Betul Land Guideline Rate Increase: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। यदि आपकी जिले भर में कहीं भी जमीन खरीदने की प्लानिंग है तो यह काम जल्द कर लेना बेहतर होगा। इस काम में यदि एक महीने की और देरी आपने कर दी तो आपको ज्यादा दाम चुकाने होंगे। दरअसल, एक अप्रैल से बैतूल शहर सहित जिले भर में जमीन के दाम खासे बढ़ने वाले हैं। इसके लिए उप जिला मूल्यांकन समितियों से प्रस्ताव आ चुके हैं। अब इन्हें केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जा रहा है।

शासन द्वारा हर साल जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर गाइड लाइन तय की जाती है। इस गाइड लाइन के आधार पर ही जमीन की खरीदी-बिक्री के पंजीयन के लिए यह तय होता है कि किसी क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री निर्धारित दाम से कम पर नहीं की जा सकती और उस दाम के आधार पर ही शासन द्वारा मुद्रांक शुल्क लिया जाता है। इसके विपरीत यदि गाइड लाइन में उल्लेखित दरों से अधिक दाम पर रजिस्ट्री होती है तो फिर उस आधार पर मुद्रांक शुल्क लिया जाता है। नई गाइड लाइन हर साल एक अप्रैल से लागू होती है। इसलिए काफी पहले से इसे बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बैतूल में भी यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब तक यह स्थिति भी साफ हो गई है कि भविष्य में क्या स्थिति बनने वाली है।

उप जिला मूल्यांकन समितियों से जिला स्तर पर आ चुके प्रस्ताव

गाइड लाइन बनाने के लिए सबसे पहले उप जिला मूल्यांकन समितियों से प्रस्ताव बुलाए जाते हैं कि किन-किन क्षेत्रों में दाम में इजाफा करना है। बैतूल जिले में बैतूल, मुलताई और भैंसदेही में उप रजिस्ट्रार कार्यालय हैं। इन तीनों उप जिला मूल्यांकन समितियों ने वर्ष 2025-26 के लिए अपने-अपने प्रस्ताव जिला स्तर पर भिजवा दिए हैं। 

प्रस्ताव के अनुसार इतने स्थानों पर बढ़ना है जमीन के दाम 

इन प्रस्तावों के अनुसार जिले भर में 1755 लोकेशनों पर दाम बढ़ाना प्रस्तावित किया गया है। जिले भर में कुल 2104 लोकेशन हैं। इसी तरह बैतूल शहर की यदि बात करें तो इस बार बैतूल शहर के सभी 33 वार्डों में जमीन के दामों में बढ़ोतरी की जाएगी। जिला स्तर पर आए प्रस्तावों को देखे तो साफ है कि इस बार कुछेक लोकेशन छोड़कर अधिकांश लोकेशनों पर जमीन के दाम बढ़ जाएंगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन स्थानों पर जमीन के दाम 10 से लेकर 25 प्रतिशत तक बढ़ जाएंगे। 

केंद्रीय समिति से अनुमोदन करने के बाद किए जाएगा लागू 

उप जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त यह प्रस्ताव अब केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजे जाएंगे। केंद्रीय समिति द्वारा इन पर विचार कर इनमें कमी या बढ़ोतरी का निर्णय लिया जा सकता है। केंद्रीय समिति द्वारा अनुमोदन किए जाने के बाद नई गाइड लाइन लागू कर दी जाएगी। इससे एक अप्रैल के बाद होने वाली रजिस्ट्री नई दरों के आधार पर होगी। 

इन आधारों पर की जा रही इस बार जमीन के दाम में वृद्धि 

अधिकांशत: जमीन के दाम उन क्षेत्रों में बढ़ते हैं जहां पर गाइड लाइन से अधिक दामों पर रजिस्ट्री हो रही है, लेकिन इस बार उन क्षेत्रों में विशेष तौर से दाम बढ़ाए जा रहे हैं जहां पर लंबे समय से जमीन के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा नवीन विकास, डायवर्सन, टीएंडसीपी से लेआउट स्वीकृति, आसपास की कॉलोनियों की दरों से अत्यधिक भिन्नता, सर्वे के आधार पर, नई प्रधानमंत्री सड़क या अन्य पक्का मार्ग घोषित होने, नया नेशनल हाईवे, बायपास और रिंग रोड घोषित होने, नई सिंचाई परियोजना या औद्योगिक क्षेत्र घोषित होने आदि आधारों पर जमीन के दाम में बढ़ोतरी की जाती है।