Betul Garbage Vehicle Tender: बैतूल नपा का 4.60 करोड़ का कचरा वाहन टेंडर विवादों में, शर्तें ऐसी कि नए ठेकेदार बाहर
Betul Garbage Vehicle Tender: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। बिना किसी कार्ययोजना और मापदण्ड के कार्य करने वाली नगर पालिका बैतूल न सिर्फ निर्माण कार्यों में बल्कि टेंडर प्रक्रिया में भी ऐसी शर्तें शामिल कर देती है ताकि कोई नया व्यक्ति, फर्म या कंपनी टेंडर ही न भर सके जिससे नपा अपने चहेतो को टेंडर दिलवा सके। ताजा मामला नगर पालिका द्वारा शहर में चलने वाले कचरा वाहनों के संचालन के टेंडर का है। लगभग 4 करोड़ 60 लाख 14 हजार 780 रुपए के टेंडर में नपा ने ऐसी शर्तें शामिल कर दी है जिससे कोई भी नया व्यक्ति टेंडर ही न ले सके। इसी का परिणाम है कि पिछले लगभग 6 साल से एक ही कंपनी ओम सांई विजन को यह टेंडर मिल रहा है। इस साल भी 4.60 करोड़ के टेंडर की निविदा आज खोली जाएगी जिसमें ओम सांई विजन को ही टेंडर मिलने की पूरी संभावना है।
20 जनवरी को निकाला टेंडर
नगर पालिका बैतूल द्वारा निकाय क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत नगर के समस्त वार्डों से घर-घर से कचरा संग्रहण, परिवहन, वाहन मरम्मत कार्य, ईंधन, आईईसी गतिविधियां, एमआईएस डाटा अपलोडिंग एवं स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत समस्त कार्य दस्तावेजीकरण, ड्राइवर, हेल्पर एवं आईईसी मेम्बर उपलब्ध करवाने सहित कचरा वाहन के संपूर्ण संचालन करने एजेंसी की नियुक्ति करने 20 जनवरी को ई निविदा निकाली थी। निविदा 19 फरवरी शाम 5:30 बजे तक भरनी थी। 23 फरवरी को निविदा ओपन की जाना है।
शर्तें ऐसी कि नए लोग भर ही न पाए
नगर पालिका द्वारा लगभग 4.60 करोड़ रुपए की निविदा के लिए कुछ ऐसी शर्ते भी रखी है कि नए व्यक्ति, फर्म चाहते हुए भी उक्त निविदा न भर पाए। निविदा के क्रमांक 5.7 में निविदाकर्ता के पेरोल पर काम कर रहे कम से कम 100 कर्मचारियों के लिए पिछले एक वर्ष के ईपीएफ और ईएसआईसी भुगतान किए गए चालान की प्रति मांगी गई है। क्रमांक 5.8 में निविदाकर्ता के पास किसी एक शहरी स्थानीय निकाय में लगातार घर-घर कचरा संग्रहण एवं परिवहन और आईईसी का न्यूनतम दो वर्षों का कार्यानुभव होना आवश्यक है। क्रमांक 5.9 में निविदाकर्ता के पास किसी एक शहरी स्थानीय जिसकी जनसंख्या एक लाख से कम न हो और स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत आईईसी गतिविधियों का न्यूनतम 50-50 लाख रुपए की राशि का न्यूनतम दो वर्षों का कार्यादेश होना आवश्यक हो।
यह हो सकती थी शर्ते
कोई नए व्यक्ति, फर्म या कंपनी जो प्रतिस्पर्धा कर सके या निविदा भर सके वह कचरा संग्रहण कार्य का अनुभव कैसे ला सकता है? इसलिए नई फर्म उक्त निविदा नहीं भर सकती है। जानकारों के अनुसार नपा द्वारा मांगी गई योग्यताओं में कमांक 5.7 में निविदा के आधार पर पेरोल पर काम कर रहे 100 कर्मचारियों के आधार पर 10 प्रतिशत ईपीएफ और ईएसआईसी भुगतान के चालान की प्रति मांगी जा सकती थी। क्रमांक 5.8 में निविदाकर्ता के पास किसी परिवहन संचालन में न्यूनतम दो साल के कार्य आदेश और शासकीय कार्य का अनुभव प्रमाण पत्र मांगा जा सकता था। क्रमांक 5.9 में निविदाकर्ता के पास स्वच्छ भारत मिशन के बदले किसी भी शासकीय कार्य का 50-50 लाख रुपए का न्यूनतम टर्न ओवर मंागा जा सकता था।
एक ही फर्म 6 साल से कर रही कार्य
नगर पालिका द्वारा कचरा वाहन संचालन की निविदा में जानबूझकर ऐसी शर्त रखी गई है कि पुरानी फर्म ही निविदा भर सके। नई फर्म दो साल का अनुभव कैसे ला सकती है। इसी का परिणाम है कि कि नगर पालिका बैतूल में पिछले 6 साल से एक ही फर्म ओम सांई विजन को ही कचरा संग्रहण का कार्य मिल रहा है। नपा की शर्तों के कारण नई फर्म निविदा ही नहीं भर पा रही है। संभावना है कि इस बार भी ओम सांई विजन को ही एक साल तक नपा के कचरा संग्रहण करने वाले 39 कचरा वाहन और 5 ट्रैक्टर ट्राली के संचालन का 4.60 करोड़ रुपए का टेंडर मिल जाए। टेंडर लेने की इच्छुक फर्मों ने विधायक नगर पालिका अध्यक्ष और कलेक्टर से मांग की है कि उक्त टेंडर ओपन करने के पूर्व इसकी शर्तों में परिवर्तन किया जाए ताकि नए लोगों के आने से प्रतिस्पर्धा में नपा को कम राशि का निविदाकार मिल जाए और शहर में कचरा संग्रहण का कार्य और अधिक बेहतर तरीके से किया जाए जिससे बैतूल नगर पालिका स्वच्छता रैकिंग में भी अव्वल स्थान प्राप्त कर सके।

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