़ताल वापस हो जाने से यह सभी चिंताएं भी खत्म हो गई है और सभी ने राहत महसूस की है। 

अधिसूचना को होल्ड करने के निर्देश के बाद निर्णय 

मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों (बस ट्रांसपोटर्स) ने शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मुलाकात कर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री से सकारात्मक बातचीत, मांगों के संबंध में चर्चा एवं उपर्युक्त सूचना/अधिसूचना को होल्ड करने का आश्वासन मिलने के बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आगामी 2 मार्च से प्रारंभ होने वाली बस हड़ताल वापस ले लेने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि एसोसिएशन के पदाधिकारी, परिवहन मंत्री से मिलकर अपनी सभी शंकाओं, कठिनाइयों और समस्याओं का समाधान कराएंगे। इसके लिए वे परिवहन मंत्री को भी निर्देशित कर रहे हैं।