Betul Cyber Crime: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले में साइबर अपराधों की जैसे बाढ़ ही आ गई है। साइबर अपराध किस कदर बढ़ गए हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में महज 24 घंटे में 11 प्रकरण दर्ज हुए हैं। दर्ज हुए इन मामलों में 25 लाख, 12 हजार, 104 रुपये की धोखाधड़ी या ठगी हुई है। वहीं 17 ई-जीरो एफआईआर हुई है। यह मामले संबंधित थाना क्षेत्रों को भेजे जाकर इनमें जांच की जा रही है। 

पुलिस विभाग की जनसंपर्क शाखा ने जानकारी दी है कि साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु पुलिस अधीक्षक श्री जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी के मार्गदर्शन में निरंतर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर 11 साइबर अपराध के प्रकरण दर्ज किए गए हैं। साथ ही ई-जीरो एफआईआर प्रणाली के माध्यम से कुल 17 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। इन्हें संबंधित थाना क्षेत्रों को अग्रेषित कर विवेचना प्रारंभ की गई है। यह 11 अपराध कोतवाली, बैतूल गंज, शाहपुर, आमला और सारणी थाने में दर्ज किए गए हैं। 

इस तरह की गई इन मामलों में साइबर ठगी 

  • फरियादी के पास रिश्तेदार बन कर फर्जी काल किया और पैसों की जरुरत बताकर 1 लाख, 38 हजार रुपये धोखाधड़ी से ट्रांसफर करवा लिए। 
  • रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी के पास अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को डीआरएम ऑफिस से होना बताया और कहा कि पेंशन फाइल वाट्सएप पर भेजी है। यह एपीके फाइल थी। इसे डाउनलोड करते ही फरियादी के खाते से 5 लाख रुपये कट गए। 
  • फरियादिया ने इंस्टाग्राम पर पार्ट टाइम जॉब सर्च की। उस पोस्ट पर दिए वाट्सएप नंबर पर क्लिक करते ही एक ग्रुप में एड हो गई। इसमें पोर्टल को रैंकिंग देने का टास्क दिया गया। इसके बाद टास्क के नाम पर फरियादिया 2 लाख, 25 हजार की धोखाधड़ी की गई। 
  • फरियादी के साथ शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 2 लाख, 66 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। 
  • फरियादी ने मीशो शॉपिंग प्लेटफॉर्म से ऑर्डर किए गए प्रोडक्ट को रिटर्न करने के लिए गूगल से कस्टमर केयर का नंबर सर्च कर कॉल किए फ्रॉडस्टर द्वारा एक एपीके फाइल भेजी गई, जिससे फरियादी के खाते से 1 लाख, 01 हजार 990 रुपये कट गए। 
  • फरियादी के वाट्सअप पर एपीके फाइल के डाउनलोड करते ही खाते से 99500 रुपये कट गए। 
  • परिचित बनकर फरियादी को कॉल किया और 179999 रुपये की धोखाधड़ी की गई। 
  • रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी से फ्रॉडस्टर ने नागपुर के एकाउंट ऑफिस ऑफिस से बात करना बताकर कहा कि आपके खाते में रुपये डाले हैं। उनके खाते की जानकारी प्राप्त की गई और 2 लाख, 26 हजार, 999 रुपये की धोखाधड़ी की। 
  • ऑनलाइन लोन स्वीकृत कराने के लिए प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 106616 रुपये की धोखाधड़ी की गई। 
  • योनो के नाम से एपीके फाइल भेजकर 4 लाख, 98 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। 

लोगों के लिए यह सावधानियां जरुरी 

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने अपील की है कि ओटीपी, सीवीवी, एटीएम पिन या बैंक विवरण किसी से साझा न करें। किसी भी अज्ञात लिंक/एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें। किसी भी प्रकार के निवेश से पूर्व संबंधित कंपनी/एप की वैधता जांचें।

ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। साइबर क्राइम का शिकार बनने पर साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। समय पर सूचना  देने से ठगी गई राशि को होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।