बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। ऐसा लगता है कि नगर पालिका की अधिकांश योजनाएं हवा-हवाई तरीके से ही बनती है। अब ऐसी ही एक हवा-हवाई प्लानिंग बस स्टैंड को लेकर की जा रही है। यदि नगर पालिका की योजना मूर्त रूप ले लेती है तो शहर का मेन बस स्टैंड शहर में या शहर के आसपास न होकर करीब 11 किलोमीटर दूर जामठी में होगा। ऐसा होता है तो बस स्टैंड से वापस आने और वहां तक पहुंचने में ही लोगों की हालत खराब हो जाएगी, वहीं खर्च भी काफी अधिक बढ़ जाएगा। 

अभी शहर का मेन बस स्टैंड कोठीबाजार क्षेत्र में स्थित है। यह बस स्टैंड सालों पहले बना था। उस समय के लिए तो यह पर्याप्त था, लेकिन समय के साथ-साथ बसों की संख्या खासी बढ़ गई है। इससे बसों के लिहाजसे यहां पर्याप्त जगह भी नहीं है। इसके अलावा बस स्टैंड जाने वाले मार्ग पर दोनों ओर दुकानें होने के कारण यह मार्ग भी काफी सकरा हो चुका है। इससे बस जैसे बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही में खासी परेशानी होती है। इन्हीं कारणों से नए बस स्टैंड की काफी समय से जरुरत महसूस हो रही है। शासन की भी नया और सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड बनाने की योजना है। 

गंज में आरक्षित रखी थी पहले जमीन 

नए बस स्टैंड के लिए नगर पालिका ने जगह भी आरक्षित कर ली थी। इसके लिए गंज क्षेत्र में मोक्षधाम के बगल में पीडब्ल्यूडी की पुरानी वर्कशॉप वाली जगह को चिन्हित करके रखा गया था। यह बात अलग है कि अब यहां बस स्टैंड बनाने के बजाय सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। ऐसे में बस स्टैंड के लिए दूसरी जगह तलाशी गई है। 

जामठी में बस स्टैंड बनाने की योजना

अब नगर पालिका ने जामठी के पास बस स्टैंड के लिए साढ़े 10 एकड़ जमीन देखी है। इसमें से साढ़े 5 एकड़ में फायर स्टेशन और 5 एकड़ में बस स्टैंड बनाने की योजना है। पिछले दिनों सीएमओ, उद्योग अधिकारी और पटवारी ने इस जमीन का मुआयना कर इसे बस स्टैंड के लिए उपयुक्त पाया है। अब यह जमीन बस स्टैंड के लिए प्रशासन से मांगने की तैयारी है। 

आवाजाही में होगी खासी मुश्किल 

यदि वहां पर बस स्टैंड बनता है तो यह शहर से थोड़ा-बहुत नहीं बल्कि करीब 11-12 किलोमीटर दूर होगा। ऐसे में वहां आना-जाना बड़ा परेशानी भरा हो जाएगा। ऑटो चालकों की इससे जरुर मौज हो जाएगी। वे मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूलने लगेंगे। स्थिति यहां तक बनेगी कि बस से आने-जाने में जितना किराया नहीं लगेगा, उससे ज्यादा बस स्टैंड से घर आने या घर से बस स्टैंड जाने में लग जाएगा। रात में आवाजाही में और ज्यादा मुश्किल होगी। खासतौर से महिलाओं को अकेले बस स्टैंड जाने या वहां से आने में खासी परेशानी का सामना करना होगा। रात में तो वे आ-जा ही नहीं पाएंगी। 

आईएसबीटी चल जाएगा, साधारण बस स्टैंड नहीं 

इन्हीं सब कारणों से लोग जामठी में बस स्टैंड बनाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि जामठी में आईएसबीटी (इंटर स्टेट बस टर्मिनल) भले ही बना दिया जाएं, लेकिन शहर का मेन बस स्टैंड वहां बनाना किसी भी नजरिए से ठीक नहीं है। आईएसबीटी में अन्य राज्यों के लिए या बड़े शहरों के लिए चलने वाली बसें ही ठहरेगी और ऐसी सवारियां बहुत कम रहती है। इसलिए उसमें कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन मेन बस स्टैंड से रोजाना हजारों लोग यात्रा करते हैं, इसलिए वह शहर में या शहर के आसपास ही होना चाहिए। 

वर्तमान बस स्टैंड का विस्तार भी संभव

ऐसा नहीं है कि वर्तमान बस स्टैंड का विस्तार करना बिल्कुल ही असंभव है। अभी बस स्टैंड के पीछे काफी जगह खाली पड़ी है। बताया जाता है कि यह जगह उद्यानिकी विभाग की है। विभाग का इस जमीन को लेकर फिलहाल कोई प्लान भी नहीं है और न ही वह लंबे समय से इसका उपयोग कर रहा है। अभी भी इस जगह पर बसें ही खड़ी रहती है। ऐसे में इस जगह पर बस स्टैंड का विस्तार कर आसानी से व्यवस्थित बड़ा बस स्टैंड बनाया जा सकता है। इसके अलावा बस स्टैंड पहुंच मार्ग की दुकानों को तालाब के पास शिफ्ट किया ही जा रहा है। इससे रास्ता भी चौड़ा हो जाएगा। इसलिए नगर पालिका इस दिशा में प्रयास करें तो बेहतर होगा।