Betul Congress Politics: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले में कांग्रेस की स्थिति रसातल में पहुंचने के बावजूद गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। गुटबाजी, वर्चस्व और अपने गुट के नेता को ब्लॉक अध्यक्ष बनाने के प्रयास में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित दोनों विधानसभा क्षेत्र भैंसदेही और घोड़ाडोंगरी में आने वाले सभी ब्लॉक, उप ब्लॉक के अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। जबकि बैतूल, मुलताई और आमला विधानसभा क्षेत्र में पार्टी द्वारा सभी ब्लॉक और उप ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा कर दी गई है। खबर हैं कि घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक ब्रह्मा भलावी, पूर्व मंत्री प्रतापसिंह उईके और विधानसभा में कांग्रेस के दिग्गज जमीनी नेता शाहपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र मिश्रा के बीच सामंजस्य नहीं बन पा रहा है। इसी प्रकार भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक ब्रह्मा भलावी और अनुसूचित जनजाति कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम के बीच सामंजस्य नहीं बन पा रहा है। इसके चलते दोनों विधानसभाओं में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है।

जिले में पिछले कुछ सालों से कांग्रेस की स्थिति सबसे बुरे हालात में पहुंच गई है। सांसद, विधायकों की तो बात दूर नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों में भी कांग्रेस के इक्का-दुक्का प्रतिनिधि ही मौजूद हंै। इसके बावजूद कांग्रेस में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। जिले में पूर्व विधायक निलय डागा को जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाकर संगठन की कमान सौंप दी हैं वहीं पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे को पीसीसी में उपाध्यक्ष बनाकर प्रदेश स्तर पर तवज्जो दी जा रही है। दोनों ही नेताओं के समर्थक एक-दूसरे पर हावी होने का लगातार प्रयास करते हैं। इसी का परिणाम है कि जिला कांग्रेस संगठन के कई फैसलों को प्रदेश संगठन द्वारा बदल भी दिया गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पूर्व विधायक निलय डागा की नियुक्ति १६ अगस्त २०२५ को हुई थी। अध्यक्ष बनने के ६ माह से अधिक का समय बीत गया है। इसके बावजूद घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के ४ ब्लॉक और ३ उप ब्लॉक में अध्यक्ष नहीं बन पाए है। यहीं हाल भैंसदेही विधानसभा का भी है। यहां भी दो ब्लॉक और दो उप ब्लॉक में अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। जबकि बैतूल और मुलताई विधानसभा क्षेत्र में एक माह पूर्व और आमला विधानसभा क्षेत्र में लगभग ८-१० दिन पूर्व ब्लॉक और उप ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है।

घोड़ाडोंगरी में इन नामों पर नहीं बन रहा सामंजस्य

क्षेत्रों के अनुसार घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा के करीबी पूर्व विधायक ब्रह्मा भलावी और पूर्व मंत्री प्रतापसिंह उईके अपने लोगों को अध्यक्ष बनाना चाहते हैं वहीं पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे के कट्टर समर्थक नरेन्द्र मिश्रा पूरी विधानसभा में अपने समर्थकों को ब्लॉक अध्यक्ष की कमान सौंपना चाहते हंै। घोड़ाडोंगरी विधानसभा के शाहपुर ब्लॉक में वर्तमान में नरेन्द्र मिश्रा स्वयं अध्यक्ष हैं, के यहां से अमित तिवारी या शिवकुमार मालवीय को अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। वहीं ब्रह्मा भलावी उपेन्द्र वर्मा के नाम पर अड़े हैं। इसी प्रकार नरेन्द्र मिश्रा, चिचोली ग्रामीण से नेकराम यादव, चिचोली शहर से रूपेश आर्य, घोड़ाडोंगरी से सोनू खनूजा और पाढर उप ब्लॉक से नीरज राठौर को अध्यक्ष बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। जबकि ब्रह्मा भलावी और प्रतापसिंह उईके, चिचोली ग्रामीण से सुभाष यादव, चिचोली शहर से राहुल पटेल, घोड़ाडोंगरी से अनिल झल्लोर और पाढर उप ब्लॉक से ज्ञानसिंह परते को अध्यक्ष बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस विधानसभा में भौंरा उप ब्लॉक में रूपलाल यादव और चोपना उप ब्लॉक में निताई कर के नाम पर दोनों गुट लगभग सहमत हैं, लेकिन चार ब्लॉक और एक उप ब्लॉक में दोनों गुट में सहमति नहीं बनने से पूरी विधानसभा के ब्लॉक और उप बलॅक अध्यक्षों की घोषणा नहीं हो पा रही है।

भैंसदेही-भीमपुर में भी दो-दो दावेदार

घोड़ाडोंगरी तरह ही भैंसदेही विधानसभा में भी धरमूसिंह सिरसाम और रामू टेकाम के बीच अपना अध्यक्ष बनाने खींचतान चल रही है। भैंसदेही में वर्तमान में रानू ठाकुर ब्लॉक कांगे्रस अध्यक्ष है। यहां रामू टेकाम उन्हें ही रिपीट करवाना चाह रहे हैं वहीं धरमू सिंह धर्मेन्द्र मालवीय या प्रशांत वागद्रे को ब्लॉक अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। भीमपुर ब्लॉक में भी श्री टेकाम वर्तमान अध्यक्ष चुन्नीलाल यादव को रिपीट करना चाहते हैं वहीं धरमू सिंह यहां नामदेव यादव को अध्यक्ष बनाने अड़े हंै। इसके चलते भैंसदेही विधानसभा के दोनों ब्लॉक और दामजीपुरा तथा हिड़ली उप ब्लॉक में कांग्रेस अध्यक्ष की घोषणा नहीं हो पा रही है। जमीनी स्तर पर भाजपा को टक्कर देने के बदले कांग्रेस अभी भी अपनों से ही टकरा रही है, जिससे सच्चे कांग्रेसी दुखी हैं।