Betul Krishi Upaj Mandi News: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शासन द्वारा कृषि उपज मंडी की शुरूआत तो किसानों की सुविधा के लिए की गई है, लेकिन यहां सबसे अधिक परेशान किसान ही होता है। बैतूल कृषि उपज मंडी में उपज लाने से लेकर उपज बेचने तुलाई करने, भुगतान लेने तक हर जगह किसानों का शोषण होता है, लेकिन इनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। कुछ किसानों द्वारा हिम्मत करके मंडी प्रबंधन से शिकायत भी की जाती है तो मंडी प्रबंधन संबंधित पर कार्रवाई करने के बजाए समझाइश देने पर अधिक विश्वास करता है।

बैतूल कृषि उपज मंडी में तो हम्मालों का राज चलता है। किसानों से खुलेआम रुपयों की मांग की जाती है। नहीं देने पर उपज की तुलाई ही नहीं की जाती है। गुरूवार को भी हम्मालों ने एक किसान से मक्का नापने के लिए 1500 रुपए मांगे किसान 5 सौ रुपए दे रहा था तो हम्मालों ने किसान की मक्का नहीं नापी, उलटे किसान पर अभद्र भाषा का उपयोग करने का आरोप लगा दिया। इतना हीं नहीं शुक्रवार को सुबह से काम भी बंद कर दिया। मंडी में व्यापारियों ने भी हम्मालों के काम बंद करने से गेहूं और मक्का की नीलामी नहीं की। अधिकारियों की समझाइश के बाद शुक्रवार दोपहर तीन बजे मक्का की नीलामी शुरू हुई। इसके बावजूद मंडी प्रबंधन द्वारा हम्मालों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की।

कृषि उपज मंडी में मक्का बेचने आए किसान गोलू हारोड़े ने बताया कि वे गुरुवार को मक्का लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन शुक्रवार तक उसकी तुलाई नहीं हो सकी। उनका आरोप है कि हमालों ने तुलाई के लिए 1500 रुपये की मांग की और इंकार करने पर काम रोक दिया। उन्होंने किसी भी तरह की गाली-गलौज से इनकार किया। वहीं, हमाल अशोक कवड़े ने आरोप लगाया कि किसान ने पहले अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसके कारण हमालों ने काम बंद किया।

व्यापारियों ने भी नहीं लगाई बोली

मंडी सचिव सुरेश परते ने बताया कि हम्मालों ने किसानों और व्यापारियों से गाली-गलौज किए जाने की शिकायत की है, जिसके विरोध में उन्होंने काम बंद कर दिया। व्यापारियों ने भी विवाद की स्थिति को देखते हुए बोली में भाग नहीं लिया, जिससे दोपहर लगभग 3 बजे तक मंडी में सिर्फ सोयाबीन की ही नीलामी हो पाई। व्यापारियों ने मक्का और गेहूं की नीलामी नहीं की।

5 घंटे बाद शुरू हुई नीलामी

कृषि उपज मंडी बैतूल में मक्का की नीलामी सुबह 10 बजे से शुरू होती है। शुक्रवार को हम्मालों और किसान के विवाद के बाद व्यापारियों ने मंडी में मक्का और गेहूं की नीलामी शुरू नहीं की। शनिवार और रविवार को अवकाश रहने के चलते किसानों को सोमवार तक मंडी में रूकना पड़ता इसे देखते हुए तहसीलदार पूनम साहू और मंडी प्रबंधन ने दोनों पक्षों से बातचीत कर समझाइश दी। इसके बाद दोपहर 3 बजे से मक्का और गेहूं की नीलामी शुरू की गई, जो शाम तक चली।