► स्पोर्ट्स कोच कैलाश वराठे और जर्नलिस्ट नीता वराठे के बेटे ने रचा इतिहास, जिले का बढ़ाया मान

Pranay Varathe Air Force Pilot: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। प्रणय वराठे ने भारतीय वायुसेना में पायलट चयन की परीक्षा पहले ही प्रयास में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली है। यह चयन प्रक्रिया एसएसबी के अंतर्गत देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल है। यह सफलता प्राप्त कर प्रणय ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे बैतूल जिले को गौरवान्वित किया है।

स्पोर्ट्स कोच कैलाश वराठे एवं जर्नलिस्ट नीता वराठे के पुत्र प्रणय बचपन से ही मेधावी और अनुशासित छात्र रहे हैं। मात्र 9 वर्ष की आयु में वे प्रतिभा खोज के तहत   उत्कृष्ट पूलेला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी ग्वालियर के लिए चयनित हुए थे। अब तक उनके नाम 10 से 12 ऑल इंडिया स्तर की उपलब्धियां दर्ज हैं। वे राज्य स्तर पर भी विजेता रह चुके हैं।

खेल और पढ़ाई में संतुलन की मिसाल

वर्तमान में प्रणय एक्सीलेंस कॉलेज भोपाल भौतिकी के छात्र हैं। पिछले तीन वर्षों से वे कॉलेज की बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतते आ रहे हैं। खेल और पढ़ाई, दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाकर उन्होंने यह सिद्ध किया है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से हर मंजिल पाई जा सकती है।

असफलताओं के बाद मां ने बढ़ाया हौसला

प्रणय की सफलता के पीछे उनकी मां नीता वराठे का विशेष मार्गदर्शन और त्याग रहा है। बैडमिंटन और एनडीए में असफलता के बाद जब प्रणय निराश हुए, तब उनकी मां ने ही उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें दोबारा खड़ा किया। कठिन समय में मां के विश्वास और प्रोत्साहन ने ही उनके जीवन को नई दिशा दी। परिवार के अनुसार, प्रणय की इस उपलब्धि का बड़ा श्रेय उनकी माता के समर्पण और अटूट विश्वास को जाता है।

सफलता में इनका भी विशेष योगदान

उनकी उपलब्धि में विक्रमादित्य मानकर (कैप्टन) का भी विशेष मार्गदर्शन रहा। वे लगातार प्रणय के संपर्क में रहे और हमेशा यह चाहते थे कि बैतूल जिले से कोई मेधावी छात्र अधिकारी रैंक पर पहुंचे। आज प्रणय की सफलता ने इस संकल्प को साकार कर दिया है।

छोटे शहरों से साकार हो सकते बड़े सपने 

प्रणय वराठे की यह सफलता जिले के युवाओं के लिए नई प्रेरणा है। उन्होंने साबित किया कि छोटे शहरों से निकलकर भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है। जिले के वरिष्ठ नागरिकों, खेल प्रेमियों और शिक्षाविदों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। बैतूल का यह होनहार अब आसमान की ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।