Mahashivratri Abhishek Vidhi: महाशिवरात्रि पर केवल जल से अभिषेक भी फलदायक, श्रद्धा भाव ही सबसे बड़ा पूजन
Mahashivratri Abhishek Vidhi: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस पर्व पर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक का सर्वाधिक महत्व है। यह अभिषेक यदि विधिपूर्वक किया जाए तो इसके प्रचुर लाभ प्राप्त होते हैं। शिवरात्रि के अवसर पर हम प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कांतु दीक्षित से जानेंगे कि महाशिवरात्रि पर्व पर अभिषेक का क्या महत्व है, अभिषेक किस समय पर करना सर्वोत्तम होता है और इसे किस तरह से करने से यह फलदायक होता है?
'राष्ट्रीय जनादेश' से चर्चा में पंडित कांतु दीक्षित बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव जी के अभिषेक का बड़ा महत्व है। अभिषेक त्रापतय विनाशक है। यह मनुष्य की मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला, आरोग्य, आयु, यश आदि वर्धन एवं शांति प्राप्त करने का भक्तिपूर्ण साधन है। यह ग्रहों से होने वाली पीड़ाओं से मुक्ति पाने का सर्वोत्तम माध्यम है। पंडित दीक्षित का इस बारे में कहना है कि अभिषेक को शिव आराधन, पंचाक्षरी मंत्र जाप, महामृत्युंजय जप के जरिए किया जा सकता है। अभिषेक जल से, दूध से, पवित्र नदियों के जल से या पंचामृत से श्रद्धानुसार किया जा सकता है।

शिवजी आशुतोष हैं, तुरंत होते प्रसन्न
अभिषेक सामान्य रूप से या रूद्र अष्टधायी से किया जाता है। यदि सामान्य रूप से केवल जल से भी अभिषेक किया जाए तो भी यह उतना ही शुभ फलदायक होता है। इसकी वजह यह है कि शिवजी आशुतोष हैं, वे तुरंत प्रसन्न होने वाले हैं। यही कारण है कि उनकी पूजा-अर्चना व अभिषेक में विधि से ज्यादा श्रद्धा भाव विशेष महत्व रखता है। बेल पत्र अर्पित करते हुए भी श्रद्धा भाव का बेहद महत्व है।
शिवरात्रि पर किस समय करें अभिषेक
समय के संबंध में वे बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर अभिषेक किसी भी समय किया जा सकता है। शिवरात्रि पर रात्रि में और संध्या काल में भी अभिषेक किया जा सकता है। प्रदोष काल आदि इसके लिए सर्वोत्तम होता है। शिवरात्रि के अलावा अन्य समय में भी अभिषेक किया जा सकता है। इसके लिए सोमवार, प्रदोष, द्वितीय, पंचमी पर विशेष शुभ होता है।
मनोकामनाएं पूरी करने यह उपाय करें
पं. दीक्षित बताते हैं कि अपनी विशेष मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए बेल पत्र पर चंदन से श्रीराम लिख कर शिवलिंग पर अर्पित किया जाता है। तुरंत मिट्टी से बनाए गए पार्थिव शिवलिंग का भी अभिषेक किया जाता है। इस पार्थिव शिवलिंग की उपासना भी की जाती है।

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