Betul Municipal Tax Collection Impact : बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। नगर पालिका की टैक्स वसूली की दृष्टि से मार्च का महीना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बीच आज से जनगणना के तहत मकान सूचीकरण का कार्य शुरू हो गया है। इससे वसूली पर असर पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि वसूली जमा करने वाले सहायक राजस्व निरीक्षक (एआरआई) मकान सूचीकरण करने फील्ड में रहेंगे, जिसके चलते टैक्स जमा करने आने वाले लोगों को बैरंग लौटना पड़ सकता है। 

आज से मकान सूचीकरण का कार्य शहर सहित जिले भर में शुरू हुआ है। मकान सूचीकरण का यह कार्य वार्ड की सीमा के अनुसार किया जा रहा है। पहले मकान सूचीकरण किया जाएगा और इसके बाद मकानों पर नंबरिंग की जाएगी। इसके साथ ही घर के मुखिया और सदस्यों की संख्या की जानकारी भी एकत्रित की जाएगी। इसके बाद 200-200 मकानों के ब्लॉक बनाए जाएंगे। इस हर ब्लॉक की जानकारी मतगणना एप में दर्ज की जाएगी। इसके बाद विस्तृत जनगणना का कार्य होगा। जनगणना का कार्य तो शुरू हो गया है, लेकिन इससे नगर पालिका की वसूली पर खासा असर पड़ने वाला है। 

इसलिए पड़ेगा वसूली पर असर 

दरअसल, मकान सूचीकरण कार्य की जिम्मेदारी शहर में नगर पालिका के एआरआई को सौंपी गई है। यह एआरआई ही नगर पालिका में बैठकर अपने-अपने वार्डों के उन लोगों की वसूली जमा कर रसीद देते हैं जो कि टैक्स जमा करने आते हैं। हर वार्ड के लिए अलग-अलग एआरआई को प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा वे वार्डों में घूमकर भी वसूली करते हैं। मकान सूचीकरण के कार्य को एक सप्ताह में करने को कहा गया है। हालांकि इससे ज्यादा समय भी लग सकता है क्योंकि कुछ एआरआई के पास एक से ज्यादा वार्ड भी हैं। 

मार्च में होती है सबसे ज्यादा वसूली 

नगर पालिका की सबसे ज्यादा वसूली मार्च के महीने में ही होती है। वित्त वर्ष का आखरी महीना होने से सरचार्ज आदि से बचने लोग भी इसी महीने अपने टैक्स पूरी गंभीरता के साथ भरते हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि स्वयं नपा आकर जो टैक्स भरा जा रहा है, उससे रोजाना 7 से 8 लाख रुपये जमा हो रहे हैं। दूसरी ओर नपा भी कम वसूली रहने पर इसी महीने शिविर लगाकर और अभियान चलाकर वसूली करती है। एआईआर के इस काम में जुटे होने से न ऑफिस आकर जमा करने वालों की राशि जमा हो सकेगी और न ही एआरआई घर-घर जा सकेंगे। 

अपने ही वार्डों की करते राशि जमा

यूं तो जनगणना सूचीकरण कार्य के चलते सभी एआरआई फील्ड में रहेंगे, लेकिन यदि कोई एआरआई दफ्तर में मौजूद भी रहा और उसके प्रभार के अलावा अन्य वार्डों के लोग टैक्स जमा करने पहुंच गए तो भी राशि जमा होने की संभावना कम ही है। कारण यह है कि सभी एआरआई अपने-अपने वार्डों की राशि ही जमा करते हैं। इसके अलावा मार्च होने से व्यस्तता भी इतनी रहेगी कि वह अन्य वार्ड के लोगों की चाह कर भी राशि जमा नहीं कर सकेंगे। 

अभी आधी भी वसूली नहीं हो पाई 

इस साल वैसे भी नपा की वसूली की स्थिति कोई बहुत अच्छी नहीं है। अभी तक 50 प्रतिशत वसूली भी नहीं हो पाई है। आज तक की स्थिति में केवल 43.68 प्रतिशत वसूली ही नपा की हो सकी है। संपत्ति कर की सबसे ज्यादा 58.79 प्रतिशत वसूली हुई है, जबकि जल शुल्क की सबसे कम 31.88 प्रतिशत वसूली हुई है। इसके अलावा समेकित कर की 37.25 प्रतिशत, सामान्य जल कर की 49.82 प्रतिशत, दुकान/भवन, भूमि किराए की 38.26 प्रतिशत, शिक्षा उपकर की 39.18 प्रतिशत और नगरीय विकास उपकर की 39.65 प्रतिशत वसूली हो सकी है। नपा की इस साल के लिए कुल मांग 11 करोड़, 67 लाख, 80 हजार, 790 रुपये थी। इसमें अभी तक 5 करोड़, 10 लाख, 15 हजार, 659 रुपये की वसूली अभी तक हुई है।