बदल रही काशी: 259 करोड़ की सीवर-पेयजल परियोजना
वाराणसी। वार्ड वार काम के लिए पहली बार एक साथ धनराशि जारी की गई। नगर निगम के 18 अति-प्रभावित वार्डों और विस्तारित क्षेत्रों के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत 259 करोड़ रुपये की सीवर और पेयजल की तीन बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। साथ ही प्रथम किस्त भी शासन ने जारी कर दी है। इन योजनाओं का शिलान्यास प्रधानमंत्री के हाथों होना संभावित है। यही नहीं टेंडर की औपचारिकता भी पूरी कर ली गई है। ऐसे में होली के बाद सीवर व पेयजल की पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू होने की संभावना है। नव विस्तारित क्षेत्र रामनगर व सूजाबाद में सीवर और पाइपलाइन का जाल बिछने जा रहा है। रामनगर जोन में सीवर नेटवर्क और हर घर को सीवर कनेक्शन से जोड़ने के लिए शासन ने 190 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। रामनगर के तीनों वार्डों में 69. 98 किमी ब्रांच लाइन और 3.4 राइजिंग ( मेन लाइन) लाइन बिछाई जाएगी। 10 एमएलडी की एसटीपी, दो सीवर पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) बनाए जाएंगे। इसी तरह, सूजाबाद जोन में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के विस्तार के लिए 35 करोड़ रुपये की योजना को हरी झंडी मिली है। खास बात यह है कि 13645 घरों में सीवर का कनेक्शन मुफ्त दिया जाएगा।
लाइन लॉस पर लगेगा लगाम, बढ़ेगा प्रेशर
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीवर व पेयजल की पाइपलाइन 200 साल पुरानी है। शहर में सीवर ओवरफ्लो गंभीर समस्या बनी हुई है। लीकेज होने के कारण 48 प्रतिशत पानी का लाइन लॉस होता है। 18 वार्डों में सीवर के साथ-साथ पेयजल की भी नई पाइपलाइन भी बिछने से लाइन लॉस पर लगाम लगना तय है। ऐसे में पेयजल आपूर्ति का प्रेशर भी बढ़ेगा। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि ये परियोजनाएं काशीवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। अमृत-2.0 के तहत स्वीकृत यह धनराशि शहर के विस्तारित क्षेत्रों की तस्वीर बदल देगी। विशेष रूप से रामनगर और सूजाबाद की जनता को अब सीवर और पेयजल की समस्या से मुक्ति मिलेगी।

सच्चे ज्ञानी की विशेषता
क्यों Kal Bhairav ने काटा Brahma का सिर? जानें ‘काशी के कोतवाल’ बनने की रहस्यमयी कथा
आज का राशिफल (8 अप्रैल 2026): करियर, धन और प्रेम में क्या कहती हैं आपकी सितारे
Betul Underbridge Traffic Problem: कुछ लाख बचाने के चक्कर में शहर परेशान: अंडरब्रिज बंद तो ओवरब्रिज पर बढ़ा दबाव, विकल्प की अनदेखी
Sandipani School MP: एमपी के सांदीपनि विद्यालयों में एडमिशन में भेदभाव! प्राइवेट और RTE छात्रों को नहीं मिल रहा प्रवेश