भारत में हमेशा से "कौशल" की परम्परा रही है : तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार
भोपाल : उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारत हमेशा से "कौशल" का देश रहा है। भारत में, कौशल परम्परागत रूप से विद्यमान रहा है और यही कौशल अतीत में भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी रहा है। आज भी ग्रामीण भारत में, कौशल पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हो रहा है। ग्रामीण भारत के इस परंपरागत कौशल को वर्तमान परिदृश्य की आवश्यकता अनुरूप, आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में, राज्य सरकार युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। परमार ने कहा कि उद्योगजगत एवं शैक्षणिक संस्थानों के मध्य खाई को पाटने के लिए सतत् कार्य कर रहे हैं। इसके लिए तकनीकी शिक्षा में, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण किए जा रहे हैं। उद्योगों को इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव बल तैयार करने के लिए इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों में एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार गुरुवार को भोपाल स्थित क्रिस्प संस्थान (सेंटर फॉर रिसर्च एंडइंडस्ट्रियल स्टॉफ परफॉर्मेंस) में, बीपीसीएल (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के सीएसआर अंतर्गत प्रशिक्षण शिविर परियोजना "स्वावलंबन" के समापन समारोह में, प्रशिक्षित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे।
मंत्री परमार ने कहा कि भारत को पुनः विश्वमंच पर अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए, युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण अपनाना होगा। परमार ने कहा कि रोजगार प्राप्त करने वाले भी तैयार हों और रोजगार देने वाले भी तैयार हों, इसके लिए स्टार्टअप संस्कृति और स्किल आधारित रोजगार ही भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। परमार ने ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रिस्प संस्थान के प्रयासों की सराहना की। परमार ने कहा कि ग्रामीण भारत में आज भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की संस्कृति प्रचलन में हैं। स्वदेशी के भाव को आत्मसात करने से, आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना साकार होगी। परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाने के लिए सभी के संकल्पित प्रयासों एवं पुरुषार्थ की आवश्यकता है।
समारोह में मंत्री परमार ने प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र एवं चयनित युवाओं को जॉब ऑफर पत्र वितरित किए। साथ ही महाराष्ट्र के पुणे में जॉइनिंग के लिए चयनित युवाओं की बस को शुभकामनाओं सहित हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।
कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए, प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। संस्थान ने इसे युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
ज्ञातव्य है कि "स्वावलंबन" परियोजना के प्रथम चरण में भोपाल में 95 प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, इनमें सभी 95 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ है, जो 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इनमें से 80 प्रशिक्षित युवाओं ने समारोह उपरांत जॉब जॉइन करने के लिए पुणे के लिए प्रस्थान किया है।
इस अवसर पर संचालक क्रिस्प अमोल वैद्य, बीपीसीएल बीना रिफाइनरी के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) शिरीष चंदेकर एवं मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी) अय्तोदा किरण. एस सहित बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी) एवं क्रिस्प संस्थान के विभिन्न पदाधिकारीगण, प्रशिक्षित एवं चयनित युवा उपस्थित थे।

Betul Underbridge Traffic Problem: कुछ लाख बचाने के चक्कर में शहर परेशान: अंडरब्रिज बंद तो ओवरब्रिज पर बढ़ा दबाव, विकल्प की अनदेखी
Sandipani School MP: एमपी के सांदीपनि विद्यालयों में एडमिशन में भेदभाव! प्राइवेट और RTE छात्रों को नहीं मिल रहा प्रवेश
HPV Vaccination Betul: अफवाहों के बीच भी बैतूल में 64.57% HPV वैक्सीनेशन, सर्वाइकल कैंसर से 90% तक बचाव संभव
यूपी की सियासत में नई हलचल: Chirag Paswan ने 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान
SIR में अपमान का मुद्दा गरमाया, Mamata Banerjee ने जनता से मांगा जवाब