Betul Water Tank Controversy: ओवरब्रिज के पास 18 मीटर ऊंची पानी की टंकी निर्माण पर विवाद, नागरिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
Betul Water Tank Controversy: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जनता के पसीने की कमाई उड़ाने में हमेशा अव्वल रहने वाली नगर पालिका बैतूल बिना प्लानिंग के काम करने में तो माहिर है ही अब तो नियमों को भी ताक पर रखने लगी है। इसके लिए भले ही नागरिकों की जान जोखिम में क्यों न आ जाए, लेकिन नगर पालिका को तो हमेशा अपने हिसाब और सहूलियत से काम करना है। इसका ताजा उदाहरण ओवरब्रिज से मात्र लगभग १० मीटर की दूरी पर बनवाई जा रही पानी की टंकी है।
जानकारों के अनुसार यह स्पष्ट नियम है कि पानी की टंकी का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जाना चाहिये, जहां टंकी की ऊंचाई के बराबर जगह चारों ओर खाली रहे, लेकिन नपा द्वारा अंडरब्रिज से मात्र १० मीटर दूर १८ मीटर ऊंची पानी की टंकी बनाई जा रही है। यदि भविष्य में कभी टंकी धराशायी हुई तो न सिर्फ नागरिकों की जान जोखिम में रहेगी, बल्कि रेलवे द्वारा बनाया गया ओवर ब्रिज भी ध्वस्त हो सकता है। बावजूद इसके अहमदाबाद के ठेकेदार द्वारा यहां लगभग १० लाख लीटर क्षमता वाली १८ मीटर ऊंची पानी की टंकी के लिए फांडडेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है।
निर्धारित जगह बस स्टैंड के लिए स्वीकृत
नगर पालिका बैतूल द्वारा अमृत योजना के तहत शहर में चार पानी की टंकियां बनाई जा रही है। जिसमें चुन्नीढाना में १२ लाख लीटर, खेल परिसर में ७.५० लाख लीटर, टिकारी में मलेरिया ऑफिस के पीछे १८.५० लाख लीटर और गंज में ओवर ब्रिज के साइड में १० लाख लीटर क्षमता की टंकी बनाई जा रही है। टंकी निर्माण का टेण्डर अहमदाबाद की अबहेद इंस्ट्राबिल्ड को मिला है। गंज क्षेत्र में बन रही टंकी के लिए पूर्व में पीडब्ल्यूडी विभाग की खाली जमीन चिन्हित की गई थी, लेकिन टाउन एंड कंट्री प्लानिग में उक्त जगह गंज बस स्टैंड के लिए निर्धारित कर ली गई है। जिससे अब नपा द्वारा काम पूरा करने की जल्दबाजी में अपने स्वामित्व वाली उक्त जगह का चयन किया है।
आवेर ब्रिज और सड़क किनारे है चिन्हित स्थान
नगर पालिका द्वारा जिस जगह पर टंकी निर्माण किया जा रहा है वह सदर ओवर ब्रिज और ओवर ब्रिज के नीचे से गंज जाने वाली सड़क के एकदम पास है। १० लाख लीटर क्षमता वाली उक्त पानी की टंकी की जमीन की सतह से ऊंचाई १८ मीटर है। साथ ही चौड़ाई १२ मीटर है। इस स्थान से अण्डरब्रिज के नीचे की सड़क और ओवरब्रिज सड़क लगभग १० मीटर दूर नजर आ रही है। जबकि नियम है कि पानी की टंकी की जमीन की सतह से जितनी ऊंचाई रहती है उतनी जगह चारों ओर खाली रहनी चाहिये, लेकिन यहां न सिर्फ ओवर ब्रिज और सड़क है बल्कि नीचे दुकानें और मकान भी हैं। कुछ लोगों द्वारा जमीन पर अपना स्वामित्व भी बताया जा रहा है।
ठेकेदार ने बनाया फाउंडेशन
टंकी निर्माण कर रही अहमदाबाद की कंपनी द्वारा लगभग एक पखवाड़ा पूर्व टंकी निर्माण के लिए खुदाई का कार्य शुरू कर दिया था। यहां लगभग १० फीट गहरा गड्ढा खोद कर फांउडेशन निर्माण किया है। वर्तमान में जितनी खुदाई हुई है, वहां से ओवरब्रिज और सड़क लगभग १० फीट दूर है। यहां लगभग दो दर्जन से अधिक दुकानें हैं, साथ ही कुछ लोग निवास भी कर रहे हैं। इनके द्वारा टंकी निर्माण का विरोध भी किया गया, लेकिन विरोध को दरकिनार कर टंकी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
नियमानुसार हो रहा टंकी निर्माण
ओवरब्रिज के दुकानदारों द्वारा भले टंकी निर्माण में नियमों की अनदेखी की बात कही जा रही है, लेकिन नपा के तकनीकि अधिकारियों का कहना है कि टंकी निर्माण नियमानुसार किया जा रहा है। वर्तमान में फांउडेशन के लिए अधिक चौड़ाई का गड्ढा खोदा गया है। टंकी की चौड़ाई १२ मीटर है इससे सड़क और ओवरब्रिज की दूरी १८ मीटर से अधिक है। उक्त भूमि नपा के स्वामित्व की है। जो लोग अपनी भूमि बता रहे हैं, वह गलत है।
जो भी हो लेकिन नपा ने जब पीडब्ल्यूडी की जमीन पानी की टंकी के लिए निर्धारित की थी तो फिर टंकी उसी स्थान पर बनाई जानी चाहिये। उस स्थान पर आसपास की पूरी जमीन खाली है, लेकिन प्लानिंग की कमी से उक्त जमीन बस स्टैंड के लिए दे दी गई है। जिससे मजबूरी में आवेरब्रिज के साइड में टंकी बनाना पड़ रहा है।

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