Fake E-KYC APK Cyber Fraud: बैतूल जिले में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर चौंकाने वाली वारदात को अंजाम दिया है। इस बार ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर एक बुजुर्ग को निशाना बनाया और E-KYC अपडेट के बहाने मोबाइल पर APK फाइल डाउनलोड कराकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। कुछ ही दिनों में क्रेडिट कार्ड और जंबो लोन के जरिए 6 लाख 77 हजार रुपये निकाल लिए गए।

एचडीएफसी बैंक का मैनेजर बताया

मालवीय वार्ड, खंजनपुर बैतूल निवासी 62 वर्षीय विनय कुमार भावसार ने थाना गंज में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 3 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल नंबर 8293093465 से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एचडीएफसी बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर अनिल अग्रवाल बताया और E-KYC अपडेट कराने की बात कही।

बातों में भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर “HDFC Page Update” नाम से एक APK फाइल भेजी। फरियादी के iPhone में यह फाइल इंस्टॉल नहीं हो सकी तो आरोपी ने दूसरे एंड्रायड मोबाइल में इसे डाउनलोड कर इंस्टॉल कराने के लिए कहा। जैसे ही फाइल इंस्टॉल की गई, मोबाइल का नियंत्रण अपराधी के हाथ में चला गया। इसके बाद कॉल और मैसेज डायवर्ट होने लगे।

तीन दिन में लाखों रूपये निकाल डाले 

3 से 5 नवंबर 2025 के बीच आरोपी ने फरियादी के क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग करते हुए कई ट्रांजेक्शन किए। साथ ही जंबो लोन भी लिया गया। कुल मिलाकर 6 लाख 77 हजार रुपये की राशि निकाल ली गई। जब तक फरियादी को पूरी स्थिति समझ में आई, तब तक रकम खाते से निकल चुकी थी।

पीड़ित ने 5 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसका एक्नॉलेजमेंट नंबर 32111250036599 है। मामले की सूचना मिलते ही थाना गंज में उपनिरीक्षक इरफान कुरैशी ने अपराध क्रमांक 39/2026 के तहत धारा 318(4) और 319(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक ने दी यह सलाह 

बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि इन दिनों साइबर अपराधी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को कॉल कर रहे हैं। वे KYC अपडेट, लोन, बिजली बिल, पार्सल डिलीवरी या इनाम का लालच देकर संदिग्ध लिंक या APK फाइल भेजते हैं। जैसे ही व्यक्ति फाइल डाउनलोड करता है, मोबाइल में मैलवेयर या स्पायवेयर सक्रिय हो जाता है।

APK फाइल क्यों है खतरनाक

ऐसी फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल का रिमोट एक्सेस ठगों को मिल जाता है। इसके बाद वे ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंकिंग ऐप की जानकारी हासिल कर लेते हैं। कई मामलों में क्रेडिट कार्ड से लोन लेकर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है।

नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें। ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी और नेट बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। बैंकिंग कार्य के लिए केवल अधिकृत ऐप या आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करने से बचें। यदि बैंक से संबंधित कोई कॉल आए तो संबंधित शाखा में स्वयं संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें।

ठगी होने पर तुरंत क्या करें

अगर साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और नजदीकी थाना या साइबर सेल को तुरंत सूचना दें। समय रहते शिकायत करने से ट्रांजेक्शन को होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने कहा कि एक APK फाइल डाउनलोड करना वर्षों की मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकता है। बैंक कभी भी व्हाट्सएप के माध्यम से APK फाइल भेजकर KYC अपडेट नहीं कराते। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।